UPSC तैयारी के लिए जरूरी टिप्स और टाइम मैनेजमेंट स्ट्रेटजी.

सीकर. यूपीएससी देश की सबसे बड़ी परीक्षा है, जिसे पास करने का सपना लाखों छात्र देखते हैं, लेकिन सफलता केवल उन्हीं के कदम चूमती है जो सही रणनीति, गहरी समझ और निरंतर मेहनत के साथ तैयारी करते हैं. इस परीक्षा को क्लियर करने के लिए सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि स्मार्ट प्लानिंग, मानसिक संतुलन और टाइम मैनेजमेंट भी बहुत अधिक जरूरी है. इस परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर यूपीएससी क्या है और यह परीक्षा होती कैसे है. इसके अलावा यूपीएससी की सिविल सर्विसेज एग्जाम का पैटर्न भी अभ्यर्थी को अच्छी तरह से पता होना चाहिए.
इस परीक्षा की तैयारी का सबसे पहला कदम है सिलेबस और परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी करना। प्रीलिम्स के दो पेपर, मेंस के नौ पेपर और इंटरव्यू सहित पूरी प्रक्रिया को समझना बहुत जरूरी है. कई अभ्यर्थी बिना सिलेबस समझे पढ़ना शुरू कर देते हैं, जिससे समय और ऊर्जा दोनों बर्बाद होती है, इसलिए सिलेबस को प्रिंट करके स्टडी टेबल पर लगाना चाहिए ताकि रोज ध्यान बना रहे कि क्या पढ़ना है और क्यों पढ़ना है। यानी यूपीएससी सिलेबस ही आपका रोडमैप है.
बार-बार किताबें नहीं बदलें
एजुकेशन एक्सपर्ट विनोद वर्मा रलावता ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान बार-बार किताबें बदलने से फोकस टूटता है और तैयारी कमजोर होती है. ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए बेहतर यही होगा कि कम लेकिन विश्वसनीय नोट्स और किताबें चुनें और उसी पर टिके रहें, कोचिंग लेना या सेल्फ-स्टडी करना पूरी तरह व्यक्ति की क्षमता और सुविधा पर निर्भर करता है, लेकिन दोनों ही परिस्थितियों में अनुशासन और कंसिस्टेंसी अहम भूमिका निभाते हैं.
यूपीएससी की तैयारी में टाइम मैनेजमेंट सबसे बड़ा हथियार होता है, इसमें अभ्यर्थियों को रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे पढ़ाई करनी जरूरी है, जिसमें वे GS, ऑप्शनल विषय, करंट अफेयर्स और MCQ प्रैक्टिस के लिए अलग-अलग स्लॉट तय कर सकते हैं. रात के समय अभ्यर्थी रिटर्न की प्रैक्टिस करें और दिन खत्म होने से पहले रिवीजन पर अधिक फोकस रखें. एजुकेशन एक्सपर्ट विनोद वर्मा ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी में कंसिस्टेंसी ही सफलता का आधार है.
करंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान दें
एजुकेशन एक्सपर्ट विनोद वर्मा रलावता ने बताया कि अधिकतर अभ्यर्थी यूपीएससी की तैयारी में करंट अफेयर्स को गंभीरता से नहीं लेते, जबकि यह परीक्षा की रीढ़ है. इसके लिए रोजाना अखबार पढ़ना चाहिए, इसके साथ-साथ योजना, कुरुक्षेत्र और PIB की मॉनिटरिंग करनी चाहिए. इसके नोट्स बनाकर रोजाना पढ़ें क्योंकि यूपीएससी मेंस में यहां से उत्तर देना आसान हो जाता है. इसके अलावा करंट अफेयर्स का शाम को रिवीजन ज़रूर करना चाहिए ताकि जानकारी लंबे समय तक दिमाग में बनी रहे.
टेस्ट सीरीज UPSC तैयारी का बेहद अहम हिस्सा
एजुकेशन एक्सपर्ट के अनुसार टेस्ट सीरीज यूपीएससी की तैयारी का बेहद अहम हिस्सा है. इससे अभ्यर्थियों को अपनी कमजोरियां समझ में आती हैं और सुधार का सही मौका मिलता है. रोजाना टेस्ट देने से परीक्षा में टाइम मैनेजमेंट और उत्तर लेखन कला भी निखरती है, इस परीक्षा में मानसिक संतुलन भी उतना ही जरूरी है जितनी पढ़ाई. उन्होंने बताया कि यूपीएससी एक लंबी यात्रा है, इसलिए ध्यान, हल्का व्यायाम, पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है. इसमें अधिक तनाव लेने से परफॉर्मेंस कमजोर होती है, इसलिए तैयारी को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए.
ये टिप्स भी अपनाएं
हर टॉपिक पढ़ने के बाद माइंड-मैप बनाएं, इससे समझ गहरी और याददाश्त मजबूत होती है.2
पिछले 10 साल के प्रीलिम्स और मेंस प्रश्न पत्र जरूर हल करें.3
अपने उत्तरों में डेटा, रिपोर्ट, उदाहरण और केस स्टडी शामिल करें.4
एक निश्चित समय पर सोशल मीडिया डिटॉक्स करें ताकि ध्यान भटके नहीं.5
हर 15 दिन में अपनी प्रगति का मूल्यांकन जरूर करें.



