BSNL ने मदन राठौड़ को सिम एक्टिवेट किए बिना भेजा 1 लाख का बिल, पड़ गए लेने के देने, अब भरना पड़ेगा जुर्माना

Last Updated:November 17, 2025, 13:54 IST
Rajasthan BJP President Madan Rathore News: पाली जिला उपभोक्ता मंच ने राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है. मंच ने पाली बीएसएनएल को आदेश दिया है कि वह राठौड़ से वसूली गई बिल राशि ब्याज से समेत लौटाए. इसके साथ ही मंच ने पाली बीएसएनएल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जानें क्या है मामला.
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मदन राठौड़ ने 2016 में राजनैतिक विदेश यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने बीएसएनएल से एक सिम ली थी.
पाली. राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एक बार फिर चर्चा में है. इस बार चर्चा का कारण राजनीतिक नहीं बल्कि बीएसएनएल है. बीएसएनएल ने राठौड़ को 9 साल पहले एक ऐसी सिम का 108540 रुपये का बिल भेजा था जिसका उन्होंने उपयोग ही नहीं किया था. राठौड़ ने उस समय तो बिल को जमा कर दिया लेकिन इसके साथ ही वे उपभोक्ता मंच भी पहुंच गए. अब सात साल बाद इस मामले का फैसला आया है. उपभोक्ता मंच ने इस कृत्य के लिए बीएसएनएल को दोषी मानते हुए न केवल बिल राशि और सिम देते समय जमा की गई ₹10000राशि लौटने को कहा है बल्कि इसके साथ ही बीएसएनएल के महाप्रबंधक पर 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
जानकारी के अनुसार मदन राठौड़ ने 2016 में राजनैतिक विदेश यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने बीएसएनएल से एक सिम ली थी. उसके बाद बीएसएनएल ने उनको 108540 लाख का बिल भेज दिया. बिल देखकर राठौड़ का झटका लगा. उनका कहना था कि उन्होंने सिम को एक्टिव ही नहीं करवाया था और वह उपयोग में ही नहीं आई थी. इसके बावजूद बीएसएनएल ने उनको इतना भारी-भरकम बिल भेज दिया गया.
बीएसएनएल ने उसका कोई जवाब नहीं दियाराठौड़ ने बिल भरने के बाद वकील के जरिये बीएसएनएल नोटिस भेजा. लेकिन बीएसएनएल ने उसका कोई जवाब नहीं दिया. इस पर जून 2018 में राठौड़ ने अपनी वकील के जरिये जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पाली का रुख किया और बीएसएनएल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. उसके बाद बीएसएनएल ने जवाब देते हुए बताया कि राठौड़ से बिल की राशि ली गई है. इस मामले में अब सुनवाई पूरी होने के बाद आयोग ने अपना फैसला सुनाया है. आयोग ने अपने फैसले में बीएसएनएल को बड़ा तगड़ा झटका दिया है.
मंच ने इसे उपभोक्ता के साथ छलावा करार दिया हैआयोग ने फैसला देते हुए इसे उपभोक्ता के साथ छलावा करार दिया है. उसने उपभोक्ता के साथ हुई इस धोखाधड़ी के लिए बीएसएनएल को जिम्मेदार ठहराया है. आयोग ने बीएसएनएल बिल राशि ब्याज समेत और इंटरनेशनल कॉलिंग के लिए सिम लेते समय जमा की गई 10000 की राशि लौटाने का आदेश दिया है. इसके अलावा 30 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और परिवाद व्यय देने के साथ ही महाप्रबंधक पर 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह फैसला आयोग के पीठासीन अधिकारी अजय कुमार बंसल और शिवराम माहिया ने फैसला सुनाया. आयोग का राठौड़ के पक्ष में आया फैसला काफी चर्चा का विषय बना हुआ है.
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर… और पढ़ें
Location :
Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
November 17, 2025, 13:53 IST
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BSNL ने मदन राठौड़ को भेजा 1 लाख से ज्यादा का बिल, पड़ गए लेने के देने



