Barmer Constitution Oath Marriage | Jagdish Saumya Wedding | No Dowry Marriage | Constitutional Oath Couple | Barmer Viral Wedding | Social Message Marriage

Last Updated:December 09, 2025, 11:58 IST
Dowry Free Marriage Rajasthan: बाड़मेर के जगदीश और सौम्या ने अपनी शादी को पूरी तरह अनोखा और प्रेरणादायक बना दिया. दहेज की किसी भी प्रथा को मानने से इनकार करते हुए दोनों ने संविधान की शपथ लेकर जीवनभर साथ चलने का संकल्प लिया. उनकी यह शादी सामाजिक बदलाव और जागरूकता का मजबूत संदेश देती है.
सरहदी बाड़मेर में एक ऐसी शादी हुई है जिसने पूरे इलाके में अनूठी छाप छोड़ी है. दूल्हे जगदीश और दुल्हन सौम्या ने न तो दहेज लिया और न कोई दिखावा किया बल्कि सबको चौंकाते हुए भारतीय संविधान की शपथ लेकर एक-दूसरे के हमसफ़र बने है. हवेली रिसोर्ट में हुई यह अनूठी शादी सादगी, समानता और जागरूकता का ऐसा संगम बनी कि मेहमानों से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह इसकी खूब चर्चा हुई है.

हवेली रिसोर्ट में आयोजित इस विवाह में दूल्हे जगदीश वानर और दुल्हन सौम्या मेघवाल ने पारंपरिक रस्मों के साथ-साथ भारतीय संविधान की शपथ लेकर विवाह बंधन में बंधकर सभी को चौंका दिया है. जगदीश एक MNC कम्पनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है जबकि सौम्या मेघवाल एक्जाम सेतु लिमिटेड के डायरेक्टर है.

दूल्हे जगदीश ने शादी में दहेज लेने से साफ मना कर दिया. पूरा विवाह पूरी तरह सादगी और सामाजिक संदेश के साथ संपन्न हुआ. न दहेज, न अनावश्यक खर्च दोनों परिवारों ने मिलकर दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत संदेश दिया है. समाज में यह शादी ‘मॉडल मैरेज’ की तरह चर्चा में है.
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इतना ही नही इस शादी के साक्षी के रूप में पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, विधायक आदूराम मेघवाल,ड़ॉ प्रियंका चौधरी, पूर्व विधायक तरुण राय कागा,रुपाराम धनदेव, पदमाराम मेघवाल,जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी, पूर्व प्रधान उदाराम मेघवाल, सामाजिक कार्यकर्ता ताराराम मेहना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य, जस्साराम बोस सहित हजारों लोग इस शादी के साक्षी बने है.

दूल्हे के पिता मेहराराम वानर, जोधपुर डिस्कॉम में कार्यरत हैं और दुल्हन के पिता दीपाराम मेघवाल जलदाय विभाग में एक्सईएन हैं. दोनों ने इस सादगीपूर्ण और संदेशपरक विवाह का भरपूर समर्थन किया है. बिना दिखावे, बिना फिजूलखर्ची और बिना किसी सामाजिक दबाव के यह शादी समाज में सकारात्मक परिवर्तन की धारा की तरह देखी जा रही है.

विदेशी धुनों, ऊंचे स्पीकर या भव्य शो-ऑफ से दूर विवाह के दौरान सबसे खास पल वह था जब दूल्हा-दुल्हन ने संविधान के मूल्यों समानता, स्वतंत्रता, सम्मान और बराबरी की शपथ लेकर अपने जीवन की शुरुआत की है. इस दौरान मौजूद मेहमान भी इस अनोखी पहल को देखकर भावुक और प्रभावित नजर आए.

दंपती का कहना है कि उनका मानना है कि शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं बल्कि दो विचारों और मूल्यों का मिलन है और वे इसे संविधान की भावना के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि शादी को यादगार बनाने के लिए यह अनूठी पहल की गई है.
First Published :
December 09, 2025, 11:58 IST
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दहेज को कहा नो! बाड़मेर के दूल्हा–दुल्हन ने शादी में ली संविधान की शपथ



