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Last Updated:November 25, 2025, 10:43 IST
SK Hospital Sikar: सीकर के कल्याण अस्पताल में अब हेड इंजरी, स्ट्रोक और बर्न मरीजों का एडवांस इलाज शुरू हो गया है. पहले इन गंभीर मामलों के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ उपचार सीकर में ही संभव होगा. इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी.
सीकर. शेखावाटी के सबसे बड़े कल्याण अस्पताल में लगातार सुविधाओं में विस्तार हो रहा है. यहां अब मरीजों को जयपुर, दिल्ली मेट्रो सिटी जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलने लगी हैं. यहां न्यूरो सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग खोलने की राह अब काफी हद तक आसान हो चुकी है. अस्पताल में लगातार गंभीर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. खासकर हेड इंजरी, स्ट्रोक और बर्न जैसे मामलों को तत्काल विशेषज्ञ उपचार की जरूरत होती है. इन स्थितियों को देखते हुए प्रबंधन ने चिकित्सा शिक्षा सोसाइटी (RAJMES) से विभाग शुरू करने की मांग रखी है. ऐसे में अब राज्य स्तर से मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल का ढांचा और चिकित्सा सुविधाएं काफी मजबूत हो जाएंगी.

अस्पताल में पहले से ही दो न्यूरो सर्जन और एक प्लास्टिक सर्जन थे, लेकिन अस्पताल में मशीनों की कमी होने के कारण वे अपने विशेषज्ञ ज्ञान का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. विभाग शुरू होते ही इन एक्सपर्ट चिकित्सक को आधुनिक उपकरण, ऑपरेशन थिएटर और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे. इससे उपचार प्रक्रिया और अधिक आसान और वैज्ञानिक ढंग से संचालित हो सकेगी. मरीजों को भी भरोसे के साथ अस्पताल पहुंचने की सुविधा मिलेगी.

अब तक अस्पताल में न्यूरो और रेडियोलॉजी जैसे अत्यावश्यक विभागों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर जयपुर, जोधपुर या अन्य राज्यों के बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था. इससे न केवल समय की भारी खपत होती थी, बल्कि गरीब और मिडिल क्लास परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता था. कई बार दूर ले जाने के दौरान मरीज की स्थिति बिगड़ जाती थी. नए विभाग शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी.
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कल्याण अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार हेड इंजरी के गंभीर मामलों में गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के पहले एक घंटे का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान यदि मरीज को विशेषज्ञ उपचार मिल जाए तो जीवन बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. लेकिन विभाग न होने के कारण अस्पताल में अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध नहीं थे. ऐसे में कई विशेष प्रकार की ब्रेन और स्पाइन सर्जरी नहीं हो पाती थी. लेकिन, अब यहीं पर न्यूरो सर्जरी विभाग से यह सुविधा आसानी से मिल सकेगी.

अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि विभाग शुरू होने के बाद मरीजों को एक ही छत के नीचे निदान, सर्जरी और पोस्ट-ऑपरेशन केयर जैसी सभी सेवाएं उपलब्ध हो जाएंगी. इससे निजी अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च करने की मजबूरी खत्म होगी. साथ ही आपातकालीन स्थिति में अस्पताल में मरीजों को बड़े शहरों की अभी सुविधाएं मिलेगी. इससे उन पर अधिक आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा और सुविधाएं भी आसानी से मिल पाएगी आपको बता दें कि, अभी वर्तमान में अस्पताल में मात्र नौ बेड की क्षमता वाली बर्न यूनिट संचालित है, जिसके कारण गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को कई बार वार्ड में भर्ती होने के लिए इंतजार करना पड़ता है.

इससे उपचार में देरी होती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. प्लास्टिक सर्जरी विभाग खुलने से बर्न यूनिट की क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा. इससे मरीजों को अधिक बेड और एक्सपर्ट डॉक्टर की देखभाल मिलने लगेगी.0नई सुविधाओं के शुरू होने से चेहरे, मुंह, हाथ-पैर या शरीर के अन्य हिस्सों में जलन व चोट के साथ आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी. प्लास्टिक सर्जन की मौजूदगी से कॉस्मेटिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी भी समय पर हो सकेगी।
First Published :
November 25, 2025, 10:43 IST
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कल्याण अस्पताल में शुरू हुआ हेड इंजरी–स्ट्रोक–बर्न का टॉप लेवल इलाज



