वो कल्ट क्लासिक फिल्म, जिसमें दिखी सबसे शॉकिंग एंडिंग, कोई फिल्म नहीं कर पाई लास्ट सीन की बराबरी – kamal haasan sridevi sadma movie last scene considered most saddest climax in Bollywood turn cult classic like saiyaara ahaan panday sanam teri kasam

Last Updated:December 08, 2025, 20:51 IST
Bollywood Most shocking climax Scene: जुलाई 2025 में एक ऐसी फिल्म सिनेमाघरों में आई थी जिसको देखकर थिएटर्स पर कई युवा रोते हुए पाए गए थे. फिल्म में दिखाई गई दर्दनाक प्रेम कहानी को देखकर दर्शकों का दिल छलनी हो गया था. 2003 में सलमान खान की फिल्म ‘तेरे नाम’ में भी कुछ ऐसा ही दर्द था. करीब 43 साल पहले बॉलीवुड में एक ऐसी फिल्म आई थी जिसका क्लाइमैक्स सीन हिंदी सिनेमा के पिछले चार दशकों के सबसे शॉकिंग सीन में शुमार है. पिछले तीन दशकों में ऐसा क्लाइमैक्स कम ही फिल्मों में दिखाई देता है. यह फिल्म कौन सी थी और इसकी क्या थी, आइये जानते हैं…. 
40 साल पहले युवा दिलों को रुला देने वाले वाली फिल्म आई थी जिसकी शॉकिंग एंडिंग ने होश उड़ा दिए थे. सनम तेरी कसम और सैयारा जैसी फिल्मों को देखकर रोने वाले जवां दिल इस फिल्म को फ्री में यूट्यूब पर देख सकते हैं. इस फिल्म का नाम था : सदमा. 8 जुलाई 1983 को रिलीज हुई इस फिल्म में कमल हसन और श्रीदेवी लीड रोल में नजर आए थे. कमल हसन और श्रीदेवी की नेचुरल एक्टिंव से भरपूर यह फिल्म आज कल्ट क्लासिक मूवी मानी जाती है. कहानी और किरदार दर्शकों को बांधकर रखते हैं. इसकी गिनती बॉलीवुड की 10 सबसे दर्दनाक एंडिंग वाली फिल्मों में होती है. फिल्म का डायरेक्शन बालू महेंद्र ने किया था. गुलजार ने डायलॉग लिखे थे. फिल्म की कहानी बालू महेंद्र की ही थी. यह फिल्म उनकी तमिल फिल्म मंडराम प्यारी पर बेस्ड थी. राज एन. सिप्पी फिल्म को प्रोड्यूस किया था.

भारत ने 25 जून 1983 को लॉर्ड्स में वेस्टइंडीज को हराकर वर्ल्डकप जीता था. पूरा देश जश्न में डूबा रहा. इस ऐतिहासिक अवसर के 13 दिन बाद सिनेमाघरों में ‘सदमा’ मूवी रिलीज हुई थी. इस फिल्म के एंडिंग सीन ने करोड़ों लोगों की आंखों में आंसू ला दिए थे.

फिल्म का म्यूजिक इलैयाराजा ने दिया था. यह उनकी पहली हिंदी फिल्म थी. गीत गुलजार ने लिखे थे. फिल्म के दो सदाबहार गाने ‘ऐ जिंदगी गले लगा ले’ और ‘सुरमीय अंखियों में’ आज भी दिल को सुकून देते हैं. फिल्म को 3 फिल्मेफेयर अवॉर्ड में नॉमिनेट किया गया था.
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सदमा फिल्म की कहानी डायरेक्टर बालू महेंद्र ने अपनी रियल लाइफ पत्नी की मौत के बाद लिखी थी. सदमा तमिल सिनेमा की 1982 में आई सुपर-डुपर हिट फिल्म ‘मुंदराम पिरई’ का रीमेक थी. तमिल फिल्म में भी श्रीदेवी-कमल हसन लीड रोल में थे. दोनों फिल्म की पूरी कहानी एक जैसी थी. तमिल फिल्म को भी बालू महेंद्र ने ही डायरेक्ट किया था. बस कुछ कलाकारों को हिंदी के हिसाब से लिया गया था.

प्रोड्यूसर राज एन सिप्पी ने तमिल फिल्म के राइट्स खरीदे थे. फिल्म का बजट 1.2 करोड़ था. फिल्म ने 2.10 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक एवरेज फिल्म साबित हुई थी. पैसे कमाने के मामले में सदमा बॉक्स ऑफिस पर 1983 में 19वें नंबर पर रही थी.

फिल्म का क्लाइमैक्स बहुत ही दर्दनाक था. अंत में श्रीदेवी ट्रेन में बैठकर जाने लगती हैं. कमल हसन प्लेटफॉर्म पर बंदरों की तरह उछल-उछलकर उन्हें रोकने का प्रयास करते हैं. श्रीदेवी को लगता है कि वो भिखारी हैं. वो उनके साथ बिताए पलों को भूल जाती हैं. फिल्म का यह सीन हृदय को छलनी कर देता है.

सदमा बॉक्स ऑफिस पर तो औसत रही लेकिन टीवी-वीसीआर पर यह फिल्म खूब देखी गई. फिल्म की गहराई दर्शकों को समय के साथ समझ में आई. IMDB पर इस फिल्म को 8.3 रेटिंग मिली हुई है. इस फिल्म के लास्ट सीन की बराबरी कोई दूसरी हिंदी फिल्म नहीं कर पाई. 2003 में आई ‘तेरे नाम’ में जरूर इसकी झलक देखने को मिलती है.

कमल हासन ने सिर्फ 20 मिनट की कहानी सुनकर हां बोल दिया था. बालू महेंद्र हिंदी में यह फिल्म डिंपल कपाड़िया के साथ बनाना चाहते थे. वो किसी वजह से फिल्म नहीं कर पाई. फिल्म में सिल्क स्मिता भी नजर आई थीं. उनकी यह डेब्यू सीन फिल्म थी. फिल्म के क्लाइमैक्स में जो रेलवे स्टेशन देखने को मिलता है वो केट्टी रेलवे स्टेशन है. लास्ट सीन पूरे पांच दिन में शूट हुआ था. कमल हसन के खंबे से टकराने का सीन भी एक्टर के सजेशन पर ही रखा गया था ताकि फिल्म रियलिस्ट लगे.
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December 08, 2025, 20:51 IST
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43 साल पहले आई वो कल्ट क्लासिक फिल्म, जिसमें दिखी सबसे शॉकिंग एंडिंग



