authentic sports jerseys cheap
cheap authentic stitched nfl jerseys
Wednesday , 27 March 2019
Breaking News

भास्कर इंटरव्यू/ जान गंवाने वाले पत्रकार के बेटे ने कहा- मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री कहते थे राम रहीम का कुछ नहीं बिगड़ेगा – Dainik Bhaskar

  • सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को रामचंद्र की हत्या का दोषी करार दिया
  • पत्रकार रामचंद्र ने ही साध्वियों से यौन शोषण का सबसे पहले खुलासा किया था
  • रामचंद्र के बेटे ने बताया- पंजाब के एक पूर्व मंत्री ने भी समझौते की सलाह दी थी

सिरसा (मनोज कौशिक). पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को गुरमीत राम रहीम समेत कुल चार आरोपियों को दोषी करार दिया। सजा 17 जनवरी को सुनाई जाएगी। रामचंद्र के बेटे अंशुल छत्रपति ने राम रहीम को फांसी की सजा सुनाई जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नेता उनके परिवार के लोगों या परिचितों से कहते थे कि राम रहीम से समझौता कर लो। नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर अंशुल ने कहा कि हरियाणा के एक पूर्व सीएम ने उनके पिता के एक मित्र से कहा था कि बाबा का कुछ नहीं बिगड़ेगा। पंजाब के एक पूर्व मंत्री ने भी समझौते की सलाह दी थी। लेकिन हमने कानूनी लड़ाई जारी रखी। अंशुल ने भास्कर प्लस ऐप से बातचीत में राम रहीम के खिलाफ 16 साल लंबी कानूनी लड़ाई के संघर्ष से जुड़ी बातें बताईं।

गुरमीत राम रहीम को बताया सबसे बड़ा गुनहगार


  1. क्या कभी गुरमीत राम रहीम ने आपको या परिवार को सीधी धमकी दी?

    ‘‘राम रहीम ने कभी भी हमें सीधी धमकी नहीं दी। हां, उसके गुर्गों ने गवाहों को लगातार धमकाने, डराने और सैटलमेंट कराने के लिए दबाव डाला।’’


  2. क्या कभी बड़े नेता, चर्चित हस्ती या परिवार के किसी सदस्य ने समझौता कराने की कोशिश की?

    ‘‘हां, एक बार पंजाब के एक पूर्व मंत्री ने हमारे रिश्तेदार को बुलाकर समझौता करने को कहा। उन्होंने मना कर दिया तो उस मंत्री का कहना था कि छत्रपति के परिवार का पहले ही बहुत कुछ बिगड़ चुका है। अब और न बिगड़े इसलिए उनसे कहो कि समझौता कर लें। इसके बाद हमारे पिता के दोस्त एक सरपंच को हरियाणा के एक पूर्व मुख्यमंत्री ने बुलाया और समझौते के लिए कहा। उन्होंने मना कर दिया। तब उस मुख्यमंत्री का कहना था कि जो मर्जी कर लो बाबा का कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। जब 2017 में साध्वी यौन शोषण मामले में बाबा को सजा हुई तो पूर्व मुख्यमंत्री की मौत हो चुकी थी। तब हमारे घर वही सरपंच आए और बोले कि यदि आज वो पूर्व सीएम जिंदा होते तो उन्हें दिखाता कि राम रहीम की क्या हालत है।’’


  3. हादसे के दिन क्या हुआ था?

    ‘‘24 अक्टूबर को करवाचौथ का दिन था। मां के मायके में किसी की मौत हो गई थी तो वे पंजाब गई हुई थीं। पिता उस दिन जल्दी घर आ गए। रात करीब सवा 8 बजे हम खाना खाने की तैयारी कर रहे थे कि बाहर से किसी ने पिता को आवाज दी। वे बाहर गए तो उनके पीछे-पीछे हम भी चले गए। बाहर खड़े दो युवकों में से एक ने फायरिंग शुरू कर दी। वे फायर करके भाग निकले और पिता वहीं गिर गए। वे एक बार उठे और फिर दरवाजे के बाहर आकर गिर गए। उन्हें अस्पताल ले गए, जहां हालत खराब होने की वजह से रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।’’ 


  4. सीबीआई और पुलिस की जांच में क्या भूमिका रही?

    ‘‘2003 में यह केस सीबीआई के हवाले हुआ। राम रहीम बहुत प्रभावशाली व्यक्ति था। उसने केंद्र तक दबाव डलवाकर सीबीआई जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। सीबीआई के तीन नोटिस के बावजूद राम रहीम दिल्ली में पूछताछ के लिए पेश नहीं हुआ। आखिर में सीबीआई को खुद सिरसा आना पड़ा। यहां भी सीबीआई पर कई तरह की शर्तें लगा दी गईं। लेकिन, सीबीआई ने सभी शर्तें दरकिनार करते हुए जांच की और 2007 में चालान पेश किया। वहीं पुलिस ने गोली लगने के बाद गवाही में राम रहीम का नाम चार्जशीट से हटा दिया था। सरकार के दबाव में आनन-फानन में चार्जशीट पेश कर सिरसा कोर्ट में ट्रायल शुरू करवा दिया। पुलिस ने हर कदम पर हमें निराश ही किया।’’


  5. आपकी नजर में राम रहीम, कुलदीप, निर्मल और किशनलाल में से सबसे बड़ा दोषी कौन है?

    ‘‘कुलदीप और निर्मल शूट करने आए थे। किशन लाल की लाइसेंसी रिवाॅल्वर का इस्तेमाल हुआ था। ये लोग तो महज एक जरिया थे। ये सभी डेरे के अंदर रहते थे, श्रद्धालु थे। उनकी बाबा में श्रद्धा थी। असल में गुरमीत राम रहीम ने उन्हें अपने लिए इस्तेमाल किया। बड़ा दोषी गुरमीत राम रहीम है। कुलदीप और निर्मल की मेरे पिता से कोई दुश्मनी नहीं थी। हां, यह एक साजिश के तहत हुआ, इस वजह से भागीदार वे भी हैं।’’


  6. राम रहीम तो पहले ही 20 साल की सजा काट रहा है, इस फैसले से उस पर क्या फर्क पड़ेगा?

    ‘‘बाबा पर बहुत फर्क पड़ेगा। हौसले की डोर है, वो टूट जाएगी। राम रहीम में जो थोड़ा बहुत हौसला बचा है, वो भी टूट जाएगा। 2017 में साध्वी यौन शोषण मामले का फैसला आया तो डेरा सच्चा सौदा धाराशायी हो गया। इसे धाराशायी होता देख गुरमीत राम रहीम की मैनेजमेंट को बहुत कष्ट हुआ। कोर्ट के हथोड़े की दूसरी चोट से इनका नेटवर्क भी धाराशायी हो जाएगा। आज भी डेरा मैनेजमेंट समर्थकों को ये लॉलीपॉप दे रहे हैं कि बाबा जल्द बाहर आ जाएंगे। अब उनका नाता भी टूट जाएगा और उम्मीद की आखिरी किरण भी धूमिल हो जाएगी।’’


  7. 16 साल लंबी लड़ाई कैसे लड़ी, क्या कभी नहीं लगा कि पीछे हट जाना चाहिए?

    ‘‘ये लड़ाई लंबी जरूर थी, लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि पीछे हट जाना चाहिए। जब हमने संघर्ष शुरू किया तो मेरे 13 साल के भाई ने राम रहीम पर पहली एफआईआर दर्ज करवा दी थी। पत्रकारों से लेकर आम लोगों ने राम रहीम के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। हमें लगा कि जब बिना स्वार्थ के ये लोग इतनी लड़ाई लड़ सकते हैं, हम तो फिर उनके बेटे थे। इस लड़ाई में वकील, सीबीआई, मीडिया और परिवार ने साथ दिया, तभी यह लड़ाई लड़ सका।’’




About editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Support Your Team With Mlb Dog Apparel And Accessories
Choosing The Actual Ways To Protect Your Precious Authentic Nfl Jerseys
Cheap Wholesale Nfl Jerseys Are Most Beneficial Choice
Show Your Support By Steelers Jerseys
5 Approaches To Wear Cool Soccer Jerseys For Women
Kids Jersey Right Choice Is Likely To Make Improvements As Game
All Types Of Nfl Jerseys
Al Davis, Raiders Football Synonymous With Black Culture
Green Bay Packers Jerseys For All Of The Fans
Football Jerseys Hunt
cheap jerseys
wholesale jerseys
cheap nfl jerseys
wholesale jerseys
cheap nba jerseys
wholesale nba jerseys
nba jerseys cheap
cheap jerseys