मेट्रो में खराब CCTV कैमरों का आरोप, DMRC ने खोल दिया चिठ्ठा, गिन-गिन कर बताया कितनी मुस्तैद है सुरक्षा dmrc anuj dayal dismisses all allegations of non functional cctv camaras in delhi metro and women safety in danger details are here

Last Updated:November 03, 2025, 21:20 IST
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने दिल्ली मेट्रो में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों की खबरों को गलत और भ्रामक बताया है. डीएमआरसी ने बताया कि पूरे मेट्रो नेटवर्क में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और 24000 कैमरे फंक्शनल हैं. दिन में करीब एक या दो कैमरे ही मेंटीनेंस के लिए रोजाना जाते हैं.
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दिल्ली मेट्रो में खराब सीसीटीवी की स्टडी पर डीएमआरसी ने जवाब दिया है.
दिल्ली मेट्रो में लगे सीसीटीवी कैमरों के ठीक से काम न करने के आरोपों को लेकर अब दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने पूरा का पूरा चिठ्ठा खोलकर दिखा दिया है. यात्रियों और खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहद संजीदा डीएमआरसी ने कुछ भ्रामक मीडिया रिपोर्टों को लेकर स्पष्टीकरण दिया है साथ ही कहा है कि रिपोर्ट्स में आरटीआई के जवाब के गलत नतीजे निकाले गए हैं.
दयाल ने बताया कि दिल्ली मेट्रो की 350 से ज्यादा ट्रेनों में महिलाओं के लिए अलग कोच निर्धारित हैं और इनमें लगभग 11000 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जो फंक्शनल हैं. इतना ही नहीं मेट्रो स्टेशनों को भी बेहद सुरक्षित बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है. डीएमआरसी के सभी मेट्रो स्टेशनों को मिलाकर लगभग 13,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे मेट्रो परिसर में प्रवेश और निकास द्वारों, टिकट काउंटर, एस्केलेटर और प्लेटफॉर्म पर लगाए गए हैं ताकि भीड़ की निगरानी की जा सके और यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे.
इन कैमरों से न केवल यात्रियों की निगरानी की जाती है बल्कि इन कैमरों की भी नियमित निगरानी और रखरखाव किया जाता है.अगर किसी कैमरे में खराबी आती है, तो उसी दिन उसकी मरम्मत कर दी जाती है. वहीं अगर ट्रेन में कोई कैमरा खराब मिलता है तो उसे सर्विस से पहले ही बदल दिया जाता है. पूरे मेट्रो नेटवर्क में रोजाना लगभग 24,000 कैमरे अनवरत रूप से काम करते हैं.
कैमरों का होता है विशेष रखरखावजब भी कभी किसी कैमरे में खराबी या तकनीकी खराबी आ जाती है तो उसे तुरंत या तो ठीक किया जाता है या बदल दिया जाता है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता कि उस स्थिति में कोई भी कैमरा काम नहीं करता. ऐसा शायद ही कभी हुआ हो कि एक समय में बहुत कम कैमरों ने काम किया हो. मीडिया रिपोर्टों में आरटीआई का हवाला देकर जो खबरें लगी हैं कि सीसीटीवी कैमरे बंद होने से महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है, तो वे गलत और भ्रामक हैं. रिकॉर्ड के मुताबिक पूरे साल में केवल 300-500 कैमरे ऐसे होते हैं जो रखरखाव (maintenance) में रहते हैं. ऐसे में औसत निकालें तो करीब एक या दो कैमरे ही रोजाना मरम्मत के लिए जाते हैं. बाकी सभी कैमरे सही से काम कर रहे होते हैं.
कभी नहीं बनता ब्लाइंड स्पॉट वे बताते हैं कि अगर कोई कैमरा मेंटेनेंस में रहता है, तब भी आसपास के कैमरे उस जगह को कवर कर लेते हैं,यानि उस स्थिति में भी कोई ब्लाइंड स्पॉट नहीं बनता.
हर कोच में हैं इमरजेंसी अलार्म बटन मेट्रो के हर कोच में आपातकालीन अलार्म बटन होते हैं. कोई भी आपात स्थिति आने पर यात्री इस बटन को दबाकर तुरंत मदद मांग सकते हैं. इस बटन के दबाते ही पास के स्टेशन पर मौजूद डीएमआरसी या सीआईएसएफ के कर्मचारी तुरंत कार्रवाई करते हैं.
तकनीक हो रही अपडेट डीएमआरसी पुराने कैमरों को अपडेट कर रही है और नई तकनीक वाले आधुनिक कैमरों से बदल रही है. इन कैमरों में जिनमें वीडियो एनालिटिक्स जैसी नई सुविधाएं भी होंगी. पुराने फ्लीट में भी आईपी आधारित कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि मेंटेनेंस की जरूरत कम हो.
priya gautamSenior Correspondent
अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi..com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें
अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi..com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्… और पढ़ें
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Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
November 03, 2025, 21:20 IST
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