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हादसा या साजिश? रोहतक में 3 बच्चों की मौत का मामला गहराया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बढ़ी दुविधा

रोहतक. हरियाणा के रोहतक जिले में बालंद गांव में एक परिवार ने रात को खाना खाया और सुबह 7 लोगों की तबीयत बिगड़ गई. इस मामले में तीन बच्चों की मौत हो गई है. पूरा मामला संदिग्ध बना हुआ है. हालांकि, तीन मासूम बच्चों की मौत के कारणों का खुलासा उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी नहीं हो पाया है. ऐसे में डॉक्टर्स के बोर्ड ने विसरा जांच का निर्णय लिया है. अब विसरा जांच से ही यह बात साफ हो पाएगी कि उनकी मौत फूड प्वाइजनिंग से हुई या फिर साजिश के तहत उन्हें किसी किस्म का जहर दिया गया था.

हालांकि रोहतक पुलिस परिवार वालों के ब्यान दर्ज कर मामले की छानबीन में जुटी है, लेकिन पुलिस की जांच अभी किसी मुकाम तक नहीं पहुंच पाई है. वहीं दूसरी ओर, इस हादसे को लेकर गली-चौराहों में कई ऐसे सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब फिलहाल किसी के पास भी नहीं है. सबसे बड़ा सवाल तो एक यह भी है कि अगर मामला फूड पॉइजनिंग का होता तो पूरे परिवार पर इसका असर होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

वहीं दूसरी ओर, तीनों मासूम बच्चियों का पोस्टमार्टम करने वाले बोर्ड में शामिल रहे डॉक्टर विक्रम सांगवान बताते हैं कि वे लोग भी अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं. मामले की विस्तृत जांच के लिए विसरा लैब में भेजने का निर्णय लिया है, क्योंकि कई ऐसी चीजें हैं जिनको देखते हुए विसरा जांच जरूरी हैं. डॉ. सांगवान के मुताबिक एक बच्ची के गले पर खरोंच के निशान थे, तो दूसरी बच्ची के होठों पर केमिकल बर्न के मार्क्स भी पाए गए हैं, जो अमूमन फूड प्वाइजनिंग जैसे मामलों में तो हरगिज़ नजर नहीं आते. दूसरी बात एक यह भी है कि फूड प्वाइजनिंग जैसे मामलों में अक्सर इंसान की मृत्यु इतनी जल्दी होने के चांस कम ही होते हैं. लिहाजा, डॉक्टर्स के बोर्ड ने विसरा जांच का विकल्प चुना है.

बहरहाल, रोहतक के बालंद गांव में हुई 3 बच्चों की मौत पूरी तरह से रहस्य बनी हुई है और कोई इसे हादसा तो कोई साजिश बता रहा है। ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस आखिरकार किसी निष्कर्ष पर कब तक पहुंचती है और इसमें कितना वक्त लगेगा, क्योंकि डॉक्टर सांगवान के मुताबिक विसरा जांच की रिपोर्ट आने में अक्सर 3 से 4 महीने का समय लग जाता है.

क्या है पूरा मामला

15 अगस्त की रात को पेठे की सब्जी खाने के बाद परिवार की तबीयत बिगड़ गई थी. 16 अगस्त की सुबह हालत बिगड़ी तो सभी को एक निजी हस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया.यहां इलाज के दौरान राजेश की बेटी दिव्या (7 वर्ष) व इयांशू (2 वर्ष) और राकेश की बेटी लक्षिता (8 वर्ष) की मौत हो गई. गणिका (10 वर्ष) की हालत गंभीर बताई जा रही है। परिवार के अन्य सदस्यों में राकेश उसकी पत्नी मोनिका, राजेश उसकी पत्नी सीमा, राजेश का बेटा जतिन (10 वर्ष) अस्पताल में भर्ती थे. ऐसे में अब मामले की जांच की जा रही है.

Tags: Haryana News Today, Himachal pradesh

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