भरतपुर में 3600 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़! मास्टरमाइंड फरार, पुलिस-पब्लिक सभी बने शिकार

Last Updated:November 21, 2025, 19:57 IST
Bharatpur Online Cyber Fraud News : भरतपुर पुलिस ने निवेश के नाम पर 3600 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन वाले मेगा ऑनलाइन ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस फर्जी वेबसाइट नेटवर्क से जुड़े पांच आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जबकि मास्टरमाइंड संदीप विदेश में फरार बताया जा रहा है. गिरोह ने आम लोगों से लेकर पुलिसकर्मियों तक को निशाना बनाया, जिससे मामला और गंभीर हो गया है. पुलिस डिजिटल ट्रेल, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी खातों की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ कार्रवाई आगे बढ़ा रही है.
दीपक पुरी/भरतपुर. निवेश के नाम पर फर्जी वेबसाइट तैयार कर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा भरतपुर पुलिस ने किया है. अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार लगभग 3600 करोड़ रुपए के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन उजागर हुए हैं, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है. पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड संदीप अभी भी देश से बाहर फरार बताया जा रहा है. उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए विशेष टीम बनाई गई है और लगातार प्रयास जारी हैं. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने न सिर्फ आम लोगों को बल्कि कई पुलिसकर्मियों को भी ठगी का शिकार बनाया, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है.
यह मामला तब सामने आया जब एक सब इंस्पेक्टर खुद इस फ्रॉड नेटवर्क का शिकार हो गया और उसने अधिकारियों को इसकी सूचना दी. इसके बाद भरतपुर पुलिस ने सुमोटो कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और तकनीकी विश्लेषण के जरिए इस बड़े ऑनलाइन ठगी रैकेट तक पहुंच बनाई. पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद ने न्यूज़ 18 राजस्थान से बातचीत में बताया कि यह कार्रवाई काफी जटिल थी क्योंकि इस गिरोह ने तकनीक का इस्तेमाल कर अपना नेटवर्क बेहद उलझा हुआ बनाया हुआ था. फर्जी वेबसाइट और आकर्षक निवेश योजनाएं दिखाकर लोगों को बड़े मुनाफे का लालच दिया जाता था और इसके बाद उनकी जमा पूंजी अलग अलग खातों में घुमाकर बाहर भेज दी जाती थी.
ठगी का नेटवर्क और गहराई में जांचएसपी दिगंत आनंद के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं. इन जानकारी के आधार पर पुलिस अब जांच को और आगे बढ़ा रही है. अब तक उजागर हुए 3600 करोड़ रुपए के लेनदेन को देखते हुए पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय को भी पत्र भेजा है ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी खातों से जुड़े पहलुओं पर कार्रवाई की जा सके. पुलिस का मानना है कि इस रैकेट का नेटवर्क बड़ा और वित्तीय संरचना काफी जटिल है, इसलिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद से ही इसे पूरी तरह उजागर किया जा सकेगा.
मास्टरमाइंड की तलाश तेजमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस साइबर विशेषज्ञों की टीम के साथ मिलकर डिजिटल ट्रेल और डेटा एनालिसिस पर काम कर रही है. मास्टरमाइंड संदीप की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी निगरानी बढ़ाई गई है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे दबोच लिया जाएगा. पुलिस का कहना है कि इस गिरोह की गतिविधियों की परत दर परत खुलने के बाद कई और नाम सामने आ सकते हैं, जिसके लिए जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Bharatpur,Rajasthan
First Published :
November 21, 2025, 19:57 IST
homecrime
3600 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़! मास्टरमाइंड फरार, पुलिस-पब्लिक सभी बने शिकार



