सरसों में लग गई बीमारी, तो अपनाएं ये रामबाण इलाज, लहलहा उठेगी फसल, डबल होगा इनकम

रिपोर्ट – पियूष पाठक
अलवर. राजस्थान के अलवर जिले में इन दिनों सरसों की फसल के ऊपर सफेद रोली नामक रोग का प्रकोप और असर देखने को मिल रहा है. पिछले दिनों कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण धूप नहीं निकलने से इस सफेद रोली नामक रोग ने क्षेत्र में सरसों की फसल पर अपना भयंकर प्रकोप बढ़ाया है. इससे कहीं ना कहीं सरसों की फसल की पैदावार को लेकर किसान चिंतित नजर आ रहे हैं.
जानकारी के अनुसार असल में यह सफेद रोली का रोग फसल को भरपूर मात्रा में धूप नहीं मिलने से होता हैं. ऐसे में किसी किसान की फसल पर यह बीमारी लग भी गई है तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. वह समय रहते हुए इसका इलाज कृषि विभाग द्वारा बताए गए कुछ आसान उपायों से ही कर सकते हैं. बस ध्यान देने की बात यह है कि अगर समय रहते हुए इस बीमारी का इलाज नहीं किया जाए तो यह फसल का 15% दाना खराब कर सकती है.
सर्दी की वजह से फसल हो रही खराब
कृषि विभाग के सहायक कृषि निदेशक राजेंद्र बसवाल ने बताया कि अलवर जिलेभर में बीते दिनों से सर्दी का प्रकोप जारी है. कोहरा छाया हुआ है, सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं. इसकी वजह से खेतों मेंं लहलहा रहीं फसलों को पूरी तरह से सूर्य की किरणें और सरसों की खड़ी फसल को विटामिन डी भरपूर मात्रा में नहीं मिल पा रही है. इससे सरसों की फसल को नुकसान का अंदेशा बना हुआ है.
उन्होंने बताया कि सरसों में सफेद रोली लगने की भी शिकायत मिली है. किसानों को सफेद रोली लगने की स्थिति में फसल पर प्रति एकड़ में 25 किलो सल्फर पाउडर का छिड़काव करना चाहिए. इसके अलावा किसान भाई केरोफेन लिक्विड कीटनाशक भी छिड़क सकते हैं. सफेद रोली लगने से पौधे में भोजन लेने की क्षमता कम हो जाती है. ऐरोली सरसों के पत्तों के साथ तने के रस चूस लेती है, जिससे पौधा पनपता नहीं हैं और दाना कमजोर पड़ जाता है.
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FIRST PUBLISHED : January 24, 2024, 16:34 IST