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टोड़ा बाले बाबा डुमरिया गढ़ | Bhaटोड़ा बाले बाबा डुमरिया गढ़ | Bharatpur Toda Bale Baba Siddh Temple | Miraculous Holy Placeratpur Toda Bale Baba Siddh Temple

Last Updated:November 21, 2025, 08:54 IST

Bharatpur Toda Bale Baba Siddh Temple: डुमरिया गढ़ स्थित टोड़ा बाले बाबा का चमत्कारी सिद्ध स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है, और मंदिर से जुड़ा प्राचीन कुंड का जल चर्म रोगों में लाभकारी माना जाता है. भाद्रपद पंचमी पर लगने वाला लक्खी मेला और विशाल कुश्ती अखाड़ा इस स्थान को विशेष बनाते हैं.डुमरिया गढ़ का चमत्कारी सिद्ध स्थल, टोड़ा बाले बाबा के मंदिर में पूरी होती...डुमरिया गढ़ का चमत्कारी सिद्धधाम: टोड़ा बाले बाबा के मंदिर में पूरी होती हर मनोकामना

भरतपुर. भरतपुर जिले की रुदावल तहसील से लगभग सात किलोमीटर दूर डुमरिया गढ़ पर स्थित टोड़ा बाले सिद्ध बाबा का मंदिर आज श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यह सिद्धधाम पहाड़ी की तलहटी में स्थित है, जहां मान्यता है कि सिद्ध बाबा ने वर्षों तक कठोर तपस्या कर दिव्य सिद्धियां प्राप्त की थीं. यही कारण है कि यह स्थान आज भी भक्तों के लिए चमत्कारिक और मनोकामना पूर्ण करने वाला माना जाता है. स्थानीय लोगों से लेकर दूर—दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से माथा टेकने पर हर इच्छा पूरी होती है और जीवन के कष्टों का निवारण होता है.

प्राकृतिक सुंदरता और भक्ति का संगममंदिर परिसर प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है. पहाड़ी का शांत वातावरण, घने जंगलों की ध्वनि और मंदिर में बजती घंटियों की गूंज भक्तों को विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभूति कराती है. प्रतिदिन सैकड़ों लोग मंदिर पहुंचते हैं, जबकि विशेष अवसरों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है. यहां आने वाले भक्त सिद्ध बाबा की गाथाएं सुनते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना करते हैं. इस स्थान पर शांति और आस्था का अद्भुत मेल देखने को मिलता है.

भाद्रपद पंचमी का लक्खी मेला-कुश्ती अखाड़ा बना आकर्षणडुमरिया गढ़ में भाद्रपद पंचमी पर लगने वाला लक्खी मेला इस मंदिर की पहचान है. इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. मेले का मुख्य आकर्षण विशाल मल्ल युद्ध अखाड़ा है, जिसमें राजस्थान और आसपास के राज्यों के पहलवान अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही लोकप्रिय है. मेले में स्थानीय संस्कृति, लोकधुनों, नृत्यों और धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रहती है, जिससे यह धार्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक महत्व का केंद्र भी बन जाता है.

प्राचीन कुंड-चर्म रोगों में लाभकारी माना जाता है जलमंदिर से कुछ दूरी पर स्थित प्राचीन कुंड भी रहस्य और आस्था का प्रतीक है. स्थानीय मान्यता है कि इस कुंड के जल में औषधीय गुण हैं, विशेष रूप से चर्म रोगों से राहत देने में. श्रद्धालु इस जल को शरीर पर डालते हैं या स्नान करते हैं और मानते हैं कि इससे त्वचा संबंधी परेशानियों में आराम मिलता है. कई लोग वर्षों से इसके लाभ अनुभव कर चुके हैं. इसी विश्वास के कारण कुंड की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है.

ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरटोड़ा बाले बाबा का यह सिद्ध स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है. यहां श्रद्धालुओं का निरंतर बढ़ता प्रवाह इसकी आस्था और महत्व को दर्शाता है, जिससे यह राजस्थान के प्रमुख सिद्ध स्थलों में गिना जाता है.

Location :

Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan

First Published :

November 21, 2025, 08:42 IST

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डुमरिया गढ़ का चमत्कारी सिद्ध स्थल, टोड़ा बाले बाबा के मंदिर में पूरी होती…

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