authentic sports jerseys cheap
cheap authentic stitched nfl jerseys
Thursday , 3 September 2020 [prisna-bing-website-translator]
Breaking News

फार्मा सेक्‍टर के लिए खास पॉलिसी लाएगी सरकार, तीन COE स्‍थापित करने की है योजना | business – News in Hindi

फार्मा सेक्‍टर के लिए खास पॉलिसी लाएगी सरकार, तीन COE स्‍थापित करने की है योजना

केंद्र सरकार फार्मास्‍युटिकल इंडस्‍ट्री के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़ी नई पॉलिसी लाने वाली है.

फार्मास्युटिकल विभाग (Pharmaceutical Department) के सचिव पीडी वाघेला ने कहा कि केंद्र सरकार (Central Government) जल्द ही फार्मा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास (Research and Development) के लिए एक विशेष नीति लाएगी.

हैदराबाद. फार्मास्युटिकल विभाग (Pharmaceutical Department) के सचिव पीडी वाघेला ने कहा कि केंद्र सरकार (Central Government) जल्द ही फार्मा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास (Research and Development) के लिए एक विशेष नीति लाएगी. साथ ही कहा कि महत्वपूर्ण खोज करने वाले वैज्ञानिकों को इसका पुरस्कार मिलना चाहिए. वाघेला ने कहा कि सरकार देश में दवाओं, चिकित्सा उपकरणों के लिए तीन राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCE) स्थापित करने की योजना बना रही है.

‘वैज्ञानिकों के जीवन स्‍तर पर को बेहतर बनाया जाना चाहिए’
हैदराबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER) में एक सीओई बनाया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘हमें तैयार रहना चाहिए कि हमारे वैज्ञानिक भी करोड़पति बनें. अगर वैज्ञानिक अच्छे उत्पादों का आविष्कार कर सकते हैं और कुछ शोध कर सकते हैं, तो उनके जीवन का स्‍तर क्यों नहीं बहुत अच्‍छा होना चाहिए?’ वाघेला ने कहा कि ऐसा यूरोप और अमेरिका में हो रहा है, तो भारत में क्यों नहीं हो सकता है? उन्‍होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों का जीवन स्‍तर पर बेहतर बनाया जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें- रिलायंस इंडस्‍ट्रीज की बड़ी छलांग, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े ब्रांड के तौर पर फ्यूचर ब्रांड इंडेक्‍स में हुई शामिलदवा उत्‍पादन की मात्रा के हिसाब से तीसरे स्‍थान पर है भारत

वाघेला ने कहा, ‘यहां तक कि किसी सरकारी संस्थान में कोई वैज्ञानिक कुछ अच्छा आविष्कार करते हैं और उसे एक व्यावसायिक उत्पाद में बदला जाता है तो हमें उन्हें पुरस्कृत करना ही चाहिए.’ सीएसआईआर-भारतीय रसायन प्रौद्योगिकी संस्थान के 77वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम आरएंडडी नीति पर काम कर रहे हैं. हमारे विभाग ने इस नीति को तैयार करने के लिए उद्योग जगत से बातचीत की है. हम इसे जल्द ही अंतिम रूप देंगे.’ वाघेला ने बताया कि भारतीय दवा उद्योग दुनिया में मात्रा के हिसाब से तीसरा और कीमत के मामले में 14वें स्थान पर है.

Source link

About editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*