Rajasthan

जयपुर में 22 प्रकार की गजक . Sahu Gajak Jaipur History . Sawai Madhopur Origin.

Last Updated:December 06, 2025, 13:42 IST

Sahu Gajak Jaipur History: जयपुर की 22 तरह की फेमस ‘साहू गजक’ की शुरुआत 40–45 साल पहले सवाई माधोपुर में साहू समाज ने की थी. आज सर्दियों में इसकी डिमांड इतनी बढ़ जाती है कि व्यापार लाखों तक पहुंच जाता है. यहां काजू. बादाम. मूंगफली. तिल और गुड़ से समृद्ध अलग-अलग गजक तैयार की जाती हैं.

जयपुर: सर्दियों का मौसम आते ही राजस्थान के बाजारों में मीठे और पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू फैलने लगती है. इनमें सबसे खास है जयपुर की फेमस गजक. जिसका स्वाद लोग दूर-दूर से चखने आते हैं. जयपुर में हजारों दुकानें हैं जहां गजक बिकती है. लेकिन साहू गजक भंडार की पहचान सबसे अलग है. यहां मिलने वाली 22 प्रकार की गजक स्वाद. टेक्सचर और गुणवत्ता में बेजोड़ मानी जाती है. लोकल-18 टीम ने जयपुर के चारदिवारी बाजार में मौजूद साहू गजक भंडार पर वर्षों से गजक तैयार कर रहे विजय नारायण साहू से बातचीत की. उन्होंने बताया कि जयपुर में साहू गजक की पहचान इसलिए भी खास है क्योंकि हर प्रकार की गजक में अलग-अलग ड्राई फ्रूट्स और सामग्री का प्रयोग किया जाता है. जिससे स्वाद बेमिसाल बनता है.

विजय नारायण साहू बताते हैं कि गजक का इतिहास जयपुर में नहीं. बल्कि सवाई माधोपुर में लिखा गया था. लगभग 40–45 साल पहले वहां के साहू समाज के लोगों ने गजक बनाना शुरू किया था. यह एक पारंपरिक मिठाई है जो तिल और गुड़ के गुणों से भरपूर है. जैसे-जैसे इसका स्वाद लोकप्रिय होता गया. वैसे-वैसे यह जयपुर और फिर पूरे राजस्थान में फैल गया. इसी वजह से इसका नाम साहू गजक पड़ा और आज भी यह पहचान कायम है. यह कहानी राजस्थान की मिठास भरी विरासत को दर्शाती है.

कैसे बनती हैं 22 तरह की गजक?गजक की तैयारी में सबसे अहम होती है गुड़ की चाशनी. बड़ी कड़ाही में गुड़ को पिघलाकर उसकी चाशनी तैयार की जाती है. इसके बाद उसमें तिल. मूंगफली. काजू-बादाम. पिस्ता. इलायची जैसे ड्राई फ्रूट्स मिलाए जाते हैं. चाशनी में अच्छे से मिलाने के बाद इस मिश्रण को ठंडा किया जाता है और फिर अलग-अलग आकार और प्रकारों में ढाला जाता है.

साहू गजक भंडार पर मिलने वाली कुछ प्रमुख किस्में हैं:

काजू-बादाम चिक्की
मूंगफली चिक्की
तिल पट्टी
गुड़ पट्टी
ड्राईफ्रूट गजक

साहू गजक भंडार जयपुर में कई दुकानों को गजक की सप्लाई भी करता है. क्योंकि ज्यादातर दुकानों पर गजक तैयार नहीं होती. वे कारखाने से खरीदते हैं. यह इनकी गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता को दर्शाता है.

कीमत और मांगसर्दियों में गजक की मांग इतनी बढ़ जाती है कि व्यापार लाखों रुपये तक पहुंच जाता है. गजक की कीमत प्रकार और इस्तेमाल किए गए ड्राई फ्रूट्स की गुणवत्ता के अनुसार बदलती है. जो लगभग ₹200/kg से ₹1200/kg तक रहती है. स्वाद. सेहत और गर्माहट देने की वजह से गजक की बिक्री सर्दियों में चरम पर होती है.

Location :

Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

December 06, 2025, 13:42 IST

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40 साल से बादशाहत कायम! जयपुर में बिकती है 22 तरह की गजक, लेकिन कहानी कहां…

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