| Jaipur Thar Accident | Cricketer Bhavya Chaudhary |

Last Updated:December 04, 2025, 17:34 IST
Jaipur Thar Accident Case : जयपुर में तेज रफ्तार थार ने 22 वर्षीय लॉ स्टूडेंट और सिंगर पारस शर्मा की जान ले ली. परिवार ने पुलिस पर पक्षपात और मामले को सामान्य दुर्घटना बताने का आरोप लगाया. आरोपी भव्या चौधरी गिरफ्तार होने के बाद चार घंटे में जमानत पर रिहा कर दी गई. हादसे ने युवाओं में तेज रफ्तार और सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.
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जयपुर. जयपुर में एक दिन पहले हुआ दर्दनाक हादसा पूरे शहर को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है. विधानसभा के पास तेज रफ्तार थार ने 22 वर्षीय लॉ स्टूडेंट और सिंगर पारस शर्मा की जान ले ली. पारस अपनी स्कूटी के पास खड़ा था जब क्रिकेटर छात्रा भव्या चौधरी सौ से अधिक की स्पीड में थार चलाते हुए उसे जोरदार टक्कर मार गई. हादसे वाली जगह पर अब भी खून के निशान नजर आते हैं, जो उस रात के भयानक मंजर की याद दिलाते हैं. चश्मदीदों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि पारस कई फीट दूर जाकर गिरा और मौके पर ही उसकी हालत गंभीर हो गई.
पारस के पिता मुकेश शर्मा के अनुसार उनका बेटा बेहद टैलेंटेड था. वे रोते हुए कहते हैं कि पारस लॉ की पढ़ाई कर रहा था, साथ ही सिंगर भी था. वह खुद गाने लिखता, रिकॉर्ड करता और सोशल मीडिया पर डालता था. उसके कई म्यूजिक वीडियो वायरल हैं. पिता का आरोप है कि भव्या तेज रफ्तार में कार चला रही थी और उसी लापरवाही ने उनकी उम्मीदों को कुचल दिया. उनका कहना है कि हादसे के बाद भी पुलिस ने परिवार का साथ नहीं दिया और आरोपी को बचाने में मदद की. दादा सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि हादसे से कुछ घंटे पहले ही शाम चार बजे पारस से बात हुई थी. वह घर आने की बात कह रहा था, लेकिन अब वह कभी वापस नहीं आएगा.
पुलिस पर पक्षपात का आरोप, मां और परिजन का दर्दपारस की मां पिंकी का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा कि मेरे बेटे को मेरी बेटी जैसी उम्र की लड़की ने मार दिया. उसे सजा दो, नहीं तो मैं दूंगी. पारस के चाचा ने भी आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी पक्ष के प्रभाव में है और मामले को साधारण दुर्घटना की तरह दिखाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि परिवार की कोई सुनवाई नहीं हो रही और पुलिस की कार्रवाई शुरुआत से ही पक्षपाती नजर आ रही है.
गिरफ्तारी के 4 घंटे बाद ही भव्या जमानत पर रिहाहादसे के बाद पुलिस ने बुधवार को आरोपी भव्या चौधरी को गिरफ्तार किया और थार गाड़ी को जब्त कर लिया. लेकिन परिवार इससे और आक्रोशित हो गया क्योंकि गिरफ्तारी के केवल चार घंटे बाद ही भव्या को थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया. साथ ही कार में मौजूद उसकी साथी प्रिया को भी जमानत दे दी गई. परिवार का कहना है कि यह हिट एंड रन का मामला है, लेकिन इसे सामान्य दुर्घटना के रूप में पेश किया जा रहा है.
युवाओं में तेज रफ्तार का बढ़ता जुनून और विशेषज्ञों की रायइस हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि युवाओं में इतनी तेज रफ्तार में गाड़ियां चलाने का जुनून क्यों बढ़ रहा है. साइकोलॉजिस्ट डॉ. अनिता गौतम के अनुसार टीनएज और युवा अवस्था में पावर दिखाने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है. हार्मोनल बदलाव और बिहेवियरल पैटर्न के कारण युवक-युवतियां भारी गाड़ियों को तेज स्पीड में चलाने की कोशिश करते हैं. थार जैसी गाड़ी भारी होती है और स्पीड में इसे कंट्रोल करना मुश्किल होता है. ऐसे में एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है.
परिवार ने कर दी ये मांगपरिवार ने वर्तमान स्थिति में सिर्फ एक ही मांग रखी है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो. उनका कहना है कि यह सिर्फ हादसा नहीं बल्कि लापरवाही और प्रभाव के कारण हुई मौत है, जिसने इंसाफ की राह और कठिन बना दी है. परिवार के अनुसार यदि पुलिस ने शुरुआत से ही निष्पक्ष कार्रवाई की होती तो आज उनकी पीड़ा कुछ कम होती. अब उनकी पूरी उम्मीद न्याय से है और वे लगातार पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 04, 2025, 17:32 IST
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युवक को कुचल कर मार डालने वाली लड़की को पुलिस ने पकड़कर 4 घंटे में वापस छोड़ा!



