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Tuesday , 26 September 2017
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अमित और स्मृति की जीत तय, बाघेला ने नहीं दिया पटेल को वोट, तीसरी सीट के लिए घमासान

  • pixlr_20170808083603045_20170808085631118जयपुर, (प्रेम शर्मा) : देश में राज्य सभा सदस्यों का चयन हो रहा है, मतदान शुरू हो चुका है जो शाम 5 बजे तक चलेगा और 6 बजे मतगणना शुरू होने के साथ 7 बजे तक परिणाम सामने आ जाएंगे। गुजरात में सबसे रोचक मुकाबला है। भाजपा से अमित शाह, स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह राजपूत मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस से सोनिया गांधी के पॉलिटिकल एडवाइजर अहमद पटेल मैदान में पाला दे रहे हैं और उनकी राह जीत के प्रतिमुश्किल नजर आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए बलवंत राजपूत को बीजेपी ने अपना राज्यसभा उम्मीद्वार बनाया है। जिसके चलते क्रांस वोटिंग का gt.eडर सता रहा है। पिछले दिनों कांग्रेस के 6 विधायकों के का पार्टी से इस्तीफा देने के बाद शेष रहे 44 विधायकों को बेंगलुरु भेजा गया था, वे सभी सोमवार को लौट आए। उन्हें आनंद के एक रिसोर्ट में रूकवाया गया है। राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पटेल ने अपनी जीत का दावा किया है, जबकि वोट डालकर आने के बाद शंकर सिंह बाघेला ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने अहमद पटेल को वोट नहीं किया और इसका उन्हें अफसोस है। ऐसे हालात के चलते गुजरात की उठा-पटक में तीसरी सीट भी भाजपा के खाते में जाती नजर आ रही है,हालांकि एक वोट से गुजरात की हारजीत तय है और चल रही वोटिंग के बीच हो रही बगावत के बावजूद कांग्रेस अहमद पटेल को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है।
    क्योकिं कांग्रेस के पास 51 विधायक बचे हैं : कांग्रेस से 6 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब 57 की जगह 51 विधायक बचे हैं। फू ट के बाद पार्टी को अपने 44 विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट करना पड़ा था। 7 विधायक गुजरात में ही रहे, लेकिन वे सामने नहीं आए।
    ये है समीकरण : गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं, 6 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी है,सभी विधानसभा से भी इस्तीफा दे चुके हैं। अब असेंबली में 176 सदस्य शेष बचे हैं, बीजेपी के 121 विधायक हैं। वहीं, कांग्रेस के पास 51 विधायक हैं। ऐसे में अगर कांग्रेस के विधायकों ने फि र क्रांस वोटिंग की तो पटेल के लिए 46 वोट तक पहुंचना भी मुश्किल होगा। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों ने एनडीए कैंडिडेट रामनाथ कोविंद के सपोर्ट में वोटिंग की थी। देर शाम एनसीपी के दो विधायक ने बीजेपी को सपोर्ट करने की बात कही। पहले ये पटेल के साथ होने की बात कर रहे थे। गुजरात परिवतज़न पार्टी के टिकट पर जीते बीजेपी के बागी विधायक कांग्रेस को सपोर्ट कर सकते हैं।
    जीत के लिए 45 वोट चाहिए : स्टेट इलेक्शन कमीशन के ऑफिशयल्स के मुताबिक, एक कैंडिडेट को जीत के लिए कुल वोट (176) के एक चौथाई से एक वोट ज्यादा चाहिए। यानी 44 से एक ज्यादा वोट चाहिए। इस हिसाब से 45 वोट की जरूरत होगी। बता दें कि इस चुनाव में एक वोट की वैल्यू एक है। यानी 176 विधायकों के 176 वोट हुए।
    भाजपा को चाहिए 3 सीट के लिए 14 वोट : अमित शाह और स्मृति ईरानी का 45-45 वोट के साथ जीतना तय है। मगर, तीसरे कैंडिडेट बलवंत सिंह राजपूत के पास सिर्फ 31 वोट रह जाते हैं। उन्हें जीतने के लिए 14 वोट और चाहिए।
    क्या होगा जब बलवंत राजपूत और पटेल को नहीं मिलेंगे 45 वोट? : अगर पहले राउंड में बीजेपी कैंडिडेट बलवंत सिंह राजपूत और कांग्रेस के अहमद पटेल को 45 वोट नहीं मिले, तब सेकंड प्रिफेंशियल वोट की काउंटिंग होगी। बता दें कि राज्यसभा चुनाव में एक वोटर को कैंडिडेट्स को फस्र्ट प्रिफ रेंस, सेकंड प्रिफ रेंस और थर्ड प्रिफ रेंस… देकर अपनी पसंद बतानी होती है।
    इन सीटों पर चुने जा चुके हैं सांसद :
    – गोवा से एक सीट खाली थी। बीजेपी के विनय तेंडुलकर ने कांग्रेस के शांताराम नाइक को हराया था।
    – मध्य प्रदेश से एक सीट अनिल माधव दवे के निधन की वजह से खाली थी। बीजेपी की संपतिया उइके निविज़्रोध चुनी गईं।
    – बंगाल में तृणमूल से डेरेक ओ ब्रायन, सुखेंदु शेखर रे, शांता छेत्री, डोला सेन और मानस रंजन भुनिया मैदान में थे। कांग्रेस से प्रदीप भट्टाचार्य चुनाव मैदान में थे। पांच सीटों पर तृणमूल और एक पर कांग्रेस उम्मीदवार को निर्विरोध जीत मिली। सीपीआई (एम) के सीनियर लीडर बिकाश रंजन भट्टाचार्य का नॉमिनेशन इलेक्शन कमीशन ने रद्द कर दिया था। इसके साथ ही राज्यसभा के 60 साल के इतिहास में यह पहला मौका था, जब बंगाल की लेफ्ट पार्टी से राज्यसभा चुनाव में एक भी कैंडिडेट नहीं था।
    – बता दें कि वेस्ट बंगाल से इन मेंबर्स का टेन्योर 18 अगस्त को खत्म हो रहा है। डेरेक ओ ब्रायन (टीएमसी), देबब्रत बंधोपाध्याय (टीएमसी), प्रदीप भट्टाचायज़् (कांग्रेस), सीताराम येचुरी (सीपीएम), एस. रॉय (टीएमसी) और डोला सेन (टीएमसी)।
    अभी ये है राज्यसभा की स्थिति
    पार्टी सीटें
    बीजेपी 58
    कांग्रेस 57
    सपा 18
    एआईएडीएमके 13
    टीएमसी 12
    अन्य दल 85
    10 बाकी दलों की ये है स्थिति:बीजेडी 8, सीपीआईएम 8, नॉमिनेटेड 8, टीडीपी 6, इंडिपेंडेंट और अन्य 6 हैं। बीएसपी के पास 5, एनसीपी 5, डीएमके 4, टीआरएस 3, आरजेडी 3, शिवसेना 3, एसएडी 3, पीडीपी 2, जेडीएस 1, जेएमएम 1, केरला कांग्रेस (एम) 1, इंडियन नेशनल लोक दल 1, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग 1, सीपीआई 1, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 1, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट 1, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया 1, नगा पीपुल्स फ्रंट 1 और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी 1।
    2018 में इस तरह बदलेगी राज्यसभा की तस्वीर
    – 2018 में राज्यसभा की तस्वीर बदल जाएगी, क्योंकि 19 राज्यों में राज्यसभा चुनाव होंगे। सबसे ज्यादा फायदा उत्तरप्रदेश से होगा। इस राज्य में बीजेपी-एनडीए को 10 में से 8 सीट मिल सकती हैं। इस तरह 7 सीट का फायदा होगा।
    – इसके अलावा बीजेपी को आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और उत्तराखंड से राज्यसभा सीट मिल सकती हैं। वहीं, बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों में नुकसान हो सकता है। इस तरह बीजेपी/एनडीए के खाते में 11 सीट जाएंगी, वहीं यूपीए को 11 सीट मिलेंगी।
    – 2017 में गुजरात और हिमाचल में असेंबली चुनाव है। इनके रिजल्ट भी राज्यसभा के नंबर पर असर डालेंगे। वहीं, 2018 में चार नॉमिनेटेड मेंबर भी रिटायर हो रहे हैं। बीजेपी को अपनी पसंद के मेंबर लाने का मौका होगा।

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