नागौरी बैल की पहचान और कीमत

Last Updated:January 09, 2026, 12:03 IST
Nagauri Bull Breed Characteristics and Price: नागौरी बैल अपनी ताकत और 13 घंटे लगातार काम करने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं. घोड़े जैसी चाल वाले इन बैलों की जोड़ी की कीमत बाजार में 4 लाख रुपये तक होती है.
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नागौर: पशुपालन के क्षेत्र में राजस्थान का नागौर जिला अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है. यहाँ की नागौरी बैल नस्ल न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में अपनी ताकत और ऊँची कद-काठी के लिए प्रसिद्ध है. सदियों से ये बैल किसानों की आजीविका का सबसे मजबूत आधार रहे हैं. नागौरी बैलों की सबसे बड़ी खासियत उनकी कार्यक्षमता है. ये बैल बिना थके लगातार 12 से 13 घंटे तक काम कर सकते हैं. कठिन परिस्थितियों और तपती गर्मी में भी ये किसानों के सबसे भरोसेमंद साथी साबित होते हैं. इनकी चाल में घोड़े जैसी तेजी और काम के प्रति लगन इन्हें अन्य नस्लों से बिल्कुल अलग बनाती है.
नागौरी बैल मुख्य रूप से नागौर और उसके आसपास के रेतीले क्षेत्रों में पाए जाते हैं. बैल पालक रामचंद चौधरी के अनुसार इनकी बनावट बेहद आकर्षक और मजबूत होती है. इनका रंग आमतौर पर सफेद या हल्का स्लेटी होता है. इनका माथा घोड़े की तरह उभरा हुआ. मुख पतला और आंखें छोटी व चमकदार होती हैं. इनके पैर लंबे और सीधे होते हैं. जबकि खुर छोटे होने के बावजूद इतने मजबूत होते हैं कि ये कठोर और पथरीली जमीन पर भी आसानी से दौड़ सकते हैं. एक औसत नागौरी बैल की लंबाई 6 से 7 फीट तक होती है.
मशीनों को मात देती ताकत
भले ही आधुनिक कृषि में ट्रैक्टरों का उपयोग बढ़ा है. लेकिन छोटे और सीमांत किसान आज भी जुताई और बुवाई के लिए नागौरी बैलों पर निर्भर हैं. एक नागौरी बैल प्रतिदिन लगभग 5 एकड़ भूमि जोतने की क्षमता रखता है. ताकत के मामले में ये बेजोड़ हैं. इनकी एक जोड़ी 24 क्विंटल से अधिक भार आसानी से खींच सकती है. जो एक पिकअप वाहन की क्षमता के बराबर माना जाता है. ये बैल स्वभाव से बहुत शांत और आज्ञाकारी होते हैं और अपने मालिक के इशारों को तुरंत समझ लेते हैं.
बाजार में भारी मांग और कीमत
नागौरी बैलों की मांग पशु मेलों और प्रदर्शनियों में सबसे अधिक रहती है. इन्हें खरीदने के लिए राजस्थान के अलावा हरियाणा. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी व्यापारी नागौर पहुँचते हैं. अच्छी नस्ल और मजबूत कद-काठी वाले नागौरी बैलों की जोड़ी की कीमत 50 हजार रुपये से शुरू होकर 3 से 4 लाख रुपये तक पहुँच जाती है. पशुपालन विभाग भी अब इस गौरवशाली नस्ल के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष प्रयास कर रहा है. ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का यह आधार भविष्य में भी सुरक्षित रहे.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
January 09, 2026, 12:03 IST
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घोड़े जैसी चाल और 13 घंटे काम करने का दम, 4 लाख रुपये तक बिकती है नागौरी…



