राजस्थान में बाल विवाह पर अब लगा ताला? इस संस्थान ने चलाया ऐसा अभियान कि सकते में आए रूढ़िवादी लोग

Last Updated:April 23, 2025, 16:44 IST
राजस्थान के सिरोही जिले में जन चेतना संस्थान ने कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के साथ मिलकर अब तक 500 से अधिक बाल विवाह रोके हैं. पुलिस, प्रशासन और समुदाय की भागीदारी से गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.X

पुलिस प्रशासन के साथ संस्था द्वारा बालविवाह रोकथाम पर चलाया विशेष अभियान
सिरोही – राजस्थान में अक्षय तृतीया पर ‘सावे’ लगने के चलते सबसे ज्यादा शादियां होती हैं. इसी दौरान सिरोही जैसे जिलों में बाल विवाह की घटनाएं बड़ी संख्या में सामने आती हैं, खासकर ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में. परंपरा और सामाजिक मेलों की आड़ में ये बाल विवाह वर्षों से होते आ रहे हैं.
बाल विवाह की रोकथाम में जुटी जन चेतना संस्थानसितंबर 2022 से जन चेतना संस्थान, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के साथ मिलकर बाल विवाह की रोकथाम का बीड़ा उठाए हुए है. अब तक संस्थान ने 500 से अधिक बाल विवाह रुकवाकर हजारों बच्चों का भविष्य संवारने का काम किया है.
सूचना से लेकर निरस्तीकरण तक,सभी मोर्चों पर सक्रियसंस्थान की निदेशक ऋचा औदिच्य के अनुसार, बाल विवाह की सूचना सबसे पहले राशन डीलर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी और जनप्रतिनिधियों से मिलती है. इसके बाद दूल्हा-दुल्हन की उम्र की पुष्टि स्कूल और आधार कार्ड से की जाती है. फिर चाइल्ड हेल्पलाइन, सीडब्ल्यूसी, पुलिस और प्रशासन की मदद से कार्रवाई की जाती है.
पुलिस और प्रशासन बना मजबूती का स्तंभइस अभियान में पुलिस की भागीदारी उल्लेखनीय रही है. कई बार बाल विवाह रोकने के लिए थानेदारों को दो-दो दिन तक निगरानी में लगाया गया. सिरोही एसपी के सहयोग से “परवाज अभियान” की शुरुआत की गई, जिसके तहत 42 गांवों में महिला कांस्टेबलों के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई.
आदिवासी क्षेत्रों में बदलाव की नई लहरआदिवासी इलाकों में यह मान्यता है कि बाल विवाह रोका गया तो लड़कियां मेलों में भागकर शादी कर लेंगी. इस सोच को बदलने के लिए संस्थान ने स्थानीय महिलाओं को साथ लेकर बाल विवाह के खिलाफ समझाइश शुरू की. अब तक 485 कार्यक्रमों के माध्यम से 6000 से ज्यादा लोगों को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई है.
एक नई शुरुआत की मिसालएक खास मामला ऐसा भी सामने आया, जहां शादी हो जाने के बाद भी बालिका की समझाइश के बाद विवाह को निरस्त करवाया गया. यह दिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से परंपरा को भी बदला जा सकता है.
Location :
Sirohi,Rajasthan
First Published :
April 23, 2025, 16:44 IST
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