Rajasthan

सर्दियों में पुष्कर घूमने का बना रहे हैं प्लान? इन जगहों को ट्रिप में जरूर करें शामिल, दिखेगी अनोखी झलक

अजमेर. अगर आप इस सर्दियों में राजस्थान के अजमेर जिला स्थित पुष्कर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह यात्रा केवल ब्रह्मा मंदिर तक ही सीमित नहीं है. अरावली पर्वतमाला से घिरा, पवित्र सरोवर के किनारे बसा यह छोटा सा शहर आध्यात्मिक, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है. दुनिया का एकमात्र प्रमुख ब्रह्मा मंदिर पुष्कर की पहचान है, लेकिन इसके आस-पास छिपे कई छोटे-बड़े आकर्षण आपकी इस यात्रा को और भी यादगार बना देंगे.

सबसे पहले बात करते हैं पुष्कर सरोवर की. सरोवर के बारे में मान्यता है कि स्वयं भगवान ब्रह्मा ने यहां यज्ञ किया था, जिसके कारण सरोवर और इसके आस-पास बने 52 घाट अत्यंत पवित्र माने जाते हैं. सुबह-शाम सरोवर के किनारे की आरती का आध्यात्मिक वातावरण मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है. पर्यटक यहां बैठकर घंटों शांति का अनुभव करते हैं.

ऊंची पहाड़ी पर है सावित्री माता मंदिर

सरोवर से थोड़ी दूरी पर स्थित सावित्री माता मंदिर पुष्कर की ऊंची पहाड़ियों पर बना हुआ है. यहां तक पहुंचने के लिए पैदल ट्रेक और रोपवे दोनों विकल्प उपलब्ध हैं. पहाड़ी की चोटी से शहर और रेगिस्तान का विहंगम दृश्य मन मोह लेता है, विशेषकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का नाजारा अद्भुत होता है.

बेहद खास है पुष्ककर का सैंड आर्ट पार्क

पुष्कर का सैंड आर्ट पार्क उन सभी लोगों के लिए खास है, जो सैंड आर्ट में रुचि रखते हैं और राजस्थान की कला व संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं. सैंड आर्ट पार्क में बनाई जाने वाली कलाकृति पुष्कर के गनेहड़ा गांव के निवासी अजय रावत द्वारा बनाई जाती है. रावत ने कई वर्षों से रेतीले धोरों की इस कला को अपने संघर्ष और उत्साह की बदौलत जिंदा रखा है.

पुष्कर आएं तो रंगीन बाजार का जरूर करें दीदार

पुष्कर का रंगीन बाजार भी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है. तंग गलियों में फैले इस बाजार में राजस्थानी संस्कृति की सच्ची झलक मिलती है. यहां आपको पारंपरिक हस्तशिल्प, चमड़े की मोहराबंधी चीजें, चांदी के आभूषण, रंग-बिरंगी बंधेज और लहरिया की पोशाकें, सुंदर होम डेकोर आयटम और स्थानीय मसाले आसानी से मिल जाते हैं. विदेशी पर्यटकों की पसंद के कारण यहां की कैफे संस्कृति भी बहुत विकसित हो चुकी है, जहां आप इज़राइली, इटैलियन और पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं.

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