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सर्दियों में पालक, मेथी, सरसों की खेती से कम लागत में ज्यादा मुनाफा.

पाली. सर्दियों में ऐसी फसल जिसमें कम लागत लगे और अच्छा मुनाफा मिल सके, किसानों के लिए यह फसल लाभकारी होती है. ऐसी सब्जियां न केवल शरीर के लिए अच्छी रहती हैं बल्कि सेहत का खजाना भी कही जाती हैं. हम बात कर रहे हैं पालक, मेथी और सरसों के साग जैसी फसलों की, जिन्हें सर्दियों के इस मौसम में आपके खेत में खासतौर पर उगाया जा सकता है.

इन सब्जियों में न केवल विटामिन A और C बल्कि आयरन और फाइबर भी भरपूर होता है, जिससे लोगों की सेहत भी अच्छी रहती है और लोग इन्हें खरीदना पसंद करते हैं. इसमें बेहतर ग्रोथ के लिए प्रति हेक्टेयर कम से कम 25 टन गोबर की खाद डालनी चाहिए. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं, जिससे विकास तेज़ी से होता है. ऐसे में किसानों के लिए यह खास टिप्स हैं, जिससे आप इस सीजन में हरी सब्जियां उगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

सर्दियों में सेहतमंद रहती हैं ये हरी सब्जियां

हरी सब्जियां सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं, किसानों के लिए इन्हें उगाना फायदेमंद साबित होता है. हरी सब्जियां कम लागत में कम समय में अच्छी पैदावार देती हैं और बाजार में हमेशा इनकी अच्छी डिमांड रहती है. सर्दियों में ये फसलें 45–60 दिनों में तैयार हो जाती हैं, और एक हेक्टेयर से 10–15 टन तक उपज मिल सकती है.

पालक और मेथी की प्रसिद्ध वैरायटी

पालक की प्रसिद्ध पुरानी वैरायटी है “ऑलग्रीन”, इसके गहरे हरे, मुलायम पत्ते सब्जी को स्वादिष्ट बनाते हैं. नई वैरायटी “पूसा भारती” थोड़े हल्के हरे रंग की है, लेकिन स्वाद में कमाल है. इन दोनों किस्मों की विशेषता है कि इनके पत्ते नरम होते हैं और इनकी ग्रोथ जल्दी होती है। प्रति हेक्टेयर 20–25 किलोग्राम बीज दर से इनकी बुआई करना उपयुक्त है.

मेथी के लिए पुरानी प्रजाति है “पूसा अर्ली बंचिंग” और एक दूसरी मेथी है “कसूरी मेथी”, जिसके पत्ते सुखाकर लंबे समय तक ड्राई रूप में भी उपयोग किए जा सकते हैं. इसके लिए वैरायटी “पूसा कसूरी” है, मेथी में मल्टीकट की विशेषता होती है, यानी इसे 3–4 बार काटा जा सकता है. प्रति हेक्टेयर 15–20 किलोग्राम बीज दर से इनकी बुआई करना उपयुक्त है, जो किसानों को अच्छा लाभ दे सकती है.

ठंडी हवा में सरसों की खास विशेषता

सरसों का साग और मक्के दी रोटी अक्सर पंजाबी लोगों के मुंह से सुनने को मिलता है, मगर अब केवल पंजाबी ही नहीं बल्कि हर समाज के लोग सर्दियों में इसे खाना पसंद करते हैं। ऐसे में सरसों का साग सर्दियों में हर बाजार में आसानी से मिलता है।सरसों की प्रसिद्ध वैरायटी है “पूसा साग वन”, जो बहुत लोकप्रिय है। सरसों की विशेषता है कि यह ठंडी जलवायु के लिए सबसे अच्छी होती है। प्रति हेक्टेयर 3 किलोग्राम बीज दर से इसकी बुआई करना उपयुक्त है।

जानें सर्दियों में कौन से महीने बेहतर हैं

हरी सब्जियों के लिए नवंबर का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है, इसे पीक विंटर विंडो कहा जाता है, जब तापमान और नमी फसल के तेज़ विकास के लिए आदर्श होते हैं. यदि बुआई में देरी होती है तो उत्पादन में गिरावट आ सकती है. मिट्टी के चुनाव की बात करें तो बलुई दोमट मिट्टी सबसे बेहतर रहती है, जिसमें ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा अधिक हो. हालांकि यह फसल किसी भी मिट्टी में उग सकती है, लेकिन अच्छी ड्रेनेज होना बेहद जरूरी है, ताकि जलभराव से नुकसान न हो.

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