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Last Updated:November 16, 2025, 22:40 IST
Goat Farming Tips: विदेशी बकरियों की कुछ खास नस्लें अपने उच्च दूध उत्पादन और कीमती ऊन के लिए दुनिया भर में लोकप्रिय हैं. इन बकरियों का दूध पोषक तत्वों से भरपूर होता है और ऊन अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत पर बिकता है. भारतीय पशुपालक भी अब इन नस्लों को अपनाकर कम समय में अच्छी कमाई कर रहे हैं.
बकरी को अक्सर “गरीब की गाय” कहा जाता है क्योंकि यह कम लागत में अधिक लाभ देने वाला पशु है. आज के समय में बकरी पालन एक तेजी से बढ़ता हुआ व्यवसाय बन चुका है. ग्रामीण इलाकों में यह न केवल पारंपरिक रूप से किया जा रहा है बल्कि अब एक संगठित और लाभदायक बिजनेस के रूप में भी उभर रहा है. यदि आप भी बकरी पालन शुरू करना चाहते हैं तो आपके लिए सही नस्ल का चयन बेहद जरूरी है.

टोगेनबर्ग नस्ल की बकरी स्विट्जरलैंड के टोगेनबर्ग घाटी से आती है. टोगेनबर्ग बकरियों का शरीर मजबूत और त्वचा नरम होती है. इनकी औसत दूध उत्पादन क्षमता 5.5 किलोग्राम प्रति दिन होती है. इस नस्ल की बकरियों का दूध मक्खन वसा से भरपूर होता है. इनकी त्वचा लचीली होती है और सींग नहीं होते हैं.

स्विट्जरलैंड की सैनेन घाटी से निकली सैनेन बकरियाँ उच्च दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं.इनका रंग सफेद या हल्का क्रीम होता है. इन बकरियों का औसत दूध उत्पादन 2-5 किलोग्राम प्रति दिन होता है और दूध में वसा की मात्रा 3-5% होती है. ये बकरियाँ अपने उच्च दूध उत्पादन और स्थिरता के लिए जानी जाती हैं.

अल्पाइन नस्ल फ्रेंच, स्विस और रॉक अल्पाइन के नाम से जानी जाती है. यह एक दुग्ध उत्पादक नस्ल है जिसका औसत दूध उत्पादन 2-3 किलोग्राम प्रति दिन होता है.इन बकरियों का दूध वसा 3-4% होता है और ये बकरियाँ विभिन्न रंगों में पाई जाती हैं.

न्युबियन बकरी की नस्ल उत्तर-पूर्वी अफ्रीका के नूबिया क्षेत्र से है और इन बकरियों को आम तौर पर लंबी टांगों और मजबूत शरीर की विशेषता प्राप्त है. न्युबियन बकरियों का क्रॉस ब्रिटेन की देशी नस्लों और भारत की जमुनापारी बकरियों से किया गया है. इन बकरियों की दूध उत्पादन क्षमता बहुत उच्च होती है. इनका औसतन 3-4 किलोग्राम दूध प्रति दिन प्राप्त किया जा सकता है.

अंगोरा नस्ल की बकरी तुर्की या एशिया माइनर की नस्ल है जो उच्च गुणवत्ता वाले रेशे का उत्पादन करती है. अंगोरा बकरियों का आकार छोटा होता है और उनके शरीर से उच्च गुणवत्ता वाली ऊन प्राप्त होती है जो फाइबर उद्योग में उपयोगी होती है. यह नस्ल विशेष रूप से ऊन के लिए प्रसिद्ध है और यदि इनकी ऊन समय पर नहीं काटी जाती है तो गर्मियों में स्वाभाविक रूप से गिर जाती है.
First Published :
November 16, 2025, 22:40 IST
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Goat Farming Tips: कमाल की कमाई! विदेशी बकरियों का दूध दोगुना मुनाफा दिलाएगा



