इस हरी सब्जी से किसान कमा लेता है 80 हजार रुपए महीना, भरपूर मात्रा में होता है आयरन और प्रोटीन

निखिल स्वामी/बीकानेर. बीकानेर हरी सब्जियों का खजाना है. यहां कई तरह की हरी पत्तेदार की खेती होती है. यहां कई हरी सब्जी है जिसकी खेती कर यहां के लोग काफी मालामाल हो रहे है. ऐसी ही एक सब्जी है जिसकी डिमांड पूरे सालभर रहती है. हम बात कर रहे हरी सब्जियों में प्रमुख पालक की. बीकानेर का पालक काफी प्रसिद्ध है. इस पालक की डिमांड इतनी है कि इन बाड़ियों से लोग आकर पालक ले जाते है. इसके अलावा यह पालक कई बार डिमांड ज्यादा होने पर दूसरे शहरों में भी जाता है.
पालक की 40 सालों से खेती कर रहे हनुमान गहलोत ने बताया कि बीकानेर के गंगाशहर स्थित सलामनाथ धोरा के पास शुद्ध पानी से पालक की खेती होती है. यहां के पालक की डिमांड इतनी ज्यादा है कि यहां पर पालक की खपत ज्यादा हो जाती है. राजा महाराजा भी इन इलाकों के पालक को खाना काफी पसंद करते थे. इन बाडियो के पालक की डिमांड इतनी ज्यादा है कि लोग इन बाड़ियों में आकर पालक ले जाते है.
वे 40 से 60 रुपए किलो बेचते है. इस पालक की अगस्त में बिजाई होती है. यह अप्रैल और मई तक उगता है. 4 से 5 बीघा में दो से तीन बार उगाते है. एक बार पालक में 20 हजार की कमाई होती है. जो तीन बार पालक काटने पर 50 हजार की कमाई होती है. शुद्ध पानी के 20 बीघा में पालक की खेती होती है.
तीन बार में निकालते है पालक
पालक उगने पर तीन बार निकाला जाता है. पहली बार में तो जब पालक के छोटे पत्ते होते है तो उन्हें तोड़कर बेचा जाता है जो काफी महंगे बिकते है. यह 60 रुपए किलो तक बिकते है. उसके बाद करीब जब पालक के पत्ते थोड़े बड़े यानी माध्यम आकार के होते है तो फिर उन्हे तोड़ लिया जाता है जो 50 रुपए किलो तक बिकते है. इसके बाद पालक जब पत्ते बड़े हो जाते है तो 40 से 45 रुपए किलो तक बिकते है.
20 दिन में पूरी तरह उग जाता है पालक
पालक की बिजाई होने पर करीब सात दिनों में पौध तैयार हो जाती है और छोटे पत्ते आने शुरू हो जाते है. पालक को पूरी तरह उगने में 20 दिन का समय लगता है.
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FIRST PUBLISHED : October 20, 2023, 18:26 IST