Rajasthan
Theater director’s struggle shown through humor in ‘rehearsal’ | ‘रिहर्सल’ में हास्य के जरिये दिखाया थियेटर निर्देशक का संघर्ष

-रवीन्द्र मंच के मिनी थियेटर में टैगोर थिएटर योजना के तहत हुआ मंचन
जयपुर। एक कहानी को पन्नों से निकालकर उसके किरदारों को अमलीजामा पहना मंच पर प्रस्तुत करने में उसके निर्देशक को कितने लोहे के चने चबाने पड़ते हैं, यह उसका दिल ही जानता है। कभी नाटक के लिए पैसा नहीं मिलता, कभी कलाकार रिहर्सल पर चकमा दे जाते हैं, कभी प्रोड्यूसर अपनी टांग अड़ा देता है। एक नाट्य निर्देशक की इसी व्यथा को हास्य की चाश्नी में पेश किया नाटक ‘रिहर्सल’ ने। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत रवीन्द्र मंच और कला साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान की ओर से मिनी थियेटर में इस नाटक का मंचन किया गया था। लक्ष्मीकांत वैष्णव के लिखे और युवा रंगकर्मी प्रीत का निर्देशित यह नाटक रंगकर्म से जुड़ी चुनौतियों को सहजता से प्रस्तुत करता है।