Education City Sikar | coaching institute fee rules | coaching fee restrictions | Sikar coaching monitoring | new guidelines for institutes

Last Updated:December 10, 2025, 09:16 IST
Education City Sikar: एजुकेशन सिटी सीकर में कोचिंग संस्थानों पर बड़ा नियम लागू हुआ है. अब कोई भी संस्थान छात्रों से पूरी सालभर की फीस एक साथ नहीं ले सकेगा. प्रशासनिक अधिकारी लगातार पेट्रोलिंग कर नियम पालन करवाएंगे. वहीं ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार किए जाएंगे ताकि कोचिंग क्षेत्र में जाम और अव्यवस्था कम हो सके.
Sikar News: सीकर को NEET-JEE सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए देशभर में एक प्रमुख हब माना जाता है. यहां अब स्टूडेंट्स और अभ्यर्थियों की सुरक्षा और अनुशासन के लिए सख्त मॉनिटरिंग प्रणाली लागू होने वाली है. अब यहां नशे और अपराध जैसी गतिविधियों से स्टूडेंट्स को दूर रखने के उद्देश्य से कोचिंग और हॉस्टल क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी. इसके साथ ही सादा वर्दी में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी नियमित पेट्रोलिंग करेंगे, जिससे किसी भी असामाजिक गतिविधि पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके.

जिला स्तरीय कोचिंग निगरानी समिति की बैठक में कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने संबंधी जरूरी सुझाव दिए गए. विशेष रूप से पिपराली रोड पर शाम के समय तेज रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों पर लगाम लगाने की मांग की गई. इस मीटिंग में शामिल प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि छात्रों की बढ़ती संख्या के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए तथा यातायात नियंत्रण के लिए अतिरिक्त उपाय किए जाएं.

एडीएम रतन कुमार स्वामी की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्थान कोचिंग सेंटर अधिनियम 2025 के तहत कई बड़े निर्णय लिए गए. पहली बार पेरेंट्स और स्टूडेंट्स के हित में ऐसे प्रावधान बनाए गए जो पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाएंगे. बैठक में तय हुआ कि शिक्षा नगरी सीकर में संचालित हर कोचिंग सेंटर को गतिविधियां शुरू करने से पूर्व ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होगा. साथ ही, कोचिंग की हर शाखा को अलग संस्थान मानते हुए उसका भी अलग से रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होगा.
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फीस के मामले इस मीटिंग में बेहद अहम निर्णय लिए गए है. समिति ने निर्देश दिया कि कोई भी कोचिंग संस्थान एक साथ सारी फीस नहीं लेगा. शुल्क केवल चार किस्तों में ही लिया जाएगा और यह कोर्स की अवधि के अनुपात में तय किया जाएगा. यदि कोई विद्यार्थी कोर्स बीच में छोड़ता है, तो 10 दिनों के अंदर कोचिंग संस्थान को अनुपातिक फीस लौटानी होगी. यह पेरेंट्स पर आर्थिक दबाव कम करने में संजीवनी साबित होगा.

स्टूडेंट्स और पेरेंट्स की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक कोचिंग सेंटर में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाना भी अब जरूरी होगा. इसके साथ ही परिसर में शिकायत एवं सुझाव पेटी लगानी होगी ताकि स्टूडेंट्स अपनी बात बेझिझक रख सकें. कोचिंग संस्थानों द्वारा भ्रामक विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. कोचिंग भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना भी आवश्यक कर दी गई है.

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकारी शिक्षक किसी भी निजी कोचिंग सेंटर में पढ़ाने का कार्य नहीं कर सकेंगे. स्टूडेंट्स के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कोचिंग संस्थानों को मनोवैज्ञानिक चिकित्सकों से समय-समय पर काउंसलिंग करवानी होगी. साथ ही हॉस्टल संचालक और फैकल्टी सदस्य द्विमासिक आधार पर बैठकर विद्यार्थियों की समस्याओं पर चर्चा करेंगे और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाएंगे.

कोचिंग संस्थानों की पारदर्शी और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए समिति की बैठक हर दो महीने में आयोजित की जाएगी. इसके अलावा विद्यार्थियों को तनाव मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी करवाया जाएगा. बैठक में जिला परिषद सीईओ, सीओ सिटी, डीटीओ, साक्षरता अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण अधिकारी और कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर अपने सुझाव रखे.
First Published :
December 10, 2025, 09:16 IST
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