IELTS Exam: आसान नहीं है विदेशी यूनिवर्सिटी में एडमिशन, पास करनी होगी यह परीक्षा, सिर्फ 2 साल मान्य रहेगा स्कोर

Last Updated:October 27, 2025, 11:08 IST
IELTS Exam: विदेशी यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए आईईएलटीएस परीक्षा पास करना जरूरी है. इसका स्कोर 2 साल तक वैलिड रहता है. हर यूनिवर्सिटी ने आईईएलटीएस स्कोर के लिए अपना क्राइटेरिया तय किया है.
IELTS Exam:आईईएलटीएस परीक्षा की तैयारी करते समय मॉक टेस्ट जरूर दें
नई दिल्ली (IELTS Exam). आईईएलटीएस परीक्षा दुनियाभर में सबसे विश्वसनीय अंग्रेजी भाषा की परीक्षा मानी जाती है. यह टेस्ट उन स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए बहुत जरूरी है, जो अंग्रेजी बोलने वाले देशों (जैसे, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या यूके) में पढ़ाई करना, काम करना या हमेशा के लिए बसना चाहते हैं. आईईएलटीएस के जरिए अंग्रेजी के 4 अहम हिस्सों- सुनना, पढ़ना, लिखना और बोलना पर आपकी पकड़ जांची जाती है. इसका स्कोर दो साल तक मान्य रहता है.
विदेश की टॉप यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए आमतौर पर 6.5 से 7.5 का कुल IELTS बैंड स्कोर मांगा जाता है. इसमें किसी भी सेक्शन में स्कोर 6.0 से कम नहीं होना चाहिए. ऑक्सफोर्ड या कैम्ब्रिज जैसी यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए अक्सर 7.5+ बैंड की उम्मीद की जाती है. इस अहम परीक्षा की तैयारी में स्टूडेंट्स की मदद करने के लिए फिजिक्सवाला (PW) ने आईडीपी एजुकेशन इंडिया (IDP) के साथ खास समझौता (MoU) किया है. इससे कोचिंग के स्टूडेंट्स को बेहतर गाइडेंस मिल सकेगा.आईईएलटीएस की तैयारी कैसे करें?
आईईएलटीएस का फुल फॉर्म इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम है. ज्यादातर टॉप यूनिवर्सिटीज आईईएलटीएस में हाई स्कोर की डिमांड रखती हैं. इससे सुनिश्चित किया जाता है कि स्टूडेंट्स क्लासरूम में आसानी से अंग्रेजी समझ और बोल सकेंगे. बैंड 8 या उससे ऊपर का स्कोर दर्शाता है कि आपकी अंग्रेजी लगभग मातृभाषा (Native) जितनी अच्छी है, जिससे एडमिशन के चांस बहुत बढ़ जाते हैं. विदेशी यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए जानिए इसकी तैयारी के बेस्ट टिप्स-
शुरुआत करें: सबसे पहले एक शुरुआती टेस्ट (Diagnostic Test) दें. इससे पता चलेगा कि आप कहां स्टैंड करते हैं और आपको किन स्किल्स (जैसे: ग्रामर या शब्दावली) पर ज्यादा मेहनत करनी है.
प्लान बनाएं: एक पक्का टाइमटेबल बनाएं. इसमें रोजाना ग्रामर (व्याकरण), वोकैबुलरी (नए शब्द) सीखने और घड़ी देखकर प्रैक्टिस करने का समय तय करें.
हर तरह की अंग्रेजी से दोस्ती: अपनी समझ और फ्लुएंसी को सुधारने के लिए अखबारों, शैक्षिक लेखों और पॉडकास्ट जैसी औपचारिक और अनौपचारिक अंग्रेजी सामग्री को रोजाना पढ़ें और सुनें.
असल माहौल में प्रैक्टिस: परीक्षा में अच्छा करने के लिए असली परीक्षा की तरह मॉक टेस्ट दें. इससे आप समय को मैनेज करना सीखेंगे और परीक्षा का दबाव झेल पाएंगे.
राय लेना (Feedback): मॉक टेस्ट में अपनी परफॉर्मेंस पर किसी एक्सपर्ट से नियमित राय लें. इससे गलतियां पता चल जाएंगी और आप उनमें सुधार कर पाएंगे.
PW-IDP पार्टनरशिप क्यों है खास?
फिजिक्सवाला के सीईओ (ऑनलाइन) अतुल कुमार ने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य हमेशा ही स्टूडेंट्स का हित (Student-First) रहा है. IDP के साथ पार्टनरशिप के जरिए वे स्टूडेंट्स को उनके सपनों के करीब लाने के लिए सही साधन और राह दिखा सकेंगे. IDP के साथ मिलकर वे निश्चित कर रहे हैं कि स्टूडेंट्स केवल IELTS टेस्ट की तैयारी न करें, बल्कि ‘बिना किसी सीमा वाले भविष्य’ के लिए खुद को तैयार करें. इस पार्टनरशिप से PW के छात्रों को IELTS के लिए जरूरी ट्रेनिंग और सपोर्ट मिलेगी. इससे इंटरनेशनल करियर की राह आसान होगी.
यह भी पढ़ें- IELTS Exam, IELTS, IELTS Full Form, IELTS Exam Preparation Tips
About the AuthorDeepali Porwal
With over more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academi…और पढ़ें
With over more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academi… और पढ़ें
First Published :
October 27, 2025, 11:08 IST
homecareer
आसान नहीं है विदेशी यूनिवर्सिटी में एडमिशन, पास करनी होगी यह परीक्षा



