smat coach attacked by cricketer कोच के कत्ल की साजिश, सिर पर लगे 20 टांके, कंधा भी टूट गया, मैदान पर हो जाता मर्डर

नई दिल्ली. सोमवार को पुडुचेरी क्रिकेट एसोसिएशन (CAP) उस समय सदमे में आ गया जब उसके अंडर-19 मुख्य कोच एस वेंकटरमन पर कथित तौर पर एसोसिएशन के प्रशिक्षण केंद्र के अंदर तीन स्थानीय क्रिकेटरों ने हमला कर दिया। ये क्रिकेटर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) के लिए चयन न होने से नाराज थे. घटना सुबह करीब 11 बजे इनडोर नेट प्रैक्टिस के दौरान हुई, जिसमें वेंकटरमन के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके लिए 20 टांके लगाने पड़े और उनके कंधे में फ्रैक्चर हो गया.
पुलिस ने सेदारपेट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली है. सब-इंस्पेक्टर एस राजेश ने चोटों की गंभीरता की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी खिलाड़ी फरार हैं और उन्हें ढूंढने के प्रयास जारी है. अपनी पुलिस शिकायत में वेंकटरमन ने कार्तिकेयन जयसुंदरम, ए अरविंदराज और एस संतोष कुमारन को हमलावरों के रूप में नामित किया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तीनों ने भरथिदासन पुडुचेरी क्रिकेटर्स फोरम के सचिव जी चंद्रन के निर्देश पर यह कार्रवाई की.
कोच का कत्ल हो जाता!
कोच वेंकटरमन ने बताकि 8 दिसंबर 2025 को सुबह लगभग 11 बजे, मैं सीएपी परिसर के अंदर बने इनडोर नेट अभ्यास में था, तभी पुडुचेरी के वरिष्ठ क्रिकेटर कार्तिकेयन, अरविंदराज और संतोष कुमारन आए और मुझे गाली देने लगे. उनका कहना था कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टीम में उनके चयन न होने का कारण मैं ही हूँ. अरविंदराज ने मुझे पकड़ रखा था, जबकि कार्तिकेयन ने संतोष कुमारन का बल्ला छीन लिया और मुझे जान से मारने की नीयत से मुझ पर हमला कर दिया. उन्होंने मुझे मारते हुए कहा कि चंद्रन ने उनसे कहा था कि उन्हें मौका तभी मिलेगा जब वे मुझे मार डालेंगे.
भारतीदासन फोरम ने इस आरोप का पुरजोर खंडन करते हुए दावा किया कि वेंकटरमन का स्थानीय खिलाड़ियों के साथ विवादों का पुराना इतिहास रहा है और उन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है. फोरम के अध्यक्ष सेंथिल कुमारन ने कहा कि वेंकटरमन अतीत में विवादों के लिए “कुख्यात” थे और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमले में चंद्रन की कोई भूमिका नहीं थी.सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी की बात करें तो, पुडुचेरी ने एलीट ग्रुप सी में बड़ौदा, बंगाल और हरियाणा जैसी दिग्गज टीमों को हराकर शानदार प्रदर्शन किया. हालांकि, सात मैचों में चार जीत के साथ वे सुपर लीग के लिए क्वालीफाई करने में असफल रहे, जो 12 दिसंबर से शुरू होने वाली है.
पुडुचेरी क्रिकेट पर भ्रष्टाचार के आरोप
यह हिंसक घटना उस जांच के ठीक एक दिन बाद हुई है जिसमें रणजी ट्रॉफी एसोसिएशन (सीएपी) के भीतर लंबे समय से चले आ रहे तनाव का खुलासा हुआ था. इस जांच में यह भी सामने आया कि कैसे स्थानीय खिलाड़ियों को नियमित रूप से दरकिनार किया जाता था, जबकि बाहरी क्रिकेटरों को कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों और आधार कार्ड का इस्तेमाल करके टीम में जगह दिलाई जाती थी.जांच के अनुसार, 2021 से अब तक केवल पांच पुडुचेरी मूल के क्रिकेटरों ने ही रणजी ट्रॉफी का मैच खेला है.व्यापक आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि रिपोर्ट में “गंभीर मुद्दे” उठाए गए हैं जिनकी बोर्ड जांच करेगा हालांकि, सीएपी के सीईओ राजू मेहता ने एसोसिएशन का बचाव करते हुए जोर देकर कहा कि सभी खिलाड़ियों ने पात्रता मानदंडों का पालन किया है और “भ्रष्टाचार के प्रति बिल्कुल भी सहनशीलता नहीं है.



