Success Story: घर के कोने से शुरू हुआ सपना! इस महिला ने अचार-पापड़ बनाकर खड़ी की लाखों की कंपनी

Last Updated:November 11, 2025, 12:38 IST
Success Story: एक ग्रामीण महिला ने अपने आत्मविश्वास और मेहनत से अचार-पापड़ के बिजनेस को नई पहचान दी है. गांव की सीमाओं से निकलकर उसने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की. अब उसका बिजनेस हजारों रुपये की आमदनी दे रहा है, और वह आसपास की महिलाओं को भी रोजगार दे रही है. यह सच्ची प्रेरणादायक सफलता कहानी है.
भीलवाड़ा- आज के आधुनिक दौर में महिलाएं लगातार पुरुषों के मुकाबले कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है. अब महिलाएं अपने पैरों पर भी खड़ी हो रही है और अपने घर पर ही बिजनेस चला कर आत्मनिर्भर बन रही है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है भीलवाड़ा के एक छोटे से गांव की रहने वाली महिला ने जो अपने घर पर अचार बनाकर न केवल बिजनेस चल रही है बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही है और इतना ही नहीं उनके आचार की डिमांड न केवल राजस्थान बल्कि अन्य प्रदेशों में भी जमकर हो रही है.
भीलवाड़ा जिले के मेलास गांव की रहने वाली मुलमुल कंवर ने लोकल18 से खास बात करते हुए बताया कि वह पहले एक ग्रहणी थी और घर पर ही छोटे-मोटे कार्य किया करती थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी मां से अचार बनाना शुरू किया और छोटे स्तर पर अपने आस पड़ोस में अचार की बिक्री करना शुरू किया. मैंने शुरूआती दौर में 10 किलो अचार तैयार किया और अपने आसपास पड़ोसियों और सभी लोगों को अचार का स्वाद चखाया जो इन सबको अच्छा लगा. हम चार तरह के अचार बनाते हैं. इसके अलावा सीजन के हिसाब से भी अचार बनाते हैं इसके बाद मैंने राजीविका के तहत लोन लिया और बाद में अपने अचार के कारोबार को बढ़ाना शुरू किया. 2021 में हमने अपने अचार के कारोबार की शुरुआत की थी.
इसके बाद हमें इतना फायदा हुआ कि सालाना 5 हज़ार किलों अचार बना लेते हैं. जिसके चलते हमें प्रति महीना 35 हजार रुपए इनकम हो जाती हैं. मेरे पास करीब 12 महिलाएं काम करती है ये सभी महिलाएं गांव की रहने वाली और छोटे-मोटे काम करती है. मैंने सोचा कि जिस तरह मैंने शुरूआत की क्यों न इसी काम में अन्य महिलाओं को जोड़ा जाए ताकि उन्हें भी रोजगार मिल सके.
लाखों रुपए तक होती है कमाईमुलमुल कवंर ने बताया कि राजीविका द्वारा अलग-अलग जगह पर मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें हम हमारे अचार के प्रोडक्ट ले जाते हैं और उन मेलों में लाखों रुपए तक की कमाई हमारी अचार के माध्यम से हो जाती है. हमारे अचार के डिमांड भीलवाड़ा राजस्थान ही नहीं बल्कि पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी होती है. मैं अन्य महिलाओं को यही संदेश देना चाहती हूं कि अगर आप कोई बड़ा काम नहीं कर सकते हैं. तो आप अपने घर पर ही छोटा बिजनेस चल कर अपनी आमदनी कम सकते हैं.
Jagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें
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Location :
Bhilwara,Rajasthan
First Published :
November 11, 2025, 12:38 IST
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गांव की महिला ने रचा कमाल! अचार-पापड़ के छोटे बिजनेस ने बनाया आत्मनिर्भर



