इन हवेलियों के सामने AC भी फेल, बाहर 50 डिग्री की तपती गर्मी, अंदर शिमला-मनाली का अहसास

Last Updated:May 21, 2025, 18:01 IST
जहां पूरा भारत इन दिनों तपती गर्मी से बेहाल है, वहीं बीकानेर में एक ऐसी हवेली है, जिसके अंदर बिना एसी के ही ठंडक का अहसास होता है. इस हवेली को ऐसे स्टाइल से बनाया गया है कि अगर अंदर सिर्फ पंखे चला दिए जाए तो चा…और पढ़ें
बेहद ख़ास स्टाइल से बनाई गई हैं ये हवेलियां (इमेज- फाइल फोटो)
बीकानेर: बीकानेर को हजार हवेलियों का शहर कहा जाता है. इन दिनों बीकानेर में भीषण गर्मी के चलते तापमान 46 से 50 डिग्री तक पहुंच रहा है. वहीं बीकानेर की हवेलियां इस भीषण गर्मी में काफी ठंडी रहती है और इन हवेलियां में एसी भी फेल है. यहां हवेलियों में रहने वाले लोगों को गर्मी का अहसास भी नहीं होता है. मजे की बात है जहां बाहर का तापमान 46 डिग्री होता है तो इन हवेलियों में तापमान 30 डिग्री से नीचे पहुंच जाता है.
हवेली के मालिक एडवोकेट कपिल नारायण पुरोहित ने बताया कि यह हवेली मूंधड़ा चौक में स्थित है और करीब 125 साल पुरानी है. पहले सेठ और साहूकार इन हवेलियों को बनवाते थे. वे मौसम के हिसाब से इन हवेलियों को बनाते थे. जिससे गर्मी में यह हवेली ठंडी रहे और सर्दी में यह हवेली गर्म रहती है. बीकानेर में इन दिनों तापमान 46 से 50 डिग्री तक पहुंच जाता है. ऐसे में इस भीषण गर्मी में यह हवेलियां अन्दर से काफी ठंडी रहती है.
बनाने का तरीका है अलगइन हवेलियों की छतों को अलग तरीके से बनाते थे. इन छतों के बनने से यह हवेलियां बाहर के तापमान को आधा कर देती है. वहीं इन हवेलियों के अंडरग्राउंड में चले जाए तो वहां तो एसी जैसी हवा आती है. एक बारगी अगर पंखे लगे तो लोगों को इस गर्मी में भी सर्दी लगने लग जाती है. इन हवेलियों में हवा के अंदर आने का पूरी तरह से व्यवस्था की जाती थी.
छत है बेहद खासइन हवेलियों की छतों में लोहे के सरिया, लोहे के गाटर, पट्टी का किसी भी तरह का कोई उपयोग नहीं हुआ है. हवेलियों को ठंडा रखने के लिए लकड़ी और लकड़ी का भूसा, मुड़िया मिट्टी को मिलाकर छत तैयार की जाती है. साथ ही इसमें पुरानी छोटी ईंटें का उपयोग होता था. इसे यहां डाट की छत भी कहते है. इसकी वजह इन हवेलियों की किसी भी तरह की गर्मी नहीं लगती है.
मौजूद है कई खिड़कियांइन हवेलियों में हवा के आने जाने के लिए कई खिड़कियां भी बनाई जाती है. इनकी हवेलियों की दीवार 14 इंच की है. यानी एक से सवा फुट की दीवारें मोटी है जिससे गर्मी का अहसास नहीं होता है. इसके अलावा इन हवेलियों की छत की मोटाई दो से ढाई फीट की है.
Sandhya Kumari
न्यूज 18 में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हूं. रीजनल सेक्शन के तहत राज्यों में हो रही उन घटनाओं से आपको रूबरू करवाना मकसद है, जिसे सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है. ताकि कोई वायरल कंटेंट आपसे छूट ना जाए.
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हवेलियों के सामने AC भी फेल, बाहर 50 डिग्री की तपती गर्मी, अंदर मनाली का अहसास



