राजस्थानी कंदोरा: परंपरा, डिज़ाइन और बढ़ती लोकप्रियता

Last Updated:December 06, 2025, 18:11 IST
कंदोरा, राजस्थानी संस्कृति का पारंपरिक कमर आभूषण, न केवल सौंदर्य बढ़ाता है बल्कि शक्ति, सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक भी माना जाता है. यह चांदी, सोना या ऑक्सिडाइज्ड मेटल से बना भारी और डिज़ाइन से भरपूर आभूषण बारीक नक्काशी, पायलनुमा लटकन, मोती और मीनाकारी जैसी कलाकारी से सजता है. आजकल पारंपरिक और फ्यूजन लुक्स में कंदोरे की मांग तेजी से बढ़ रही है, और यह दुल्हनों, फेस्टिव लुक चाहने वाली महिलाओं, डांस परफॉर्मर्स और मॉडल्स के लिए एक आकर्षक फैशन एक्सेसरी बन चुका है. शादी, त्योहार या फोटोशूट—कंदोरा हर अवसर पर पूरे लुक को शाही और मनमोहक बना देता है.
राजस्थानी आभूषणों की परंपरा में कुछ ऐसी रचनाएं हैं, जो न केवल सौंदर्य बढ़ाती हैं बल्कि संस्कृति को भी समेटे हुए देखने वाले को आश्चर्यचकित कर देती हैं. उनमें से एक है कंदोरा, जिसे कमरपट्टा, कमरबंद या उंगली-कंदोरा भी कहा जाता है. यह आभूषण सदियों से महिलाओं की कमर की सुंदरता को निखारने के लिए पहना जाता रहा है. विशेष रूप से शादियों, पारंपरिक त्योहारों, राजस्थानी पहनावे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कंदोरा एक अनिवार्य गहना माना जाता है.

कंदोरा एक खास प्रकार का कमर में पहनने वाला आभूषण है, जो चांदी, सोना या ऑक्सिडाइज्ड मेटल से बनाया जाता है. यह भारी, चौड़ा और डिज़ाइन से भरपूर होता है, इसमें बारीक नक्काशी, घंटियां, मोती, पायलनुमा लटकन और सुंदर कलाकारी इसकी पहचान हैं. कंदोरा में चांदी की नक्काशी, बहु-स्तरीय चैन, फूलों की कारीगरी और कोणीय लटकनों से सजावट की जाती है. बीच में बना डेकोरेटिव सेंटरपीस इसे बेहद शाही लुक देता है, यह कंदोरा पारंपरिकता और फैशन का सुंदर मिश्रण है.

राजस्थानी संस्कृति में कंदोरा को शक्ति, सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है. इसे दुल्हन के मुख्य आभूषणों में शामिल किया जाता है, विवाह के समय कंदोरा आभूषण ससुराल की ओर से दुल्हन को उपहार के रूप में दिया जाता है, यह कमर की खूबसूरती बढ़ाता है. कंदोरा पहनने से कमर का आकर्षण बढ़ता है, और लहंगा, साड़ी या घाघरा पर इसका लुक बेहद मनमोहक लगता है. कंदोरा राजस्थानी और शाही लुक के लिए पहना जाता है. कंदोरा का उपयोग डांस और फोक परफॉर्मेंस में भी किया जाता है. फोक डांस जैसे घूमर, गरबा और गठका में कंदोरा एक महत्वपूर्ण गहना है, जो पहनावे को पूर्णता देता है.
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कंदोरा की खूबसूरती इसके डिज़ाइन में छुपी होती है, इसमें चांदी की मोटी चेनें, कारीगरी वाले पेंडेंट, फूल-पत्तियों की नक्काशी, पायल जैसे झुमकेदार लटकन, मोतियों की झड़ी और ऑक्सिडाइज्ड और मीनाकारी जैसे तत्व इसे खास बनाते हैं. स्थानीय कारीगर बताते हैं कि कंदोरा आधुनिकता और परंपरा का अनोखा मेल है, जो दुल्हनों और फैशन-प्रेमियों दोनों की पहली पसंद है.

आजकल फिर से पारंपरिक लुक्स का ट्रेंड लौट आया है, इंस्टाग्राम रील्स, फोटोग्राफी शूट, ब्राइडल मेकओवर और फेस्टिव वियर में कंदोरा की मांग तेजी से बढ़ रही है. खासकर सिल्वर ऑक्सिडाइज्ड कंदोरा, हैवी हैंडमेड कंदोरा और मीनाकारी व रजतकारी कंदोरे बहुत ज्यादा ट्रेंड में हैं. फ्यूजन ड्रेस जैसे प्लाज़ो, स्कर्ट और इंडो-वेस्टर्न के साथ भी इसे स्टाइल किया जा रहा है.

कंदोरा सिर्फ दुल्हनों के लिए ही नहीं, बल्कि पारंपरिक पहनावे वाली महिलाएँ, डांस परफॉर्मर्स, फेस्टिव लुक चाहने वाली महिलाएँ और फोटोशूट करवाने वाली मॉडल्स के लिए भी एक बेहतरीन फैशन एक्सेसरी है. यह कमर की सुंदरता, शान और आत्मविश्वास को और बढ़ा देता है. चाहे शादी हो, त्योहार हो या कोई खास अवसर, एक खूबसूरत कंदोरा पूरे लुक को राजसी और आकर्षक बना देता है.
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December 06, 2025, 18:11 IST
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जानिए राजस्थानी कंदोरा की परंपरा, डिज़ाइन और बढ़ती लोकप्रियता



