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5 serious signs of abdominal pain in women: महिलाओं में होने वाले पेट में दर्द के 5 गंभीर संकेत, न करें इग्नोर

Causes of abdominal pain in women: पेट दर्द की समस्या से काफी लोग परेशान रहते हैं. खासकर, महिलाओं को पेट दर्द की समस्या काफी होती है. एक तो पीरियड्स शुरू होने से लेकर खत्म होने तक कुछ महिलाएं पेट दर्द से परेशान रहती हैं. इसके अलावा महिलाओं में पुरुषों की तुलना में पेट दर्द अधिक होता है. पेट दर्द होने एक आम समस्या है. काफी महिलाएं अपनी सेहत के प्रति लापरवाही बरतती हैं. अपने शरीर में होने वाली समस्याओं, दर्द, परेशानियों को मन ही मन दबाकर रखती हैं. खुद से दर्द को रोकने के लिए पेन किलर खाकर ठीक कर लेती हैं, लेकिन ऐसा करना सेहत के साथ खिलवाड़ है. अक्सर महिलाएं पेट में दर्द को सामान्य समझकर इग्नोर करती रहती हैं. उन्हें लगता है कि ये गैस, पीरियड्स, थकान, तनाव आदि के कारण हो रहा होगा. आज हम जानेंगे कि महिलाओं को क्यों बार-बार होने वाले पेट दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. महिलाओं में पेट दर्द के क्या-क्या कारण हो सकते हैं.

महिलाओं में पेट दर्द की समस्या की वजह

निदेशक- रोबोटिक्स, बैरिएट्रिक, लैप्रोस्कोपिक और जनरल सर्जरी विभाग, फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग और शल्य क्लिनिक रोहिणी के संस्थापक डॉ. पंकज शर्मा कहते हैं कि क्लिनिकल प्रैक्टिस में पेट दर्द एक बेहद आम शिकायत है, लेकिन महिलाओं के मामले में यह परेशानी अक्सर अनदेखी रह जाती है. कई महिलाएं अपने पेट के दर्द को बार-बार इग्नोर करती रहती हैं, जो सही नहीं है, क्योंकि यही दर्द कई बार किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती चेतावनी संकेत होता है.

डॉ. पंकज शर्मा बताते हैं कि महिलाएं कई बार दर्द सहकर अपने डेली रूटीन के कामकाज करती रहती हैं. ऑफिस जाती हैं, ऑफिस से आकर घर का काम भी करती हैं. परिणामस्वरूप, बीमारी पकड़ में देर से आती है और उपचार और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है.

महिलाएं पेट दर्द को क्यों अनदेखा करती हैं?

1. कंडीशनिंग: बचपन से ही महिलाओं के अंदर दर्द सहने की आदत डाल दी जाती है.

2. माहवारी से जुड़ा भ्रम: महिलाओं को लगता है कि पेट और पेल्विस संबंधी समस्याएं पीरियड्स के कारण होती हैं.

3. व्यस्तता: परिवार, काम और जिम्मेदारियों के बीच अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दे पातीं.

महिलाओं में पेट दर्द के पीछे छिपे 5 कॉमन पर गंभीर कारण

1. पित्त की पथरी (Gallstones)

डॉ. शर्मा कहते हैं कि हार्मोनल बदलाव, बढ़ता-घटता वजन, खानपान पर ध्यान न देना आदि के कारण महिलाओं में यह समस्या अधिक पाई जाती है. तैलीय भोजन करने के बाद यदि आपको पेट के दायीं तरफ अचानक तेज दर्द हो तो समझ लें ये पित्त की पथरी का संकेत है. इसमें भी महिलाएं डॉक्टर के पास नहीं जाती हैं और इस दर्द को गैस या एसिडिटी मानती रहती हैं, जिससे स्थिति बिगड़ जाती है. बाद में सर्जरी कराने की नौबत आ जाती है.

2. अपेंडिसाइटिस (Appendicitis)

इसका दर्द अक्सर माहवारी के दर्द जैसा महसूस हो सकता है. ऐसे में इसकी पहचान भी देर से होती है. यदि अपेंडिक्स फट जाए तो स्थिति जानलेवा हो सकती है.

3. एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)

यह स्त्री-रोग संबंधी बीमारी है, लेकिन इसका दर्द पाचन संबंधी तकलीफ जैसा लगता है. सही निदान के लिए विशेषज्ञ जांच और कई बार सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है.

4. अंडाशय की सिस्ट (Ovarian Cysts)

पेट भारी लगना या हल्का श्रोणि दर्द को भी महिलाएं अक्सर पीरियड्स का दर्द समझकर अनदेखा कर देती हैं. बड़ी सिस्ट के मुड़ने (torsion) पर तुरंत इलाज बेहद जरूरी होता है वरना आपको भारी नुकसान हो सकता है.

5. हर्निया (Hernia) 

पेट या जांघ के पास उभरी हुई सूजन को कई महिलाएं मोटापा समझकर इग्नोर करती रहती हैं. हर्निया को ऐसे ही लाइलाज छोड़ दिया जाए तो ये अंदरूनी अंगों को फंसाकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है.

पेट दर्द की समय पर पहचान क्यों जरूरी?

आज आधुनिक डायग्नॉस्टिक और लैप्रोस्कोपिक तकनीकों की मदद से अधिकांश समस्याओं का समय रहते उपचार आसान और कम दर्द वाला हो चुका है. ऐसे में आपको दर्द हल्का हो, तेज हो या फिर बार-बार हो तो इसे इग्नोर करने की भूल कभी भी न करें. डॉक्टर से मिलकर तुरंत जांच कराएं और कोई समस्या निकलने पर प्रॉपर ट्रीटमेंट कराएं.

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