कैलाश खेर ने जोधपुर की की तारीफ . Kailash Kher praises Jodhpur Culture & Hospitality.

Last Updated:December 06, 2025, 10:05 IST
जोधपुर: कैलाश खेर जोधपुर पहुंचे और शहर की मेहमाननवाज़ी. संस्कृति व व्यंजनों की जमकर तारीफ की. मीडिया से कहा-“यहां के खंडहरों से भी इंसानियत की खुशबू आती है.” सूफी गायक ने दाल-बाटी और जोधपुरी मसालों की भी खूब सराहना की.
जोधपुर. राजस्थान की सांस्कृतिक सुंदरता और यहां की मेहमाननवाज़ी हमेशा से देश–दुनिया के लोगों को आकर्षित करती रही है. इसी खूबसूरत रंग में रंगे हुए दिखाई दिए मशहूर सूफी गायक कैलाश खेर. जो शुक्रवार को एक कार्यक्रम के लिए जोधपुर पहुंचे.
मीडिया से बातचीत में उन्होंने राजस्थान. खासकर जोधपुर के प्रति अपने गहरे प्रेम को खुलकर जाहिर किया. उनकी बातों में यहां की मिट्टी और लोगों के प्रति एक विशेष जुड़ाव साफ दिखाई दिया.
जोधपुर की संस्कृति पर बोले कैलाश खेरकैलाश खेर ने बताया कि उनका जोधपुर से गहरा और भावनात्मक रिश्ता है. मुस्कुराते हुए बोले—
“जोधपुर को सूर्य नगरी और नील नगरी कहा जाता है… यहां के खंडहरों से भी इंसानियत की खुशबू आती है.”
उन्होंने कहा कि राजस्थान का इतिहास हो. लोग हों या भोजन—सब कुछ दिल को छू लेने वाला है.
खेर ने बताया कि वे पहले भी कई बार जोधपुर आ चुके हैं और हर बार ये शहर उन्हें एक नया और आध्यात्मिक अनुभव देता है.
उन्होंने यह भी कहा कि यहां के लोक संगीत और कलाकारों में अद्भुत प्रतिभा है.
जोधपुरी व्यंजनों का स्वाद भी किया खूब पसंदसंगीत कार्यक्रम के बाद कैलाश खेर ने जोधपुर के पारंपरिक व्यंजनों का भी स्वाद लिया.
उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा—“मैं जहां भी जाऊं. दाल-बाटी. कढ़ी और यहां के खास मसाले मुझे रोक ही लेते हैं… यहां का खाना दिल से बनाया जाता है.”
उन्होंने जोधपुर को “संस्कृति और मेहमाननवाज़ी का घर” बताया.
खाने के प्रति उनका प्रेम और जोधपुर के स्वाद की तारीफ सुनकर स्थानीय लोग भी उत्साहित हो गए.
संघर्ष से सफलता तक—कैलाश खेर की खास यात्राकैलाश खेर का सफर भी प्रेरणादायी रहा है.
शुरुआती दौर में उन्होंने मुंबई में विज्ञापनों के लिए जिंगल्स गाने शुरू किए.
लेकिन ‘अल्लाह के बंदे’ ने उन्हें रातों-रात पहचान दिलाई और ‘तेरी दीवानी’ ने उन्हें सूफी–फ्यूजन का वैश्विक चेहरा बना दिया.
उन्होंने हिंदी के साथ तमिल. तेलुगु. कन्नड़. मलयालम. बंगाली. गुजराती और मराठी सहित कई भाषाओं में भी गीत गाए हैं.
जोधपुर से गहरा जुड़ाव—“यह शहर दिल से जीता है.”कैलाश खेर ने जोधपुर की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग दिल से स्वागत करते हैं और यहां की संस्कृति में अपनापन भरा है.
उन्होंने कहा कि राजस्थान की ऊर्जा. इसकी मिट्टी और यहां की परंपराएं उन्हें हमेशा आकर्षित करती हैं. यह शहर कला. संगीत और मानवता का अद्भुत संगम है.
Location :
Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
December 06, 2025, 10:05 IST
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जोधपुर: राजस्थान की मेहमाननवाजी पर फिदा हुए कैलाश खेर, कही दिल छू लेने वाली…



