Gwarphali Recipe | Diabetic Friendly Sabzi | Rajasthani Gwarphali Sabzi | Low Sugar Indian Recipes | Gavar Phali Benefits

Last Updated:November 25, 2025, 14:10 IST
Rajasthani Gwarphali Sabzi Recipe: ग्वारफली की सब्जी डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि इसमें फाइबर और प्राकृतिक तत्व शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं. राजस्थानी स्टाइल में बनने वाली यह सब्जी हल्की, पौष्टिक और जल्दी तैयार होने वाली रेसिपी है. नियमित सेवन से पाचन बेहतर होता है और शुगर स्पाइक्स कम होते हैं.
सीकर. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही बाजार रंग-बिरंगी सब्ज़ियों से भर जाता हैं और हर सब्ज़ी अपने स्वाद व सेहत के फायदे लेकर पहुंचती हैं. इन्हीं सर्दियों की सब्जियों में से एक है ग्वारफली, यह सब्जी बहुत पौष्टिक होती है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर और मिनरल पाए जाते हैं. कम कैलोरी वाली यह सब्ज़ी सर्दियों में पाचन से लेकर शुगर कंट्रोल करने में भी फायदेमंद होती है. सर्दियों में बनने वाली ग्वारफली की सब्ज़ी शरीर को हल्का, संतुलित और ऊर्जावान रखने में मदद करती है.

हेल्थ एक्सपर्ट डॉ प्रिया वर्मा ने बताया कि ग्वारफली में मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन A-C शरीर को पोषण देते हैं. जो, वजन नियंत्रण में भी मदद करते हैं. इसके अलावा ग्वारफली की सब्जी डायबिटीज मरीजों के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इस रोग में यह रामबाण औषधि मानी जाती हैं. आज की रेसिपी स्पेशल इस खबर में हम आपको राजस्थानी तरीके से पारंपरिक ग्वारफली की सब्जी बनाने की रेसिपी के बारे में बताएंगे.

गृहिणी रितु ने बताया कि ग्वारफली की सब्जी बनाना बहुत आसान है. इसे बनाने के लिए ग्वारफली 500 ग्राम, 1 बारीक कटा हुआ प्याज, 1 टमाटर, 1 हरी मिर्च, लहसुन 6से 7 कली, अदरक का पेस्ट, जीरा , तेल 2 बड़े चम्मच, सफेद तिल 1 छोटा चम्मच, हींग, हल्दी 1 छोटा चम्मच, लाल मिर्च पाउडर 1/2 छोटा चम्मच, अमचूर पाउडर या नींबू का रस, नमक स्वादानुसार, हरा धनिया थोड़ा सा बारीक कटा हुआ इन सामग्रियों की जरूरत होती हैं.
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गृहिणी रितु के अनुसार, ग्वारफली की सब्जी बनाने की शुरुआत उसके डंठल और किनारे के रेशे हटाकर की जाती है, जिससे फली मुलायम और खाने में आसान बनती है. इसके बाद फली को बराबर आकार के टुकड़ों में काटकर थोड़े पानी और नमक के साथ मध्यम आंच पर 2 से 3 मिनट उबाला जाता है. उबली हुई फली का पानी निथारकर अलग कर लिया जाता है. इसके बाद पैन में तेल गर्म करके जीरा तड़काया जाता है, फिर उसमें तिल, हींग, बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक और प्याज डालकर हल्का गुलाबी होने तक भूनकर सुगंधित बेस तैयार किया जाता है, जो सब्जी के स्वाद को निखारता है.

इसके बाद मसाले का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालकर कुछ सेकंड भूनते हैं, ताकि सभी मसालों की खुशबू अच्छी तरह निकल आए. इसके बाद टमाटर डालकर मध्यम आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक वे नरम होकर मसाले में घुल न जाएं और तेल छोड़ने न लगें. इसी मसाले में उबली हुई ग्वारफली और जरूरत अनुसार नमक मिलाकर सब्जी को अच्छी तरह चलाते हुए धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट पकाया जाता है. लास्ट में इसमें अमचूर पाउडर या नींबू रस मिलाकर स्वाद को संतुलित किया जाता है और ऊपर से हरा धनिया व भुने तिल डाले जाते हैं. इस तरह पारंपरिक राजस्थानी ग्वारफली की सब्जी बनाकर तैयार हो जाती है.

ठंड में अक्सर पेट भारीपन और कब्ज की समस्या बढ़ जाती है, ऐसे में ग्वारफली प्राकृतिक तरीके से राहत देती है. इसमें मौजूद प्रोटीन, आयरन और मैग्नीशियम शरीर को ऊर्जावान रखते हैं और थकान कम करते हैं. इसके अलावा सर्दियों में प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ती है, लेकिन ग्वारफली के एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाते हैं. इसका कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स डायबिटीज़ मरीजों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है. हल्के मसालों में बनी ग्वारफली की सब्ज़ी ठंड के मौसम में पाचन और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है.
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November 25, 2025, 14:10 IST
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क्या आप भी हैं शुगर मरीज? खाएं ग्वारफली की देसी सब्जी, ब्लड शुगर करें कंट्रोल



