राजस्थान में बढ़ती सड़क मौतों पर हाईकोर्ट सख्त, लिया स्वतः संज्ञान, राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट!

Last Updated:November 04, 2025, 18:46 IST
Rajasthan High Court On Road Accidents : राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. अदालत ने छह नवंबर तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं. जयपुर-जोधपुर हादसों पर भी कोर्ट ने चिंता जताई और सड़क सुरक्षा, ब्लैक स्पॉट्स और ट्रैफिक नियंत्रण पर सख्त रुख अपनाया है.
राजस्थान में बीते चार साल से यह परीक्षा चर्चा का विषय बनी हुई है.
जयपुर. प्रदेशभर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है. हाल ही में जयपुर, जोधपुर और अन्य जिलों में हुई भयावह सड़क दुर्घटनाओं के बाद अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. एडवोकेट राजेंद्र शर्मा द्वारा दायर एक पत्र याचिका पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने कहा कि अब सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
एसीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास और राज्य के महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद को नोटिस जारी करते हुए छह नवंबर तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने स्पष्ट किया है कि जवाब निर्धारित समय सीमा में ही पेश किया जाए ताकि मामले पर अगली सुनवाई में ठोस निर्णय लिया जा सके.
पत्र के जरिए उठाई गई थी चिंता, कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञानएडवोकेट राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने हाल के दिनों में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और उससे हो रही जनहानि पर चिंता जताते हुए हाईकोर्ट को पत्र लिखा था. उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि राज्य में हर कुछ दिनों में कोई न कोई भयावह हादसा हो रहा है, लेकिन सड़क सुरक्षा तंत्र और ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार नहीं दिख रहा. इस पर खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा की स्थिति पर भी रिपोर्ट तलबइसके साथ ही, हाईकोर्ट की डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी की खंडपीठ ने भी जयपुर-जोधपुर हादसों का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. अदालत ने सड़क सुरक्षा सुधारों, ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, वाहनों की फिटनेस जांच और ड्रंक एंड ड्राइविंग पर नियंत्रण को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है.
न्याय मित्र करेंगे सिफारिशें, प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोरहाईकोर्ट ने इस मामले में सुझाव देने के लिए एक न्याय मित्र भी नियुक्त किया है जो राज्य में सड़क सुरक्षा नीति और ट्रैफिक नियंत्रण के सुधार के लिए सिफारिशें पेश करेगा. अदालत ने कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे मामलों में प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि आने वाले समय में निर्दोष लोगों की जानें बचाई जा सकें.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
November 04, 2025, 18:46 IST
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राजस्थान में सड़क हादसों पर हाईकोर्ट सख्त, लिया स्वतः संज्ञान, मांगी रिपोर्ट!



