Sawan Special : तीन नदियों के संगम पर बना है यह शिवलिंग, 1400 साल पहले स्वयं प्रकट हुए ‘बाबा’! जानें पूरी कहानी

Last Updated:July 25, 2025, 16:06 IST
Bhilwara Shiv Temple: ऐसी मान्यता है कि बनास, बेड़च और मेनाली नदियों के संगम स्थल पर करीब 1400 वर्ष पहले शिवलिंग प्रकट हुए थे. शिवलिंग को तट पर स्थापित करने के बाद श्रद्धालुओं का यहां आना शुरू हुआ था. सावन के द…और पढ़ें
हाइलाइट्स
शिवलिंग 1400 साल पहले त्रिवेणी संगम पर प्रकट हुआ था.सावन में हजारों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर आते हैं.त्रिवेणी संगम पर बनास, बेड़च और मेनाली नदियों का मिलन होता है.भीलवाड़ा. भीलवाड़ा जिले से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित त्रिवेणी संगम एक ऐसा पवित्र स्थल है, जिसे मेवाड़ का हरिद्वार कहा जाता है. यहां बनास, बेड़च और मेनाली नदियों का संगम होता है, और इसी त्रिवेणी तट पर महादेव का एक अति प्राचीन मंदिर स्थित है. इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि यह करीब 1400 वर्ष पूर्व स्वयं प्रकट हुआ था. सावन मास में यहां प्रदेशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और जलाभिषेक करते हैं.
त्रिवेणी संगम का यह शिवालय न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम भी है. पंडित भेरूलाल शर्मा बताते हैं कि सावन के महीने में यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. जब कभी बारिश अधिक होती है तो त्रिवेणी नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और शिवलिंग पूरी तरह जल में डूब जाता है. इस दृश्य को लोग प्रकृति द्वारा किए गए जलाभिषेक के रूप में मानते हैं. मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं.
तीन पवित्र नदियों का पावन संगम
त्रिवेणी संगम स्थल पर तीन नदियों- बनास, बेड़च और मेनाली का मिलन होता है. यह स्थल न केवल शिवभक्तों के लिए, बल्कि उन परिवारों के लिए भी बेहद पवित्र माना जाता है जो अपने दिवंगत परिजनों की अस्थियों का विसर्जन करते हैं. मेवाड़ और आसपास के भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और बूंदी जैसे जिलों से लोग यहां मोक्ष की प्राप्ति की कामना लेकर आते हैं. यहां अस्थियों का विसर्जन कर परंपराओं का निर्वहन किया जाता है.
कैसे पहुंचे त्रिवेणी संगमभीलवाड़ा-कोटा राजमार्ग पर बीगोद के पास त्रिवेणी संगम स्थित है. यहां पहुंचने के लिए पहले भीलवाड़ा ट्रेन या बस से पहुंच सकते हैं. यह स्थल मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर है. कोटा की ओर से आने वाले यात्री मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन पर उतर सकते हैं. वहां से निजी वाहन या बस द्वारा मात्र दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित त्रिवेणी संगम पहुंचा जा सकता है. यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था का अद्वितीय मेल है.
Location :
Bhilwara,Rajasthan
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तीन नदियों के संगम पर बना है यह शिवलिंग, 1400 साल पहले स्वयं प्रकट हुए ‘बाबा’!



