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खाटूश्यामजी का कच्चे दूध से क्या है संबंध, क्यों लगाया जाता है उन्हें इसका भोग? पढ़ें दिलचस्प कहानी

राहुल मनोहर.

सीकर. प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में हर दिन लाखों भक्त अपनी मनोकामना लेकर बाबा श्याम के दरबार में पहुंचते हैं. श्याम के दरबार में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हरियाणा सहित देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं. बाबा श्याम को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग तरह की मिठाइयां श्याम मंदिर में जाकर चढ़वे के रूप में चढ़ाई जाती है. लेकिन क्या आपको पता है कि बाबा श्याम को किस तरह की मिठाई सबसे ज्यादा पसंद है और कौन सी मिठाई से मंदिर के पुजारियों द्वारा बाबा श्याम को भोग लगाया जाता है.

बाबा श्याम को मंदिर में भोग आरती के दौरान उनकी पसंदीदा चीजों का भोग मुख्य रूप से लगाया जाता है. उनकी इन पसंदीदा मिठाइयों के बाद ही बाबा श्याम की आरती और भोग संपूर्ण मानी जाती है. बाबा शाम को सबसे अधिक प्रिय चीज कच्चा दूध है. मंदिर में आरती के दौरान बाबा श्याम को मुख्य रूप से गाय के कच्चे दूध का भोग जरूर लगाया जाता है. बाबा श्याम गाय के कच्चे दूध को ही ग्रहण करते हैं. इसका कारण कई किवदंतियां हैं. किवदंति है कि बाबा श्याम का शीश श्याम कुंड से निकला था. श्याम का शीश प्रकट नहीं होने से पहले श्याम कुंड वाली जगह पर हरा भरा जंगल हुआ करता था. वहां एक ग्वाला रोजाना आकर अपनी गायें चराया करता था.

वहां पर रोजाना एक गाय एक पेड़ के पास जाकर स्वतः ही दूध की धारा निकालती थी. ऐसे में ग्वाला को हैरानी हुई तो वहां खुदाई की गई. खुदाई के दौरान बाबा श्याम का शीश प्रकट हुआ. माना जाता है कि खाटूश्यामजी में बाबा श्याम ने सबसे पहले गाय के दूध के प्रसाद को ग्रहण किया था. इसलिए उन्हें सबसे पहले गाय के कच्चे दूध का भोग लगाया जाता है जो उन्हें सबसे अधिक प्रिय है.

मुख्य आयोजन पर खीर चूरमे का लगता है भोग
बाबा श्याम को खीर चूरमा भी अत्यधिक पसंद है. खाटूश्याम जी मंदिर में मुख्य आयोजन और ग्यारस के अवसर पर खीर और चूरमे का भोग जरूर लगाया जाता है. भोग के लिए बनने वाली खीर में केवल गाय के दूध का ही प्रयोग किया जाता है. इसका कारण यह है कि राजस्थान की मुख्य पहचान चूरमा है और बाबा श्याम को दूध से बने पदार्थ अधिक पसंद है. राजस्थान में बाबा श्याम प्रकट हुए तो मंदिर के पुजारी द्वारा उन्हें प्रसन्न करने के लिए राजस्थानी चूरमा व उनकी मनपसंद दूध से बनी खीर का भोग लगा गया था. बाबा श्याम के लिए बनने वाली खीर में काजू, बादाम और किशमिश भी डाले जाते हैं.

दूध से बने पेड़े अत्यधिक पसंद
बाबा श्याम को भोग के रूप में दूध से बने मावे के पेड़े का भोग भी लगाया जाता है. खाटूश्याम जी मंदिर परिसर में दूध से बने पेड़े की मिठाइयों की दुकान आसानी से देखी जा सकती है. भक्त भी बाबा शाम को प्रसन्न करने के लिए पेड़े का चढ़ावा मंदिर में जाकर चढ़ाते हैं. इसके अलावा घर में व्रत व भोग लगाते समय भी मिश्री मावा व दूध से बने पेड़े का भोग ही बाबा श्याम को लगाया जाता है. सामान्यतः अधिकांश बार बाबा श्याम को इन्हीं पेड़ों का भोग मंदिर के पुजारी द्वारा लगाया जाता है.

बाबा से सच्चे मन से मांगी हुई हर मुराद पूरी होती है
आप भी बाबा शाम को प्रसन्न करने के लिए अपने घर पर ही बाबा श्याम को कच्चा दूध, खीर चूरमा और दूध से बने पेड़ों का भोग लगा सकते हैं. माना जाता है कि बाबा श्याम से सच्चे मन से मांगी हुई हर मुराद पूरी होती है तो आप भी बाबा श्याम को प्रसन्न कर अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं.

Tags: Khatu Shyam Yatra, Rajasthan news, Religion, Sikar news

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