जवाई बांध, लेपर्ड सफारी, ओम शिव मंदिर

Last Updated:November 18, 2025, 17:43 IST
राजस्थान के पाली जिले में स्थित जवाई बांध सिर्फ पानी की आपूर्ति का स्रोत नहीं, बल्कि वन्यजीव प्रेमियों के लिए लेपर्ड सफारी का रोमांचक अनुभव भी है. साथ ही, ओम आकार का भव्य ओम शिव मंदिर और रहस्यमयी ओम बन्ना धाम इस क्षेत्र को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी खास बनाते हैं. यहां प्रकृति, रोमांच और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम देखने को मिलता है.
लेपर्ड सफारी के लिए जवाई बांध काफी प्रसिद्ध है, यहां नेता से लेकर अभिनेता तक आते हैं. हर किसी की पहली पसंद राजस्थान का यह खूबसूरत स्थल जवाई बांध बन गया है. इसकी खासियत की बात करें तो राजस्थान में जवाई की लेपर्ड सफारी सबसे रोमांचक वन्यजीव अनुभव मानी जाती है. सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि यहां तेंदुओं को कभी भी और कहीं भी देखा जा सकता है. यही कारण है कि प्रकृति और वन्यजीव प्रेमी यहां आकर एक अलग ही रोमांच और जिज्ञासा की दुनिया का अनुभव करते हैं. अगर आप यहां आना चाहते हैं, तो पाली से यह 75 किलोमीटर दूर सुमेरपुर में स्थित है, और सुमेरपुर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर जवाई लेपर्ड सफारी स्थापित है.

पश्चिमी राजस्थान का यह सबसे बड़ा डैम है, पाली वासियों की प्यास बुझाने का काम यही डैम करता है. बारिश के मौसम में यह डैम काफी हद तक भर जाता है, पाली सहित कई जिलों के 900 गांवों की प्यास बुझाने का काम यह डैम करता है. साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए यहीं से पानी उपलब्ध कराया जाता है. इसके अलावा, जो आस-पास वाइल्डलाइफ एरिया हैं, उनके लिए भी यही डैम पानी उपलब्ध कराता है. पाली में जवाई लेपर्ड सफारी के पास ही यह डैम स्थित है, जिसका दृश्य आपके टूर को और भी खूबसूरत बना देगा.

जवाई डेम के आसपास का इलाका पर्यटकों के लिए हर प्रकार की मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित है. यहां आने वाले सैलानियों के लिए एक सुंदर कैफेटेरिया की सुविधा उपलब्ध है, जहां बैठकर वे डेम की खूबसूरती का आनंद लेते हुए स्वादिष्ट व्यंजन भी खा सकते हैं. साथ ही, स्थानीय लोगों द्वारा छोटी-छोटी दुकानों के माध्यम से आवश्यक सामान भी उपलब्ध कराया जाता है. ये दुकानें पर्यटकों की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार का भी जरिया हैं.
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आज हम आपको महादेव के ऐसे विशाल मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको राजस्थान के पाली में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में कहीं और नहीं मिलेगा. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह <strong>ओम</strong> आकार का है और तो और, यहां आपको भगवान शिव की न केवल 1008 मूर्तियां मिलेंगी, बल्कि एक ही जगह पर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी हो जाएंगे. दुनिया के सबसे बड़े ओम आकार के इस मंदिर को पाली जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे 62 पर, जाड़न के निकट स्थापित किया गया है. इसे ओम शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है. यह मंदिर 270 एकड़ क्षेत्र में बना है, महाशिवरात्रि के पर्व पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.

जोधपुर और पाली रोड के पास, चौटिला गांव में भी एक ओम बन्ना धाम है, जिसकी कहानियां पिछले 37 साल से लोगों की जुबान पर हैं. यहां ओम बन्ना के साथ ही एक एंटीक बुलेट की भी पूजा होती है, यह बुलेट बाइक साल 1988 से यहां रखी हुई है. इस बुलेट की खास बात यह है कि इसे शोरूम स्टाइल में, कांच के अंदर सुरक्षित रखा गया है. 37 साल पुरानी इस बुलेट को आज भी देखकर ऐसा लगता है जैसे यह कल ही बनी हो. राजस्थान में ऐसे कई मंदिर और धाम हैं, जो अपनी मान्यताओं के साथ-साथ अपनी रहस्यमयी कहानियों के लिए भी प्रसिद्ध हैं.
First Published :
November 18, 2025, 17:43 IST
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जानिए पाली के पर्यटन स्थल में जवाई बांध से लेकर लेपर्ड सफारी के बारे में



