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पहाड़ों में मिलने वाला ये 5 पखुड़ियों वाला फूल… थायराइड और घेंघा के लिए रामबाण, ऐसे करें प्रयोग

हल्द्वानी. पहाड़ों में हजारों पेड़-पौधें ऐसे हैं जिनका औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेद में इस्तेमाल विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता है. जब भी जड़ी-बूटियों की बात होती है तो हल्दी, अदरक, पवित्र तुलसी, अश्वगंधा, नीम गिलोय के गुणों की हमेशा चर्चा होती है. आपको बता दें कि इनसे हटकर ऐसी कई पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियां भी हैं जिनकी चर्चा तो कम होती है लेकिन उनमें स्वास्थ्य से जुड़े तमाम गुण होते हैं. ऐसी ही एक औषधीय पौधा कचनार है, कचनार को माउंटेन एबोनी के नाम से भी जाना जाता है.

कचनार के फूल 5 पंखुड़ी वाले होते हैं, जो लाल, पीला और सफेद रंग में खिलते हैं. कचनार की जड़ें, तना, पत्तियां, फूल और बीज, छाल से लेकर हर एक चीज से औषधी बनती है. इसके फूल का सेवन करने से कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह एक जड़ी बूटी के रूप में कई बीमारियां जैसे की थायराइड, हाइपोथायरायडिज्म आदि से निजात दिला सकती है.

घेंघा नाशक है कचनारवरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक प्रोफेयर डॉ. विनय खुल्लर ने कहा कि आयुर्वेद के अनुसार, कई प्राचीन ग्रंथों में कचनार के फायदे के बारे में बताया गया है. आयुर्वेद में इसे घेंघा नाशक कहा गया है अर्थात यह किसी भी तरह के घेंघा को ठीक कर सकता है. इसके साथ ही कचनार से दांत दर्द, सिर दर्द, मुंह के छाले का इलाज, मसूड़ों के दर्द का इलाज भी किया जा सकता है.

घेंघा में कचनार का ऐसे करें प्रयोगडॉ. विनय खुल्लर ने बताया कि कचनार की छाल के 20 मिली काढ़ा में 1 ग्राम सोंठ चूर्ण मिलाकर पीने से गले के गांठ की बीमारी ठीक हो जाती है. 250 ग्राम कचनार की छाल के चूर्ण में 250 ग्राम चीनी मिलाकर रख लें और सुबह- शाम 5-10 ग्राम चूर्ण को पानी या दूध के साथ सेवन करें. इससे घेंघा रोग में लाभ होता है.कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर गरारा करने से कंठ के रोग ठीक होते है.कचनार का रस मिलाकर गले में लगाने से भी गले के रोग भी ठीक होते है.

3 प्रकार के होते हैं कचनार के फूलडॉ. विनय खुल्लर ने बताया कि फूलों के रंगों में अंतर के अनुसार कचनार की विभिन्न जातियां पाई जाती हैं. इनमें से तीन प्रकार के कचनार का विशेष उल्लेख मिलता है, लाल कचनार, सफेद कचनार और पीला कचनार. लाल कचनार मुख्यत: सब जगह पाया जाता है.

Tags: Haldwani news, Health News, Life18, Local18, Uttarakhand news

FIRST PUBLISHED : May 7, 2024, 08:05 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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