राजस्थान में बिना केवाईसी खाद्य योजना के तहत करोड़ों किलो गेहूं उठा रहे लोग, 29 लाख लोगों का विभाग काटेगा नाम

Last Updated:April 13, 2025, 12:43 IST
food security Scheme Rajasthan News: राजस्थान में 31 मार्च तक सरकार की ओर से खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित पात्र लाभार्थियों का सत्यापन करवाया गया था. इसी क्रम में चयनित परिवारों एवं लाभार्थियों के राशनकार्डों …और पढ़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर
हाइलाइट्स
राजस्थान में 29 लाख लोगों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई हैबिना केवाईसी के लोग हर महीने 1.16 करोड़ किलो गेहूं उठा रहे हैं10 साल से कम और 70 साल से अधिक आयु वालों को राहत दी गई है
जयपुर:- राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत हर महीने 1.07 करोड़ परिवारों के 4.36 करोड़ लोगों को फ्री गेहूं मिलता हैं, लेकिन इसमें जमकर धांधलेबाजी आमने आई है. बिना ई-केवाईसी के भी लोग गेहूं फ्री में ले रहे हैं. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चल रहे फर्जीवाड़ा पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है. आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में 29 लाख लोगों ने ई-केवाईसी नहीं करा रखी है और बिना केवाईसी के प्रतिमाह चार किलो गेहूं यानी हर महीने 1.16 करोड़ किलो गेहूं उठा रहें हैं, इस फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए जल्द ही खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग इनके नाम हटाने जा रहा है, इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है. आपको बता दें, इस कार्रवाई के दौरान सिर्फ 10 साल तक के बच्चे व 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को राहत दी गई है.
आपको बता दें 31 मार्च तक राज्य सरकार की ओर से खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित पात्र लाभार्थियों का सत्यापन करवाया गया था. इसी क्रम में चयनित परिवारों एवं लाभार्थियों के राशनकार्डों की आधार सीडिंग एवं ई-केवाईसी करवाई गई थी. तय समय के बावजूद 29 लाख 2 हजार 308 लोग ऐसे पाए गए, जिन्होंने आधार सीडिंग नहीं करवाई है और गेहूं प्राप्त कर रहें हैं. आपको बता दें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्य में अभी केंद्र सरकार से 4 करोड़ 46 लाख यूनिट के लिए गेहूं का कोटा निर्धारित किया हुआ है, जिसमें इस कोटे में से वर्तमान में राज्य के 1 करोड़ 7 लाख 35 हजार 652 परिवारों के 4 करोड़ 36 लाख 13 हजार 461 सदस्य गेहूं ले रहे हैं.
30 अप्रैल तक चलेगा ‘गिव अप’ अभियानआपको बता दें राजस्थान में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने पिछले साल नवंबर से ‘गिव अप’ अभियान शुरू किया था, जो इस महीने की आखिरी तारीख 30 अप्रैल तक चलेगा, इस अभियान के तहत सक्षम व्यक्ति को स्वेच्छा से अपना नाम हटाने के लिए कहा गया था, जिसके बाद अभियान के तहत राजस्थान से करीब 16 लाख से ज्यादा लोग नाम कटवा चुके हैं. वहीं, जगह खाली होने पर पात्र 16 लाख से अधिक लोगों को जोड़ा भी गया है. बता दें, अभियान के तहत लोगों के नाम विभागीय वेबसाइट के जरिए भी हटाए या जुड़वाए जा सकते हैं और योजना में नाम हटाने एवं जोड़ने का अधिकार अब कलेक्टरों को भी दे दिया गया है, जिससे योजना में पात्र वंचित नहीं रह सकें. आपको बता दें इस अभियान के तहत ऐसे लोगों को अपात्र माना गया है, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी, अर्द्ध सरकारी, स्वायत्तशासी संस्थाओं में नियमित कर्मचारी या अधिकारी हो साथ ही वह एक लाख रुपए से अधिक की पेंशन प्राप्त करता हो.
27 रुपये किलो के भाव से की जाएगी वसूलीआपको बता दें सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना से अपात्र लोगों को अपने नाम हटाने के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया है. इसके बाद अब स्वेच्छा से नाम हटाने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन अपात्र होने के बावजूद गेहूं उठाते रहते हैं, तो उनसे 27 रुपए प्रति किलोग्राम के अनुसार ब्याज सहित वसूली की जाएगी. साथ ही जिन्होंने केवाईसी नहीं करवाई है, उनके नाम हटाए जाएंगे. आपको बता दें राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना के लिए शहर और ग्रामीण इलाकों में कुल 26 हजार राशन डीलर्स हैं, जो खाद्य सुरक्षा योजना के गेहूं वितरित करते हैं.
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
April 13, 2025, 12:43 IST
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राजस्थान में बिना केवाईसी खाद्य योजना के तहत गेहूं ले रहे लोग, अब कटेंगे नाम!



