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Uchiyarda Village Humanity Story Rajasthan

Last Updated:November 07, 2025, 12:06 IST

Jodhpur News: जोधपुर के बिलाड़ा उपखंड के उचियार्डा गांव में हिंदू और मुस्लिम समुदाय मिलकर सात वर्षों से हर महीने चार बार बेजुबान श्वानों को मीठा हलवा और गुलगुले खिलाते हैं. यह परंपरा धार्मिक एकता और मानवता की अनूठी मिसाल पेश कर रही है.
उचियार्डा गांव में चंदे से बनते हैं गुलगुले, हर वर्ग के लोग जुड़ते हैं सेवा मेउचियार्डा में मंदिर और दरगाह की छांव में इंसानियत के गुलगुले — हिंदू-मुस्लिम मिलकर कर रहे हैं श्वानों की सेवा

बिलाड़ा (जोधपुर): राजस्थान की मिट्टी वीरों की ही नहीं, बल्कि इंसानियत, प्रेम और सौहार्द की मिसाल भी रही है. इसी परंपरा को जीवंत करता है बिलाड़ा नगरपालिका क्षेत्र का उचियार्डा गांव, जहां पिछले 7 सालों से हिंदू और मुस्लिम समुदाय मिलकर बेजुबान श्वानों की सेवा कर रहे हैं. यह सेवा कार्य महीने में चार बार — ग्यारस, पूर्णिमा, और अमावस्या के दिन किया जाता है. हर बार लगभग 40 किलो मीठे गुलगुले या हलवे तैयार किए जाते हैं, जिन्हें गांव और आसपास के इलाकों में घूमकर श्वानों को खिलाया जाता है.

इस सेवा कार्य में कोई व्यक्ति पैसे देता है, कोई अनाज देता है, तो कोई अपने हाथों से गुलगुले बनाकर सेवा में जुड़ता है. महादेव मंदिर के पुजारी ढगलनाथ और मुस्लिम समाज के गन्नी खा व इब्राहिम खा साथ बैठकर जब गुलगुले बनाते हैं, तो यह सिर्फ एक पकवान नहीं, बल्कि एकता और भाईचारे का मीठा प्रतीक होता है. इस नेक काम के लिए गांव के सभी समुदाय मिलकर चंदा इकट्ठा करते हैं, जिससे यह परंपरा लगातार चलती रहे.

हर वर्ग के लोगों का समर्पणपुजारी ढगलनाथ, इब्राहिम खा तेली, गन्नी खा तेली, देवाराम सैन, देवाराम प्रजापत, चांद मोहम्मद तेली, चेतन और इंद्रमल सुथार सहित कई ग्रामीण इस कार्य में सक्रिय रहते हैं. वे बताते हैं कि “दया और सद्भावना ही इंसानियत का असली रूप है. सभी जीवों के प्रति करुणा और प्रेम रखना मानव धर्म है.” यह कार्य दिखाता है कि धर्म से ऊपर मानवता है.

हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक गांवगांव में सती माता का थान और दरगाह एक-दूसरे के बिल्कुल पास स्थित हैं. यहां हर साल बारिश से पहले दोनों समुदाय मिलकर इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए घुघरी (मीठा पकवान) बनाते हैं. जो आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश करता है. उचियार्डा आज पूरे क्षेत्र में धार्मिक एकता और इंसानियत का प्रतीक गांव बन चुका है.

Location :

Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan

First Published :

November 07, 2025, 12:05 IST

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उचियार्डा गांव में चंदे से बनते हैं गुलगुले, हर वर्ग के लोग जुड़ते हैं सेवा मे

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