एसआईआर के मामले में राजस्थान में जो हुआ वो पूरे देश के लिए मिसाल! जानें कैसे बदली पूरी चुनाव प्रणाली?

Last Updated:December 06, 2025, 19:05 IST
Rajasthan SIR Update : राजस्थान देश का पहला राज्य बना जिसने 100% मतदाता सूची डिजिटाइजेशन पूरा किया. ECINET, BLO ऐप और पोर्टल से प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई. CEO नवीन महाजन ने इसे टीम राजस्थान की विजय बताया.
जयपुर. राजस्थान ने एक बार फिर देश में तकनीकी और प्रशासनिक दक्षता का नया मानक स्थापित कर दिया है. राज्य 100% मतदाता सूची डिजिटाइजेशन पूरा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जो मतदान प्रबंधन और पारदर्शिता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है. इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने में ECINET, BLO ऐप और पोर्टल आधारित सत्यापन ने बड़ी भूमिका निभाई है, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में बेहद तेज, आसान और त्रुटिरहित बनी. मतदाता पहचान और स्थान-विशिष्ट सत्यापन जैसी जटिलताओं को डिजिटल माध्यमों से हल करने में राजस्थान सबसे आगे रहा है, जिससे आगामी चुनावों की तैयारी और भी मजबूत हो गई है.
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवीन महाजन ने इस उपलब्धि को ‘टीम राजस्थान की सामूहिक विजय’ बताया है. उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल तकनीकी सुधार का परिणाम नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले बीएलओ और कार्मिकों की निष्ठा, मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण है. उन्होंने प्रदेशवासियों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सत्यापन प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर सहयोग किया और दस्तावेज उपलब्ध कराए. अब राज्यभर में मतदाता सूची का डिजिटाइजेशन पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिससे मतदाताओं से लेकर प्रशासन तक सभी को सुविधा और पारदर्शिता मिलने वाली है.
राजस्थान में डिजिटाइजेशन का मॉडल बना आदर्शSIR–2026 के तहत राजस्थान में अभूतपूर्व तकनीकी प्रगति दर्ज की गई है. पूरे राज्य में 97% से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि केवल 3% मतदाताओं को ही अपने दस्तावेज देने की आवश्यकता रह गई है. इसका अर्थ है कि प्रति बूथ औसतन सिर्फ 30 मतदाताओं को ही दस्तावेज जमा कराने होंगे, जो पूरे अभियान को अत्यंत कुशल और समयबद्ध बनाता है. साथ ही डिजिटल सत्यापन प्रणाली से डेटा की विश्वसनीयता में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है.
16 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूचीनिर्वाचन विभाग ने पुष्टि की है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद मतदाता अपने विवरण का परीक्षण कर सकेंगे और आवश्यक संशोधन के लिए आवेदन कर पाएंगे. डिजिटल प्रणाली पूरी तरह सक्रिय होने से अब संशोधन और सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज माध्यम से पूरी की जा सकेगी. राजस्थान का यह प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मॉडल बन चुका है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 06, 2025, 19:05 IST
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SIR मामले में राजस्थान में जो हुआ वो पूरे देश के लिए मिसाल! बदली पूरी प्रणाली



