हीरो से जबरन करवाई फिल्म, हीरोइन भी 4 दिन नहीं निकली घर से, मूवी हुई सुपरहिट, उड़ा ले गई अनिल कपूर की नींद – drishyam fame Ajay devgn force to work in phool aur kaante debut movie by his father actress Madhoo remain inside home four days film became superhit

Last Updated:November 15, 2025, 14:53 IST
Bollywood Superhit Movie : हीरो से कोई जबरन फिल्म में काम करवा ले और हीरोइन भी मूवी रिलीज होने के बाद हीरोइन चार दिन घर से ना निकले, ऐसा गजब का संयोग सिर्फ बॉलीवुड में ही देखने को मिल सकता है. 1991 में आई एक फिल्म ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी का तूफान ला दिया था. फिल्म में एक ऐसा स्टंट सीन था जिसे 90 के दशक का बेस्ट सीन माना जाता है. इस सीन को देखकर दर्शकों ने दांतों तले अंगुलियां दबा ली थीं. हीरो-हीरोइन दोनों की यह डेब्यू फिल्म थी. बॉलीवुड को रातोंरात एक सुपरस्टार मिला था. ये फिल्म कौन सी थी, वो हीरोइन कौन थी, जो फिल्म के फ्लॉप होने की आशंका के चलते घर से चार दिन बाहर नहीं निकली थी. 
<br />90 के दशक की शुरुआत में ही बॉलीवुड में रोमांटिक-एक्शन मूवी का चलन और तेजी से बढ़ा. 1991 में एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन के बेटे अजय देवगन ने बॉलीवुड में कदम रखा. हेमा मालिनी की भतीजी मधु ने भी हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया. फिल्म थी : फूल और कांटे, जिसका निर्देशन कुक्कू कोहली ने किया था. प्रोड्यूसर दिनेश पटेल थे. दिलचस्प बात यह है कि ‘फूल और कांटे’ का बॉक्स ऑफिस पर मुकाबला अनिल कपूर-श्रीदेवी की फिल्म ‘लम्हे’ से हुआ था. लम्हे यश चोपड़ा की फिल्म थी. फूल और कांटे ने बाजी मारी. बॉक्स ऑफिस पर यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. ऐसा क्या था कि अजय देवगन यह फिल्म नहीं करना चाहते थे. उन्होंने ऐसा क्यों कहा था कि यह फिल्म उनसे जबरन करवाई गई. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े कई दिलचस्प किस्से…

कुछ फिल्में हमेशा के लिए दिल में बस जाती हैं. 22 नवंबर 1991 में ऐसी ही एक म्यूजिकल एक्शन रोमांटिक फिल्म ‘फूल और कांटे’ आई थी. फिल्म में हमें अजय देवगन, मधु, अमरीश पुरी, अरुणा ईरानी लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म की कहानी इकबाल दुर्रानी ने लिखी थी. म्यूजिक नदीम-श्रवण का था. फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट रहा था. फिल्म में 41:53 मिनट की लेंग्थ के 8 गाने रखे गए थे. फिल्म के मशहूर गानों में ‘तुमसे मिलने को दिल करता है’, ‘मैंने प्यार तुम्हीं से किया है’, ‘प्रेमी आशिक आवारा’, ‘जिसे देख मेरा दिल धड़का’, ‘धीरे-धीरे प्यार को बढ़ाना है’ सॉन्ग शामिल थे.

फूल और कांटे फिल्म की कहानी-एक्शन-रोमांस सबकुछ परफेक्ट था. वैसे इस फिल्म को अजय देवगन करना नहीं चाहते थे. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैं शुरू-शुरू में फूल और कांटे फिल्म करना ही नहीं चाहता था. मैं कॉलेज था. असिस्टेंट डायरेक्टर का काम कर रहा था. लाइफ को एंज्वॉय कर रहा था. एक दिन मैं घर लौटा तो पिताजी ने कहा कि फिल्म करनी है. कुक्कू कोहली डायरेक्ट करेंगे. मुझसे यह फिल्म जबर्दस्ती करवाई गई. एक माह में मैंने शूटिंग शुरू कर दी.’

फिल्म रिलीज होने ने बाद एक्ट्रेस मधु शाह चार दिन तक अपने घर में बंद रही थीं. दरअसल, फूल और कांटे शूट होने के बाद फिल्म की जब पहली बार स्क्रीनिंग की गई थी तो एक्ट्रेस मधु को अपनी मूवी बिल्कुल पसंद नहीं आई थी. उन्हें लगा था कि फिल्म बहुत खराब बनी है और फ्लॉप होने वाली है. उन्हें लगा था कि फिल्म देखने के बाद लोग आलोचना करेंगे इसलिए वो चार दिन तक घर में बंद रही थीं. मधु ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मुझे लगा कि फिल्म अच्छी नहीं है. यह फिल्म नहीं चलेगी. तीन-चार दिन मैं नजर नहीं आई क्योंकि मैं डर गई थी. मुझे लगा था कि लोग मेरी आलोचना करेंगे.’

फूल और कांटे के बाइक वाले सीन को 90 के दशक के बेस्ट सीन में से एक माना जाता है. अजय देवगन ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘जब हीरो का बाप एक्शन डायरेक्टर हो तो कुछ भी दांव पर नहीं होता. मेरे कई बार हड्डियां टूटी हैं. अब एक्शन करना बहुत आसान हो गया है.

वीरू देवगन ने अपने एक इंटरव्यू में अजय देवगन को हीरो बनाने को लेकर दिलचस्प खुलासा किया था. उन्होंने कहा था, ‘जो बच्चा एयरकंडीशंड रूम में सोता हो, उसे हीरो बनाना इतना आसान नहीं था.उसे सुबह 6 बजे जगाना आसान नहीं होता. उसे सुबह जल्दी उठाने में मुझे साल-छह माह लग गए. मैंने कहा कि जिम जाओ. डांस करो. जो भी नया हीरो बनता है, उसे हम लोग ट्रेनिंग देते हैं. उसी तरह अजय की भी ट्रेनिंग हुई. अजय को उर्दू की ट्रेनिंग दिलाई गई. एक्शन-डांस की प्रैक्टिस की.’

फूल और कांटे की रिलीज के बाद एक दिलचस्प किस्सा अजय ने शेयर किया था. गैलेक्सी में फिल्म का प्रीमियर चल रहा था. जैमिनी में एक और शो चल रहा था. वहां पर पब्लिक आई हुई थी. मैं आगे की साइड पहली पंक्ति पर बैठा हुआ था. जैसे ही वो गाना ‘जिसे देख मेरा दिल धड़का….मेरे कॉलेज की वो एक लड़की है’ शुरू हुआ तो पीछे से लोगों ने पैसे फेंके. मैंने उन्हें उठा लिया और फ्रेम करा लिया.’

<br />फूल और कांटे फिल्म मलयालम फिल्म ‘परंपरा’ का रीमेक थी. फिल्म का बजट करीब 3 करोड़ रुपये रखा गया था और मूवी ने वर्ल्डवाइड 12 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. बॉक्स ऑफिस पर अनिल कपूर की लम्हे भी इसी दिन रिलीज हुई थी. अनिल कपूर ने अजय देवगन और उनके पिता से ‘फूल और कांटे’ की रिलीज आगे को बढ़ाने को भी कहा था. अजय देवगन नहीं माने. बॉक्स ऑफिस पर हुई रोमांचक जंग में बाजी ‘फूल और कांटे’ के हाथ लगी थी.

<br />’फूल और कांटे’ फिल्म के विलेन आरिफ खान थे जिन्होंने ‘रॉकी’ का रोल निभाया था. उनकी भी यह डेब्यू फिल्म थी. आरिफ ने फूल और कांटे’ के बाद ‘मोहरा’, ‘दिलजले’ और ‘वीरगति’ जैसी कई फिल्मों में निगेटिव रोल किए. कुछ साल बाद फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी. अब वह धर्मगुरु बन गए हैं.

‘फूल और कांटे’ फिल्म के लिए नदीम-श्रवण के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. बेस्ट मेल डेब्यू का अवॉर्ड अजय देवगन को मिला था. अमरीश पुरी को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था. यह फिल्म 1991 की पांचवें सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.
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November 15, 2025, 14:48 IST
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हीरो से जबरन करवाई फिल्म, हीरोइन भी 4 दिन नहीं निकली घर से, मूवी हुई सुपरहिट



