13 साल की शूटर चित्रांगदा का धमाका! प्री-नेशनल में क्वालिफाई कर कोटा का नाम चमकाया, अब नेशनल में मेडल की तैयारी

Last Updated:November 26, 2025, 17:05 IST
Kota News Hindi : कोटा की नन्ही शूटिंग स्टार चित्रांगदा सिंह तंवर ने सिर्फ 13 साल की उम्र में प्री-नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में क्वालिफाई कर सबको चौंका दिया है. 400 में से 343 अंक हासिल कर उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात दी. कोटा मंडाना ग्राम में खुशी की लहर दौड़ गई है. अब चित्रा का लक्ष्य नेशनल में मेडल जीतकर कोटा का नाम और भी रोशन करना है.
कोटा : कोटा की नन्ही निशानेबाज चित्रांगदा सिंह तंवर ने 10 मीटर एयर पिस्टल प्री-नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में क्वालीफ़ाई कर न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है. आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय चित्रांगदा ने 400 में से 343 अंक हासिल कर अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए नेशनल चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई किया.
चित्रांगदा कोटा के मंडाना ग्राम की निवासी हैं और उनके पिता राजपाल सिंह तंवर, कोटा पुलिस में सी.आई. के पद पर कार्यरत हैं. प्री-नेशनल में क्वालीफिकेशन की खबर मिलते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई. परिवारजन व ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी और कहा कि “मंडाना ग्राम का नाम पहली बार किसी ने राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है.”
बचपन से रहा है पिस्टल और शूटिंग का आकर्षणचित्रांगदा के शूटिंग सफर की शुरुआत बचपन में हुई, जब उन्होंने पहली बार अपने पिता की सर्विस पिस्टल को हाथ में लिया. पिता जब भी घर आते, उनकी पिस्तौल को देखकर चित्रा की आंखों में अलग चमक दिखाई देती. एक दिन पिता ने उन्हें फार्महाउस पर रिवॉल्वर थमाई और पहले ही शॉट में सटीक निशाना लगाकर चित्रा ने सबको चकित कर दिया. पिता ने उसी क्षण कहा – “तुम तो निशाने पर पैदा हुई हो.”
साधना मैम और जादू सर बने सफलता के आधार स्तंभचित्रांगदा की इस उपलब्धि के पीछे उनके कोच साधना बुलीवाल मैम और जादू सर की महत्वपूर्ण भूमिका रही. साधना मैम ने उन्हें शूटिंग की तकनीकी बारीकियां सिखाईं, जबकि जादू सर ने उनकी तकनीक को इतना निखारा कि वह कम समय में प्री-नेशनल स्तर तक पहुंच गईं. दोनों कोचों ने चित्रा की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि “वह छोटी उम्र में ही असाधारण फोकस और अनुशासन दिखाती हैं.”
अनुशासित दिनचर्या – पढ़ाई और शूटिंग का संतुलनचित्रांगदा रोज सुबह 5 बजे उठकर दो घंटे शूटिंग प्रैक्टिस करती हैं. स्कूल के बाद वह दो घंटे पढ़ाई और फिर थोड़ा समय फिटनेस व स्पोर्ट्स को देती हैं. उम्र से कहीं अधिक अनुशासन के साथ वह पढ़ाई और शूटिंग दोनों में संतुलन बनाए हुए हैं. चित्रा का कहना है – “शूटिंग मुझे फोकस, धैर्य और मानसिक संतुलन सिखाती है. यही गुण भविष्य में यूपीएससी और आईपीएस बनने की तैयारी में मेरे काम आएंगे.”
लक्ष्य – नेशनल मेडल और आगे चलकर आईपीएस अधिकारी बननाप्री-नेशनल क्वालीफाई करने के बाद अब चित्रांगदा दिसंबर में होने वाली नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप की तैयारी में जुट गई हैं. उनका बड़ा सपना केवल शूटिंग में ही नहीं, बल्कि आगे चलकर आईपीएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना भी है. माता तरुणा कंवर और पिता राजपाल तंवर ने बेटी की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि “चित्रा ने छोटी उम्र में ही अपने समर्पण और मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल किया है.”
कोटा में उभरती नई युवा ऊर्जाचित्रांगदा की उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि कोटा सिर्फ शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स टैलेंट और युवा आत्मविश्वास का भी नया गढ़ बनकर सामने आ रहा है. युवा खिलाड़ियों की यह नई पीढ़ी कोटा का नाम देशभर में नई पहचान दे रही है.
Rupesh Kumar Jaiswal
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन… और पढ़ें
First Published :
November 26, 2025, 17:05 IST
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13 साल की शूटर चित्रांगदा प्री-नेशनल में क्वालिफाई, कोटा का मान बढ़ाया



