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Amanjot Kaur’s Grandmother New Life: अमनजोत कौर की दादी को वर्ल्ड कप जीत के बाद मिली नई जिंदगी

Last Updated:November 03, 2025, 13:59 IST

Amanjot Kaur’s Grandmother New Life: भारत ने महिला विश्व कप जीता, अमनजोत कौर के ऑलराउंड प्रदर्शन और निर्णायक कैच ने जीत दिलाई. उनकी दादी भगवंती को इससे नई जिंदगी मिली, परिवार भावुक है.हर्ट अटैक के बाद बिस्तर पर पड़ी थी दादी ...जीत की खबर सुन मिली 'नई जिंदगी'अमनजोत कौर ने महिला वर्ल्ड कप में भारत के जीत में अहम भूमिका निभाई

नई दिल्ली. भारत ने अपनी पहली आईसीसी महिला विश्व कप खिताब जीतकर एक यादगार प्रदर्शन किया. ऑलराउंडर अमनजोत कौर ने भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. उनकी उपलब्धि ने न केवल कई लोगों को प्रेरित किया है बल्कि उनकी बीमार दादी को “नई जिंदगी” भी दी है. अमनजोत की दादी भगवंती सितंबर में दिल का दौरा पड़ने के बाद बिस्तर पर हैं. उनकी प्रेरणा ने अमनजोत को कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से ये उपलब्धि हासिल करने में मदद की है, भले ही उनका पृष्ठभूमि साधारण हो.

75 साल की भगवंती को पिछले सप्ताह फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया था क्योंकि उनकी सेहत बिगड़ रही थी. परिवार के अनुरोध पर डॉक्टरों ने उन्हें 1 नवंबर को छुट्टी दे दी, ताकि वह फाइनल मैच तक घर पर रह सकें. अमनजोत के पिता भूपिंदर सिंह ने कहा, “भारत की जीत की खबर और अमनजोत के शानदार प्रदर्शन ने मेरी मां को नई जिंदगी दी है. हालांकि मेरी मां बिस्तर पर हैं लेकिन होश में हैं. हमने उन्हें अमनजोत की बड़ी जीत के बारे में बताया और उन्होंने अपनी आंखें खोलकर प्रतिक्रिया दी.”

अमनजोत कौर के कैच से पलट गया मैच

भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराया. अमनजोत ने 15 साल की उम्र में क्रिकेट कोच नागेश गुप्ता की अकादमी में शामिल हुईं, जहां उनके पिता उन्हें रोजाना मोहाली से स्कूटर पर लेकर जाते थे. शुरुआत में एक गेंदबाज, उन्होंने 2017-18 में पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट में डेब्यू के बाद गुप्ता के मार्गदर्शन में ऑलराउंडर बन गईं. उन्होंने 2019-20 में चंडीगढ़ के लिए खेला और 2022-23 में पंजाब में वापस आईं. महिला वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में अमनजोत के महत्वपूर्ण कैच ने भारत की जीत सुनिश्चित की.

अमनजोत की सबसे बड़ी फैन हैं दादी

भूपिंदर सिंह ने अपनी बेटी के शुरुआती संघर्षों को याद किया. “जब अमनजोत ने मोहाली में हमारे घर के सामने लड़कों के साथ ‘गली’ (सड़क) क्रिकेट खेलना शुरू किया. मेरी मां घंटों वहां बैठकर उसके खेल को देखती और प्रोत्साहित करती. अगर अमनजोत ने कैच छोड़ दिया होता और भारत मैच हार जाता, तो पूरा दोष मेरी बेटी पर आता. लेकिन शानदार कैच एक बड़ा क्षण है.”

Viplove Kumar

15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें

15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब… और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

November 03, 2025, 13:59 IST

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हर्ट अटैक के बाद बिस्तर पर पड़ी थी दादी …जीत की खबर सुन मिली ‘नई जिंदगी’

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