Gardening Tips: आसान तरीके से घर के किचन गार्डन में लगाएं देसी और तीखी मिर्च का पौधा, खाने का जायका बढ़ेगा कई गुना

Last Updated:November 11, 2025, 15:27 IST
Gardening Tips : अगर आप चाहते हैं कि आपके खाने में ताजगी और देसी स्वाद दोनों बरकरार रहें, तो घर पर ही मिर्च उगाना सबसे बढ़िया तरीका है. थोड़ी धूप, हल्की नमी और थोड़ी देखभाल से आपकी बालकनी बन सकती है मिनी फार्म – जहां से हर बार तोड़िए ताजी, तीखी और सुगंधित देसी मिर्चें!
भीलवाड़ा – अगर आप घर पर ही ताजी और देसी मिर्च उगाना चाहते हैं, तो किचन गार्डन इसके लिए बेहतरीन जगह है. देसी मिर्च का पौधा न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि ये हर मौसम में काम आने वाली फसल है. मिर्च उगाने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती, आप इसे गमले या पुराने ड्रम में भी आसानी से लगा सकते हैं. बस ध्यान रहे कि पौधे को रोजाना धूप और हल्की नमी मिलती रहे. मिर्च का पौधा गर्म एनवायरनमेंट में तेजी से बढ़ता है, इसलिए इसे खुले स्थान या बालकनी में रखना फायदेमंद होता है.

मिर्च के पौधे लगाने से पहले मिट्टी की तैयारी सबसे जरूरी है. इसके लिए दो हिस्से बगीचे की मिट्टी, एक हिस्सा गोबर की खाद और एक हिस्सा बालू मिलाकर मिश्रण तैयार करें. मिट्टी अच्छी तरह भुरभुरी और जल निकासी वाली होनी चाहिए ताकि पौधों की जड़ों में पानी जमा न हो. बीज बोने से पहले मिट्टी को 24 घंटे धूप में सुखा लें, जिससे कीड़े-मकोड़े न रहें. अगर आप बीज के बजाय छोटे पौधे खरीदते हैं, तो उन्हें रोपने से पहले कुछ घंटे पानी में भिगोना भी पौधे की जड़ों को मजबूत बनाता है.

देसी और तीखी मिर्च के बीज बोने का सबसे सही समय फरवरी से जून के बीच माना जाता है. इस दौरान तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए. बीज को मिट्टी में 1 सेंटीमीटर गहराई तक बोकर ऊपर से हल्की मिट्टी की परत डाल दें. 7 से 10 दिनों में अंकुरण शुरू हो जाएगा. पौधों को रोज सुबह हल्का पानी दें और दोपहर की तेज धूप से बचाने के लिए शुरू के दिनों में छांव में रखें. जैसे-जैसे पौधा मजबूत होता जाए, उसे धीरे-धीरे पूरे दिन की धूप में रहने दें ताकि पत्ते गहरे हरे और स्वस्थ बनें.

मिर्च के पौधों की देखभाल में नियमित सिंचाई और कीट नियंत्रण बहुत अहम है. मिट्टी हमेशा थोड़ी नम रखें लेकिन पानी भरने से बचें. महीने में एक बार गोबर खाद या जैविक कंपोस्ट डालना पौधे की वृद्धि के लिए अच्छा रहता है. अगर पत्तियों पर छोटे सफेद कीड़े या मुरझाने के लक्षण दिखें, तो नीम का तेल पानी में मिलाकर छिड़काव करें. यह प्राकृतिक तरीके से कीटों को दूर रखेगा और फल आने की प्रक्रिया को भी तेज करेगा. साथ ही, पौधों के आसपास की मिट्टी को कभी-कभी खोदकर ढीला करना भी फायदेमंद रहता है.

जब मिर्च के पौधे पर फूल आना शुरू हो जाए, तो ध्यान रखें कि पौधे को पर्याप्त धूप मिले और मिट्टी में नमी बनी रहे. फूल झड़ने के कुछ ही हफ्तों में छोटी-छोटी मिर्चें नजर आने लगती हैं. जैसे-जैसे मिर्चें हरी से लाल होती जाती हैं, उनका तीखापन और स्वाद दोनों बढ़ता जाता है. आप चाहें तो आधी पकी मिर्च तोड़कर उपयोग करें या पूरी तरह लाल होने दें. पौधों से नियमित तोड़ाई करने पर नए फूल और फल तेजी से लगते हैं, जिससे उत्पादन ज्यादा और लंबे समय तक बना रहता है.

घर की मिर्च न केवल खाने में स्वाद बढ़ाती है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है. इसमें विटामिन-C, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं. देसी मिर्च का पौधा एक बार लगाने पर 6 से 8 महीने तक फल देता है. अगर आप हर कुछ हफ्तों में नए पौधे लगाते रहें, तो पूरे साल ताजी मिर्च की सप्लाई बनी रहेगी. अपने किचन गार्डन में यह पौधा लगाने से न केवल हरी सब्जियों का साथ मिलेगा, बल्कि बागवानी का आनंद और अपने खाने में ताजगी का स्वाद दोनों दोगुना हो जाएगा.
First Published :
November 11, 2025, 15:27 IST
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बालकनी में उगाइए देसी तीखी मिर्च! आसान तरीका, स्वाद और सेहत का खजाना



