सीमा जाखड़ के बाद एक और महिला निरीक्षक भ्रष्टाचार में घिरी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
सिरोही में पुलिस निरीक्षक सीमा जाखड़ के बाद एक और निरीक्षक की भ्रष्टाचार के मामले में लिप्तता सामने आई है। एसीबी की महिला निरीक्षक के नाम पर उसके पति ने बजरी माफिया से रिश्वत ली है। एसओजी की जांच यह खुलासा हुआ है। महिला निरीक्षक सहित कई पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद अब एफआइआर दर्ज करने के लिए मामला एसीबी में भेजा जााएगा।
बजरी माफिया से वसूली का यह खेल जयपुर ग्रामीण पुलिस ने कुछ माह पहले किया था। एक बजरी व्यवसायी को गिरफ्तार करने पर पूछताछ में उसने वसूली के नेटवर्क का खुलासा किया था। दूदू थाने में दर्ज मामले की तफ्तीश में दूदू के ही तत्कालीन सीओ विजय सेहरा का नाम सामने आया। इसके बाद फाइल पहले सीआइडी और फिर एसओजी भेजी गई। एसओजी ने जांच के बाद आरोप प्रमाणित होने पर 3 नवम्बर को विजय सेहरा को गिरफ्तार किया।
वसूली करने वाले कई पुलिसकर्मियों का खुलासा
विजय सेहरा की तरह बजरी माफिया से वसूली करने वाले कई पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं। इनमें अजमेर, जयपुर ग्रामीण व जयपुर कमिश्नरेट के थाने व चौकी के पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनके नाम पहले जयपुर ग्रामीण पुलिस और फिर एसओजी की तफ्तीश में सामने आए हैं। जब इन सूची की गहनता से पड़ताल की गई तो एक महिला निरीक्षक का भी नाम सामने आया। निरीक्षक के नाम पर करीब 38 हजार रुपए उसके पति ने लिए थे। अब एसओजी इन सब के खिलाफ कार्रवाई के लिए फाइल एसीबी को भेजेगी।
दो उप अधीक्षक को मुख्यालय से मिलेगी चार्जशीट!
एसओजी के साथ इस मामले की पड़ताल पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा भी कर रही है। जांच में विजय सेहरा के साथ अजमेर में तैनात उप अधीक्षक पार्थ शर्मा का भी नाम आया है। हालांकि उनकी सीधी भूमिका सामने नहीं आई है। वे मुख्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष भी रख चुके हैं। सतर्कता शाखा की ओर से दोनों उप अधीक्षक को चार्जशीट देने की तैयारी की जा रही है।
निरीक्षक सहित कई और पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आई है। जो तथ्य सामने आए हैं, उन्हें देखते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में एफआइआर के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
अशोक राठौड़, एडीजी एटीएएस-एसओजी