5 पीएम मिले, फिर अब क्यों हंगामा? पुतिन से न मिलने को राहुल गांधी ने बताया अपमान, तो विदेश मंत्रालय ने पेश कर दिए सबूत

Last Updated:December 04, 2025, 17:39 IST
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हाई-प्रोफाइल भारत दौरे के बीच एक बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार ने उन्हें रूसी राष्ट्रपति से मिलने से रोका, जो कि उनके पद और विपक्ष का ‘अपमान’ है. राहुल के इस तीखे हमले के बाद अब विदेश मंत्रालय ने मोर्चा संभाला है. मंत्रालय के सूत्रों ने न केवल इन आरोपों को खारिज किया है, बल्कि सबूत के तौर पर उन ‘5 प्रधानमंत्रियों’ की लिस्ट भी पेश कर दी है, जिनसे राहुल गांधी पिछले कुछ महीनों में मिल चुके हैं. सरकार का सवाल साफ है, जब पिछले 5 नेताओं से मिलने में कोई रोक नहीं थी, तो अब यह ‘हंगामा’ क्यों?
राहुल गांधी का कहना था कि विपक्ष के नेता को विदेशी मेहमानों से मिलने देना एक संसदीय परंपरा रही है. मुझे रोककर सरकार ने न केवल मेरा, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और विपक्ष का अपमान किया है. कांग्रेस का तर्क है कि अटल बिहारी वाजपेयी के दौर में ऐसी मुलाकातों को हमेशा प्रोत्साहित किया जाता था. लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि जब कोई विदेशी डिग्निटरी भारत आता है, तो विदेश मंत्रालय केवल उन बैठकों की जिम्मेदारी लेता है जो सरकारी अधिकारियों और सरकारी निकायों के साथ होनी हैं. इसके अलावा, सरकार के बाहर किसी भी नेता जैसे विपक्ष के नेता के साथ बैठक करनी है या नहीं, यह पूरी तरह से ‘विजिटिंग डेलिगेशन’ यानी मेहमान प्रतिनिधिमंडल पर निर्भर करता है.

10 जून, 2024 राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष बनने के ठीक अगले दिन शेख हसीना से मुलाकात की थी. इस बैठक में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं. यह एक शिष्टाचार भेंट थी, जिसमें भारत और बांग्लादेश के पुराने पारिवारिक और कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने और आपसी विश्वास पर चर्चा हुई.

1 अगस्त, 2024 वियतनाम के प्रधानमंत्री जब भारत दौरे पर आए, तो उन्होंने राहुल गांधी से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने, व्यापार और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई. वियतनामी पीएम ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की थी, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है.
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21 अगस्त, 2024 यह मुलाकात काफी अहम और व्यक्तिगत थी. मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने राहुल गांधी को अपना ‘पारिवारिक मित्र’ बताया था. इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-मलेशिया संबंधों को ‘रीसेट’ करने और व्यापार, तकनीक व क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात की थी.

16 सितंबर, 2025 मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने अपनी भारत यात्रा के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की. यह बैठक दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंधों पर केंद्रित थी. रामगुलाम ने भारत के साथ गहरे ‘मैत्रीपूर्ण संबंधों’ को रेखांकित किया. इस दौरे में उन्होंने अयोध्या और काशी की भी यात्रा की थी.

8 मार्च, 2025 न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ हुई राहुल गांधी की बैठक में द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्तों पर चर्चा हुई. बातचीत का मुख्य फोकस शिक्षा, कृषि तकनीक और खेल जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने पर था. यह मुलाकात दिखाती है कि पश्चिमी देशों के नेता भी विपक्ष के साथ संवाद को महत्व देते हैं.
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December 04, 2025, 17:39 IST
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5 PM मिले, फिर पुतिन पर हंगामा क्यों? राहुल के दावे पर सबूतों से जवाब


