जयपुर से अलवर की दूरी होगी कम, सरिस्का एलिवेटेड रोड पूरा करेगा यह सपना, जानें क्या होगा रूट?

Last Updated:March 24, 2025, 14:55 IST
Sariska Elevated Road Project : अलवर के सरिस्का एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को लेकर पीडब्ल्यूडी एनएच ने कदम आगे बढ़ाने शुरू कर दिए हैं. इसके लिए एनओसी के लिए आवेदन कर दिया गया है. इसके साथ ही प्रस्तावित रूट भी तय कर…और पढ़ें
प्रस्तावित सरिस्का एलिवेटेड रोड से जयपुर और अलवर के बीच सफर के 45 मिनट का समय और 30 किमी की दूरी कम हो जाएगी.
हाइलाइट्स
जयपुर-अलवर दूरी कम करने के लिए सरिस्का एलिवेटेड रोड बनेगा.प्रोजेक्ट के लिए वन मंत्रालय की एनओसी का इंतजार.1600 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एलिवेटेड रोड.
नितिन शर्मा.
अलवर. अगर सबकुछ सही और समय के मुताबिक होता रहा तो आने वाले समय जयपुर से अलवर के बीच की दूरी घट जाएगी. यह दूरी सरिस्का में बनने वाला एलिवेटेड रोड से कम होगी. एलिवेटेड रोड के लिए वन मंत्रालाय की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण) का इंतजार हो रहा है. पीडब्ल्यूडी एनएच ने इसके लिए एक कदम आगे बढ़ाते हुए एनओसी के लिए आवेदन कर दिया है. यह आवेदन सरिस्का प्रशासन के पास पहुंच गया है. एनएच की ओर से ऐलीवेटेड रोड के लिए प्रस्तावित रूट भी तैयार कर लिया है.
सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित एलेवेटेड रोड नटनी का बारां से शुरू होकर कुशालगढ़, तालवृक्ष, मुंडावर मोड़ तक जाएगी. इसकी लंबाई 22 किमी होगी. यह मार्ग आगे थानागाजी और शाहपुरा मार्ग से जुड़कर जयपुर मार्ग से सीधा जुड़ जाएगा. यह दूरी करीब 8 किमी की है. अगर इसी रूट को मूर्त रूप दिया जाए तो जयपुर से अलवर के बीच के सफर में लगभग 45 मिनट का समय और 30 किमी की दूरी कम हो जाएगी. लेकिन यह सब वन मंत्रालय की एओसी पर टिका है. एनओसी में अगर कोई आपत्ति आई तो रूट में बदलाव करना पड़ेगा.
1600 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित हैएलिवेटेड रोड के लिए पीडब्ल्यूडी एनएच ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से सरिस्का के जंगल की 16 हेक्टेयर जमीन की एनओसी मांगी है. पहले एनओसी जारी होगी. उसके बाद उसका लैंड डायवर्जन करवाया जाएगा. सरिस्का से गुजरने वाली इस एलीवेटेड रोड का मुख्य उद्देश्य जयपुर-अलवर के सफर को आसान बनाना है. लेकिन इसके लिए किसी भी कीमत पर वन्य जीवों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जाएगा. इसके लिए ही यहां 1600 करोड़ रुपये की लागत वाला ऐलिवेडेट रोड का प्लान तैयार किया गया है.
क्लियरेंस मिलने के बाद इसकी डीपीआर बनाई जाएगीपीडब्ल्यूडी एनएच की ओर से एनओसी के लिए भेजे गए इस प्रस्ताव को पहले वाइल्ड लाइफ और फॉरेस्ट के हिसाब से जांचा जाएगा. उसके बाद आवश्यक टिप्पणियों के साथ इसे आगे मंत्रालय के भेजा जाएगा. वहां से क्लियरेंस मिलने के बाद इसकी डीपीआर बनाई जाएगी और टेंडर निकाले जाएंगे. लेकिन इसकी एवज में प्रशासन को वन विभाग को सरिस्का से सटी उतनी ही जमीन बदले में देनी होगी. लिहाजा इस प्रक्रिया में अभी खासा टाइम लगने वाला है. लेकिन यह प्रोजेक्ट सपनों को उड़ान जरुर देने वाला है.
Location :
Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
March 24, 2025, 14:55 IST
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जयपुर से अलवर की दूरी होगी कम, सरिस्का एलिवेटेड रोड पूरा करेगा यह सपना



