authentic sports jerseys cheap
cheap authentic stitched nfl jerseys
Thursday , 24 May 2018
Breaking News

क्या है अनुच्छेद 35A? जिससे कश्मीरियों को मिलता है अलग से अधिकार – आज तक

सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 35A को लेकर अहम सुनवाई होने जा रही है. लेकिन इससे पहले 35A हटाने की बात भर से ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं. अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने इसे लेकर रविवार को खुली चेतावनी दी. हुर्रियत ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अनुच्छेद 35A के खिलाफ आता है, तो घाटी में इसके खिलाफ विद्रोह किया जाएगा. ऐसे में जानिए आखिर क्‍या है ये अनुच्छेद 35A, जिससे जम्मू-कश्मीर के लोगों को अलग से अधिकार मिलता है.

क्या है अनुच्छेद35A?

अनुच्छेद 35A, जम्मू-कश्मीर को राज्य के रूप में विशेष अधिकार देता है. इसके तहत दिए गए अधिकार ‘स्थाई निवासियों’ से जुड़े हुए हैं.  इसका मतलब है कि राज्य सरकार को ये अधिकार है कि वो आजादी के वक्त दूसरी जगहों से आए शरणार्थियों और अन्य भारतीय नागरिकों को जम्मू-कश्मीर में किस तरह की सहूलियतें दे अथवा नहीं दे.

कब जुड़ा अनुच्छेद 35A?

अनुच्छेद 35A, 14 मई 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने एक आदेश पारित किया था. इस आदेश के जरिए भारत के संविधान में एक नया अनुच्छेद 35A जोड़ दिया गया.

नहीं खरीद सकते जमीन

अनुच्छेद 35A, धारा 370 का ही हिस्सा है. इस धारा के कारण दूसरे राज्यों का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में ना तो संपत्ति खरीद सकता है और ना ही वहां का स्थायी नागरिक बनकर रह सकता है.

जम्‍मू-कश्‍मीर का संविधान?

जम्मू कश्मीर का संविधान 1956 में बनाया गया था. इस संविधान के मुताबिक स्थायी नागरिक वो व्यक्ति है जो 14 मई 1954 को राज्य का नागरिक रहा हो या फिर उससे पहले के 10 वर्षों से राज्य में रह रहा हो. साथ ही उसने वहां संपत्ति हासिल की हो.

खत्म हो जाते हैं लड़कियों के अधिकार

अनुच्छेद 35A के मुताबिक अगर जम्मू-कश्मीर की कोई लड़की किसी बाहर के लड़के से शादी कर लेती है तो उसके सारे अधिकार खत्म हो जाते हैं. साथ ही उसके बच्चों के अधिकार भी खत्म हो जाते हैं.

संविधान में  नहीं जिक्र

संविधान के अनुच्छेद 35A को 14 मई 1954 में राष्ट्रपति के आदेश से संविधान में जगह मिली थी. संविधान सभा से लेकर संसद की किसी भी कार्यवाही में, कभी अनुच्छेद 35A को संविधान का हिस्सा बनाने के संदर्भ में किसी संविधान संशोधन या बिल लाने का जिक्र नहीं मिलता है. अनुच्छेद 35A को लागू करने के लिए तत्कालीन सरकार ने धारा 370 के अंतर्गत प्राप्त शक्ति का इस्तेमाल किया था.   

क्‍यों उठी हटाने की मांग?

इस अनुच्छेद को हटाने के लिए एक दलील ये दी जा रही है कि इसे संसद के जरिए लागू नहीं करवाया गया था. दूसरी दलील ये है कि देश के विभाजन के वक्त बड़ी तादाद में पाकिस्तान से शरणार्थी भारत आए. इनमें लाखों की तादाद में शरणार्थी जम्मू-कश्मीर राज्य में भी रह रहे हैं. जम्मू-कश्मीर सरकार ने अनुच्छेद 35A के जरिए इन सभी भारतीय नागरिकों को जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासी प्रमाणपत्र से वंचित कर दिया. इन वंचितों में 80 फीसद लोग पिछड़े और दलित हिंदू समुदाय से हैं. इसी के साथ जम्मू-कश्मीर में विवाह कर बसने वाली महिलाओं और अन्य भारतीय नागरिकों के साथ भी जम्मू-कश्मीर सरकार अनुच्छेद 35A की आड़ लेकर भेदभाव करती है.

लोगों ने सुप्रीम कोर्ट खटकटाया दरवाजा

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में लोगों ने शिकायत की थी कि अनुच्छेद 35A के कारण संविधान प्रदत्त उनके मूल अधिकार जम्मू-कश्मीर राज्य में छीन लिए गए हैं, लिहाजा राष्ट्रपति के आदेश से लागू इस धारा को केंद्र सरकार फौरन रद्द किया जाए. ॉ

About editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*


Cool Cycling Jerseys For Sale
Puppy Coaching - Teaching Cheap Nfl Jerseys A Puppy To Accept His Collar And Leash
Sports Christmas Gifts For Teenage Boys
5 Can't Miss Baseball Gifts For Kids
How I Prepare For Penn State Home Football Games
Enjoy Football On Thanksgiving Day With Satellite Tv
Need And Significance Of Soccer Jerseys
Sports Fundraisers: 3 Easy Ideas
5 Can't Miss Baseball Gifts For Kids
Jacksonville Jaguars Jerseys - Show Your Colors Today
cheap jerseys
wholesale jerseys
cheap nfl jerseys
wholesale jerseys
cheap nba jerseys
wholesale nba jerseys
nba jerseys cheap
cheap jerseys