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Tuesday , 23 April 2019
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राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, तारीख और बेंच पर होगा फैसला – नवभारत टाइम्स

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मामले की सुनवाई की तारीख और बेंच पर फैसला करने की बात कही थी। उसी दिन केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा था कि केंद्र सरकार चाहती है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की सुनाई रोजाना के आधार पर हो।

नई दिल्ली

राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इसके साथ ही कोर्ट में उस पीआईएल पर भी सुनवाई होगी, जिसमें मामले में देरी पर सवाल उठाया गया है। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मामले की सुनवाई की तारीख और बेंच पर फैसला करने की बात कही थी। उसी दिन केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा था कि केंद्र सरकार चाहती है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की सुनाई रोजाना के आधार पर हो। शीर्ष अदालत में सुबह साढ़े दस बजे इस मामले पर सुनवाई होनी है। कोर्ट इस मामले पर अलग बेंच बनाने और रोजना सुनवाई पर फैसला कर सकती है।

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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट के सितंबर 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई के लिए तीन सदस्यीय जजों की पीठ गठित किए जाने की उम्मीद है। आपको बता दें कि यह सुनवाई ऐसे समय में होने जा रही है जब आम चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं और राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ तमाम संगठनों के द्वारा सरकार पर अध्यादेश लाने का दबाव है।

इस हफ्ते ही एएनआई को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा था कि राम मंदिर के संबंध में अध्यादेश लाया जाए या नहीं, इस पर फैसला कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं पर इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को धीमा करने का आरोप लगाया था। पीएम मोदी ने कहा था, ‘हमने अपने घोषणापत्र में कहा है कि राम मंदिर का समाधान संविधान की पृष्ठभूमि में खोजा जाएगा।’

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12 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जल्दी सुनवाई से इनकार कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वकील हरिनाथ राम ने एक पीआईएल दाखिल करते हुए सर्वोच्च न्यायालय से मांग की थी कि इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द हो। याचिकाकर्ता ने कहा था कि यह करोड़ों हिंदुओं की मान्यता से जुड़ा मामला है। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पिछले कई दशकों से अटका हुआ है।

सर्वोच्च अदालत ने पिछले साल 29 अक्टूबर को कहा था कि यह मामला जनवरी के प्रथम सप्ताह में उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध होगा, जो इसकी सुनवाई का कार्यक्रम निर्धारित करेगी। बाद में अखिल भारत हिंदू महासभा ने अर्जी दायर कर सुनवाई की तारीख पहले करने का अनुरोध किया था, जिससे कोर्ट ने इनकार कर दिया था। हिंदू महासभा इस मामले में मूल वादियों में से एक एम. सिद्दीक के वारिसों द्वारा दायर अपील में एक प्रतिवादी है।

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इससे पहले 27 सितंबर, 2018 को तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 2-1 के बहुमत से 1994 के एक फैसले में की गई टिप्पणी पांच जजों की पीठ के पास नए सिरे से विचार के लिए भेजने से इनकार कर दिया था। दरअसल, इस फैसले में टिप्पणी की गई थी कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है।


सियासत तेज


अनेक हिंदू संगठन विवादित स्थल पर राम मंदिर का जल्द निर्माण करने के लिए अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अंतिम होना चाहिए। वहीं, अतंरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने राम मंदिर मामले में देश के हिंदुओं का भरोसा तोड़ा है।

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए शिवसेना ने गुरुवार को कहा कि उसे इस बात पर ताज्जुब है कि अगर बीजेपी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं होगा तो कब होगा? पार्टी ने कहा कि अगर राम मंदिर का निर्माण 2019 चुनावों से पहले नहीं हुआ तो यह देश के लोगों को धोखा देने जैसा होगा जिसके लिए बीजेपी एवं आरएसएस को माफी मांगनी होगी।

संघ का अपना मत

नागपुर में एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, ‘हमारी भगवान राम में आस्था है और अयोध्या में राम मंदिर ही बनना चाहिए ऐसा मजबूत विश्वास है।’ आपको बता दें कि भैयाजी जोशी ने राम मंदिर को लेकर पीएम मोदी के बयान के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि आरएसएस अपने रवैये पर अडिग है कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए कानून पारित किया जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें पीएम मोदी के बयान के बारे में नहीं पता है लेकिन देश में हर कोई चाहता है कि राम मंदिर का निर्माण हो। पत्रकारों से बातचीत में भागवत ने साफ कहा कि वह आरएसएस महासचिव भैयाजी जोशी के बयान का समर्थन करते हैं, जो प्रधानमंत्री के इंटरव्यू के बाद आया था।

(एजेंसियों के इनपुट के साथ)

In Videos: अयोध्या विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाईपाइए भारत समाचार(india News in Hindi)सबसे पहले नवभारत टाइम्स पर। नवभारत टाइम्स से हिंदी समाचार (Hindi News) अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App और रहें हर खबर से अपडेट।

Web Title supreme court to hear ram janmabhoomi babri masjid title dispute case today

(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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