विजयगढ़ दुर्ग की सुरक्षा चौकियों से किया जाता था दुश्मनों पर वार, बारिश के कारण हुईं ध्वस्त

मनीष पुरी/भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर में कई ऐतिहासिक जगह हैं. हर जगह का एक अलग इतिहास और कहानी है. भरतपुर के बयाना के पहाड़ के ऊपर भीतर बाड़ी बस्ती की ओर ऐतिहासिक एक प्राचीन इमारत भी है. इस इमारत को ऐतिहासिक छतरी के रूप में पहचाना जाता है. इतिहासकारों के अनुसार यह इमारत कभी शिवालय मंदिर हुआ करती थी, जिसमें शिवलिंग के अवशेष कुछ दशकों पूर्व तक देखे गए हैं.
तेज बारिश से हुआ धवस्त भरतपुर क्षेत्र में पड़ी तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने ऐसी तबाही मचाई कि इस पहाड़ के ऊपर बनी ऐतिहासिक महत्व की प्राचीन इमारत गिरकर ध्वस्त हो गई. इस इमारत को ऐतिहासिक छतरी के रूप में पहचाना जाता है. यह छतरी भरतपुर के बयान में बने ऐतिहासिक किले पर बनी हुई थी. इस छतरी को ऐसी जगह पर बनवाया गया था, जहां से पूरा बयाना शहर दिखाई देता था. पर तेज आई बारिश और तूफान ने इस छतरी को ध्वस्त कर दिया.
सुरक्षा चौकी के नाम से जाता था जानातो वहीं कुछ लोगों का और इतिहास के जानकारों का यह भी बताना है कि बयाना के पहाड़ पर बने विश्व विख्यात और सबसे प्राचीन व सबसे बड़े पहाड़ी किला, जिसे विजयगढ़ दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है. उसके परकोटा की दीवारें दूर-दूर तक इस पहाड़ पर फैली हुई है. इन पर जगह-जगह सुरक्षा चौकियां के रूप में ऐसी इमारतें बनाई गई थीं. इस लिए इसको सुरक्षा चौकी के नाम से भी जाना जाता है. सैनिक यहां तैनात रहकर किले की सुरक्षा किया करते थे.
महाराज विजयपाल ने बनवाई थी इमारत लेकिन अब यह प्राचीन ऐतिहासिक इमारत तूफानी बारिश की चपेट में आकर ध्वस्त हो गई है. इतिहास के जानकार बताते हैं कि इस इमारत को 11वीं शताब्दी में महाराजा विजयपाल ने बनवाया था. विजयपाल मथुरा के यादव वंशीय जादौन राजपूत थे, जिन्होंने अपनी राजधानी बयाना को बनाया और बयाना किले का निर्माण भी करवाया. बता दें की पुरातत्व व ऐतिहासिक महत्व की ऐसी काफी इमारतें बयाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में हैं.
FIRST PUBLISHED : July 1, 2024, 10:29 IST