Jodhpur Petrol Tanker Danger on Highway, Ground Report Rajasthan

Last Updated:November 07, 2025, 11:22 IST
Ground Report: जोधपुर-पाली हाईवे पर खुलेआम पेट्रोल टैंकरों की पार्किंग से बड़ा खतरा मंडरा रहा है. प्रशासनिक लापरवाही और चालकों की गैर-जिम्मेदारी किसी भी वक्त मतोडा जैसा हादसा दोहरा सकती है. बीच सड़क पर खड़े टैंकर किसी भी क्षण विस्फोटक स्थिति पैदा कर सकते हैं.
ख़बरें फटाफट
जोधपुर: राजस्थान के मतोडा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे को अभी कुछ ही समय बीता है, जिसमें टैंपो ट्रैवलर की टक्कर से 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. लेकिन लगता है, सबक लेने के बजाय हालात फिर उसी खतरे की तरफ बढ़ रहे हैं. लोकल-18 की ग्राउंड रिपोर्ट में जोधपुर-पाली नेशनल हाईवे से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे चौंकाने वाली हैं. यहां खुलेआम बीच सड़क पर पेट्रोल से भरे ट्रक खड़े नजर आए. न कोई चेतावनी बोर्ड, न सुरक्षा इंतज़ाम. ऐसे में ज़रा सी चिंगारी भी मतोडा जैसी त्रासदी को दोहरा सकती है.
जब लोकल-18 की टीम मौके पर पहुंची, तो हाईवे पर तीन-तीन पेट्रोल टैंकर एक-दूसरे के बेहद नज़दीक खड़े मिले. स्थानीय निवासी दिनेश सारस्वत ने बताया, “यह नेशनल हाईवे है. यहां हर समय 100 किमी/घंटा की रफ्तार से गाड़ियां गुजरती हैं. अगर किसी वाहन ने ज़रा सी भी गलती कर दी, तो पेट्रोल टैंकर में आग लगने से पूरा इलाका झुलस सकता है.” उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पिछले महीनों में अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को हटाने की चेतावनी दी थी, लेकिन अब हालात पहले जैसे ही हैं.
यह मानव जीवन से खिलवाड़ हैस्थानीय युवा अंकित गहलोत का कहना है, “यह सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानव जीवन से खिलवाड़ है. जो ट्रक चालक सड़क के बीच वाहनों को खड़ा करते हैं, उन पर कड़ी सज़ा होनी चाहिए.” उन्होंने कहा कि भारत माला प्रोजेक्ट जैसे हाई-स्पीड हाइवे पर इस तरह की लापरवाही से हर साल अनगिनत हादसे हो रहे हैं. नियम तो हैं, पर उनका सही से अमल नहीं हो रहा है.
ट्रक चालकों की गैर-जिम्मेदारीजब टीम ने मौके पर मौजूद ट्रक चालकों से बात की, तो वे बोले, “हमें नहीं पता था कि यहां ट्रक नहीं खड़ा कर सकते, बस थोड़ी देर के लिए रुके थे.” लेकिन यह “थोड़ी देर” ही किसी बड़ी त्रासदी की वजह बन सकती है. आसपास मौजूद पेट्रोल, खुले तार और तेज़ रफ्तार वाहन — यह संयोजन किसी भी वक्त विस्फोटक बन सकता है.
प्रशासन से सीधे सवालअब सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा? क्या फिर किसी हादसे का इंतज़ार है, ताकि उसके बाद फाइलों में जांच बैठाई जाए? मतोडा, जैसलमेर और जयपुर के गैस ब्लास्ट जैसे हादसे चेतावनी हैं. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो अगला धमाका कहीं भी हो सकता है.
Location :
Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
November 07, 2025, 11:13 IST
मतोडा की राख ठंडी नहीं हुई… और जोधपुर ने तैयार कर ली नई चिता!



